कार चलाना हो जाएगा महंगा! देश में फिर बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें क्यों कही जा रही ये बात
भारत में लगभग 260 मिलियन दोपहिया वाहन और करीब 50 मिलियन कारें हैं. ऐसे में अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों वाहन मालिकों की जेब पर पड़ सकता है.

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर दुनिया की सप्लाई चेन पर पड़ रहा है. इसी चिंता को देखते हुए भारत सरकार ने एलपीजी और पेट्रोलियम से जुड़ी सेवाओं पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) लागू कर दिया है. हालांकि अभी देश में एस्मा (ESMA) लागू नहीं किया गया है, लेकिन इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की चर्चा फिर से शुरू हो गई है. आइए विस्तार से जानते हैं.
अगर आने वाले समय में कीमतें बढ़ती हैं, तो कार और बाइक चलाना पहले से ज्यादा महंगा पड़ सकता है. पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि रोजमर्रा की कई चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि जब भी फ्यूल के दाम बढ़ने की खबर आती है, तो लोग इसे लेकर चिंता करने लगते हैं
क्यों बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत ?
दरअसल, पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई चीजों पर निर्भर करती हैं. सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से तेल इंपोर्ट करता है. अगर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो उसका असर भारत में भी देखने को मिलता है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. अगर रुपया कमजोर होता है तो तेल इंपोर्ट करना महंगा पड़ता है, जिससे फ्यूल की कीमत बढ़ सकती है.
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ती है तो इसका असर सिर्फ कार चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहता. इसका प्रभाव ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर भी पड़ता है. जब ट्रांसपोर्ट महंगा होता है तो कई जरूरी चीजों जैसे फल, सब्जी और अन्य सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. इसके अलावा रोजाना कार या बाइक से ऑफिस जाने वाले लोगों का मंथली एक्सपेंस भी बढ़ सकता है. इसलिए फ्यूल की कीमतों में बदलाव आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालता है.
क्या इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ेगा रुझान?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की चर्चा के बीच कई लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ भी ध्यान दे रहे हैं. इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर चलाने का खर्च आमतौर पर पेट्रोल वाहनों से कम माना जाता है. यही वजह है कि सरकार भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है. हालांकि अभी भी कई लोग पेट्रोल और डीजल वाहनों को उनकी लंबी रेंज और आसान फ्यूलिंग के कारण पसंद करते हैं.
Source: IOCL

























