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अब चालान काटने के लिए चप्पे-चप्पे पर मिलेगी लोकल पुलिस, आ रहा ये नियम
नई व्यवस्था की जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि कुछ गाड़ी चालक ऐसी जगहों पर ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं, जहां उन्हें ट्रैफिक पुलिस दिखाई नहीं देती. आइए डिटेल जानते हैं.

दिल्ली ट्रैफिक चालान के बदलने जा रहे नियम
Source : PTI
दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों के लिए ट्रैफिक नियमों से जुड़ा एक बड़ा बदलाव आने वाला है.अब तक ई-चालान काटने की जिम्मेदारी मुख्यतौर पर ट्रैफिक पुलिस की थी, लेकिन जल्द ही दिल्ली पुलिस के थानों और दूसरी यूनिट में तैनात लोकल पुलिसकर्मियों को भी यह अधिकार दिया जा सकता है.
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार के पास भेजा गया है. अगर सरकार से हरी झंडी मिलती है तो लोकल पुलिस भी ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले गाड़ी चालकों के खिलाफ ई-चालान जारी कर सकेगी.
किसके पास है ई-चालान काटने का अधिकार?
- फिलहाल दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने पर ई-चालान जारी करने का अधिकार ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के पास है. इसका मतलब है कि अगर कोई गाड़ी चालक रेड लाइट तोड़ता है, बिना हेलमेट बाइक चलाता है या बिना सीट बेल्ट कार चलाता है तो मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है.
- कई जगहों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं होती. ऐसी जगहों पर अगर लोकल पुलिसकर्मी किसी गाड़ी चालक को नियम तोड़ते हुए देखते भी हैं तो मौजूदा व्यवस्था में उनके पास ई-चालान काटने का अधिकार नहीं है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इसी कमी को दूर करने के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

- नई व्यवस्था की जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि कुछ गाड़ी चालक ऐसी जगहों पर ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं, जहां उन्हें ट्रैफिक पुलिस दिखाई नहीं देती. उदाहरण के लिए, किसी रेड लाइट पर ट्रैफिक पुलिस मौजूद हो तो लोग सिग्नल का पालन करते हैं, लेकिन वहां सिर्फ लोकल पुलिसकर्मी तैनात होने पर कुछ चालक नियम तोड़ने से नहीं हिचकते.
- ऐसे गाड़ी चालकों को यह पता होता है कि लोकल पुलिस के पास ई-चालान काटने की पावर नहीं है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह स्थिति बदल सकती है.यानी सड़क पर ट्रैफिक पुलिस नजर नहीं आने का मतलब यह नहीं होगा कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई नहीं होगी.
लोकल पुलिस को क्यों दिया जा रहा है यह अधिकार?
- दिल्ली पुलिस की इस पहल के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य बताए गए हैं. पहला, ट्रैफिक पुलिस पर काम का दबाव कम करना और दूसरा, दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का पालन ज्यादा सख्ती से करवाना.
- अगर थानों और अलग-अलग पुलिस यूनिट में तैनात पुलिसकर्मियों को भी ई-चालान जारी करने की इजाजत मिलती है, तो ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए पुलिस की मौजूदगी ज्यादा जगहों पर हो जाएगी.

किन ट्रैफिक नियमों पर हो सकती है कार्रवाई?
- अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो लोकल पुलिस भी कई सामान्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर कार्रवाई कर सकेगी.इसमें बिना हेलमेट बाइक या स्कूटर चलाना, बिना सीट बेल्ट कार चलाना, ओवरस्पीडिंग और रेड लाइट जंप करना जैसे नियमों का उल्लंघन शामिल हो सकता है.
- इसका सीधा मतलब यह है कि गाड़ी चालक को अब यह देखकर नियम नहीं तोड़ना चाहिए कि सड़क पर ट्रैफिक पुलिस मौजूद है या नहीं. अगर लोकल पुलिसकर्मी की नजर में नियमों का उल्लंघन आता है और नई व्यवस्था लागू हो चुकी है, तो वह भी कार्रवाई कर सकता है.
ई-चालान सीधे वाहन मालिक तक पहुंचेगा
- नई प्रक्रिया में गाड़ी को मौके पर रोकना हर मामले में जरूरी नहीं होगा. प्रस्ताव के मुताबिक, लोकल पुलिसकर्मी नियम तोड़ने वाली गाड़ी की फोटो लेकर उसे ई-चालान सिस्टम पर अपलोड कर सकता है. गाड़ी नंबर के आधार पर मालिक की जानकारी सिस्टम में सामने आएगी और चालान उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पते पर भेजा जा सकेगा.
- इस तरह डिजिटल सिस्टम के जरिए कार्रवाई को आसान और ज्यादा व्यापक बनाने की कोशिश की जा रही है. इससे पुलिस के पास ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिल सकती है.
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