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छोटी कारों को झटका! नए फ्यूल एमिशन नियमों से खत्म हुई राहत, अब ऑटो कंपनियों की बढ़ेगी चुनौती
भारत सरकार ने नए फ्यूल एमिशन नियमों में छोटी कारों को दी जाने वाली छूट खत्म कर दी है. आइए जानें अप्रैल 2027 से लागू होने वाले नियमों का ऑटो इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा.

प्रतीकात्मक तस्वीर
Source : freepik
भारत सरकार ने आने वाले फ्यूल एफिशिएंसी और एमिशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत अब छोटी कारों को दी जाने वाली प्रस्तावित छूट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी एक सरकारी डॉक्युमेंट से सामने आई है. पहले सितंबर में जारी ड्राफ्ट में 909 किलोग्राम या उससे कम वजन वाली पेट्रोल कारों को नियमों में राहत देने का प्रस्ताव था, लेकिन अब इसे हटा दिया गया है.
क्यों हुआ छूट हटाने का फैसला?
- टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों ने इस छूट का विरोध किया था. उनका कहना था कि इससे सिर्फ एक कंपनी को फायदा मिलेगा. माना जा रहा था कि यह छूट मारुति सुजुकी के पक्ष में जाती, क्योंकि भारत के छोटे कार सेगमेंट में उसका करीब 95 प्रतिशत मार्केट शेयर है. इसी असंतुलन को देखते हुए सरकार ने छोटी कारों के लिए अलग नियम बनाने का विचार छोड़ दिया.
CO2 Emissions पर कड़ा कंट्रोल जरूरी
- परिवहन क्षेत्र भारत की कुल ऊर्जा खपत का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल करता है और यह पेट्रोलियम Import और कार्बन इमिशन का बड़ा कारण है. डॉक्युमेंट के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल्स से होने वाला इमिशन इस सेक्टर के कुल इमिशन का करीब 90 प्रतिशत है. इसी वजह से सरकार CO2 इमिशन को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है.
5 साल के लिए लागू होंगे नए नियम
- कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी यानी CAFE नियम अप्रैल 2027 से लागू होंगे और अगले 5 साल तक प्रभावी रहेंगे. ये नियम 3,500 किलोग्राम से कम वजन वाली सभी यात्री गाड़ियों पर लागू होंगे. हर 5 साल में इन्हें अपडेट किया जाता है, ताकि कंपनियों को इलेक्ट्रिक, CNG और फ्लेक्स-फ्यूल जैसी साफ तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके.
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
- संशोधित योजना के तहत अब भारी गाड़ियों को मिलने वाली राहत भी सीमित कर दी गई है. कंपनियों को अपनी इंटरनल एफिशिएंसी में सुधार करना होगा. नियमों का पालन नहीं करने पर प्रति कार लगभग 550 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. सरकार का लक्ष्य मार्च 2032 तक औसत फ्लीट एमिशन को 114 ग्राम प्रति किमी से घटाकर करीब 100 ग्राम प्रति किमी करना है.
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Source: IOCL


























