चालान कटने के बाद कितने दिन में भरना जरूरी? देर हुई तो देना पड़ सकता है ज्यादा पैसा
Traffic Challan Payment Time Limit: ट्रैफिक चालान कटने के बाद उसे कितने दिनों में भरना जरूरी है जानिए 45 से 60 दिनों की समय सीमा और लेट होने पर कोर्ट के नोटिस व भारी जुर्माने से जुड़े सभी नियम.

Traffic Challan Payment Time Limit: भारत में पहले लोग बिना किसी डर के रोड पर कार और बाइक लेकर निकलते थे. क्योंकि, पहले ट्रैफिक पुलिस चालान काटती थी और लोग पुलिस को देखते ही गाड़ी मुड़ा लेते थे. लेकिन अब सिस्टम पूरी तरह बदल चुका है और अब हर जगह सड़कों पर एआई कैमरे पलक झपकते ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का ऑनलाइन ई-चालान काट देते हैं. जिसके चलत अब गलती करने पर चालान कटने से बचना मुश्किल हो गया है.
हालांकि, अब लोग ई-चालान कटने के बाद उसे पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं या सोचते हैं कि इसे बाद में आराम से भर देंगे. बता दें कि, अगर आप भी ऐसी गलती कर रहें तो थोड़ा सतर्क हो जाइए. क्योंकि हर चालान भरने की एक तय समय सीमा होती है जिसे पार करने के बाद आपको अपने जेब से ज्यादा पैसे भरने पड़ सकते हैं. तो चलिए जानतें हैं कि, चालान कटने के बाद उसे कितने दिनों के भीतर भरना जरूरी है और देरी होने पर कितना एक्स्ट्रा पैसा देना पड़ता है.
इतने दिनों की होती है समय सीमा
आपको बता दें कि, सभी राज्यों के नियमों के मुताबिक ई-चालान का भरने के लिए 60 दिनों का समय दिया जाता है. लेकिन अब ट्रैफिक व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए सरकार नए नियम ला रही हैं. क्योंकि, दिल्ली में अब 45-दिनों का नियम लागू हो चुका है.
जिसके तहत आपको चालान कटने के 45 दिनों के भीतर या तो जुर्माना भरना होगा या फिर चालान के खिलाफ अपील करनी होगी. तय समय सीमा के भीतर आप परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बेहद आसानी से ऑनलाइन चालान का पेमेंट कर सकते हैं.
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चालान न भरने पर कोर्ट पहुंच जाता है मामला
जानकारी के लिए आपको बता दें कि, अगर आप तय दिनों के भीतर अपना ई-चालान नहीं भरते हैं तो ट्रैफिक विभाग इसे आपकी लापरवाही मानता है. इसके बाद यह चालान ऑनलाइन पोर्टल से हटकर सीधे वर्चुअल कोर्ट में भेज दिया जाता है.
एक बार मामला कोर्ट में जाने के बाद आप सामान्य तरीके से ऑनलाइन जुर्माना नहीं भर सकते. इसके बाद आपके पास कोर्ट से नोटिस या समन आता है और आपको अपनी बेगुनाही साबित करने या जुर्माना भरने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं. जिससे आपका समय और पैसे दोनों बर्बाद होते हैं.
देरी करने पर बढ़ जाता है जुर्माना
सबके मन में यही सवाल आता है कि समय से चालान न भरने पर पैसे बढ़ जाते हैं क्या तो आपको बता दें वैसे तो चालान की मूल राशि समान रहती है लेकिन अगर मामला कोर्ट में जाता है तो जज आपकी गलती की गंभीरता को देखते हुए जुर्माना राशि को बढ़ा भी सकते हैं. इसके अलावा लंबे समय तक चालान पेंडिंग रखने पर परिवहन विभाग आपके वाहन को ब्लैकलिस्ट कैटेगरी में डाल देता है.
इसका मतलब यह है कि आप अपनी गाड़ी का इंश्योरेंस रिन्यू नहीं करा पाएंगे गाड़ी किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं होगी और आरटीओ से जुड़े आपके सारे काम ब्लॉक हो जाएंगे. तो इसलिए अगर अब आगे से आपका चालान होता है तो तुरंत उसे भर दें.
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