Airbag के अंदर आखिर होता क्या है, जानें कैसे बचती है आपकी जान?
How Car Airbags Work: कार एक्सीडेंट के वक्त पलक झपकते ही कैसे खुलता है एयरबैग. जानिए इसके अंदर छिपे सोडियम एजाइड केमिकल का पूरा सच और कैसे बचती है आपकी जान.

How Car Airbags Work: पहले के समय जब भी कार एक्सीडेंट होता था तो जान बचना बहुत मुश्किल था. लेकिन अब ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कार में एयरबैग की सुविधा लाकर सेफ्टी थोड़ी बढ़ा दी है. मार्केट में मौजूद अब सभी कार में एयरबैग दिया जाता है. क्योंकि सड़क पर गाड़ी चलाते समय कब क्या हो जाए कोई नहीं जानता. इस लिए गाड़ियों में एयरबैग की सुविधा दी गई जिससे एक्सीडेंट के समय यह आपकी जान बचा सके.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सीट बेल्ट और स्टीयरिंग के पीछे छिपे इस छोटे से बैग के अंदर आखिर ऐसा क्या भरा होता है. जो एक्सीडेंट होते ही हवा से भी तेज रफ्तार में फूल जाता है. तो चलिए आज हम इस पर ही चर्चा करेंगे की आख़िरकार गाड़ी का एयरबैग खुलता कैसे है.
एयरबैग के अंदर भरी होती है खास चीज
बता दें कि एयरबैग को लेकर हमारे आस पास कई तरीके की बात सुनने को मिलते हैं. बहुत से लोगों का मानना है कि एयरबैग में हवा भरी होती है लेकिन यह बात बिल्कुल ही गलत है. दरअसल, एयरबैग के अंदर एक खास तरह का सूखा केमिकल भरा होता है जिसे सोडियम एजाइड कहते हैं.
इसके साथ ही बैग के अंदर एक छोटा सा इन्फ्लेटर यानी गैस जनरेटर लगा होता है. जब तक गाड़ी नॉर्मल चलती है यह केमिकल बिल्कुल शांत रहता है. लेकिन जैसे ही गाड़ी किसी चीज से टकराती है इस केमिकल के अंदर एक जोरदार धमाका होता है जिससे नाइट्रोजन गैस बनती है और बैग फूल जाता है.
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कैसे काम करता है पूरा सिस्टम?
आपके दिमाग में यह सवाल भी आता होगा की एयरबैग सिस्टम कैसे काम करता है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि, कार में हर तरफ एडवांस क्रैश सेंसर लगे होते हैं. जब गाड़ी किसी चीज से बहुत तेजी से टकराती है तो ये सेंसर तुरंत खतरे को भांप लेते हैं. सेंसर बिना एक सेकंड भी गंवाए कार के कंप्यूटर को सिग्नल भेजते हैं.
जो एयरबैग के इन्फ्लेटर में एक इलेक्ट्रिक स्पार्क पैदा करता है. यह चिंगारी लगते ही सोडियम एजाइड केमिकल जल उठता है. आग लगते ही यह तेजी से नाइट्रोजन गैस छोड़ता है और आपका एयरबैग मात्र 0.03 सेकंड में पूरी तरह फूलकर आपके सामने आ जाता है.
क्यों पिचक जाता है बैग?
जबकि आपके यह भी देखा होगा की एक्सीडेंट के समय एयरबैग तुरंत एक्टिव हो जाता है लेकिन इसके तुरंत बाद यह बैग पिचक भी जाता है. बता दें कि एयरबैग का कपड़ा नायलॉन का बना होता है और इसके पीछे छोटे-छोटे बारीक छेद होते हैं.
जैसे ही आपका सिर और छाती फूले हुए बैग से टकराती है यह आपकी बॉडी के झटके को सोख लेता है. इसके तुरंत बाद ही इन छेदों के रास्ते नाइट्रोजन गैस तेजी से बाहर निकल जाती है जिससे बैग पिचक जाता है और आपको गाड़ी से बाहर निकलने का पूरा रास्ता मिल जाता है. तो कुल मिलाकर ऐसे एयरबैग काम करता है.
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