बांकीपुर उपचुनाव: अब BJP प्रत्याशी नीरज सिन्हा का रद्द होगा नामांकन? कोर्ट जा रही RJD, जानें मामला
Bankipur By-Poll: आरजेडी ने बीजेपी के प्रत्याशी नीरज की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया है. पूछा है कि 2012 में मैट्रिक की परीक्षा दी तो आगे इंटर 2015, 16, 18, आखिर कब किया?

बांकीपुर (Bankipur) से बीजेपी के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा (Neeraj Kumar Sinha) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. आरजेडी ने कोर्ट जाने की बात कही है. इसके पीछे की वजह नीरज कुमार की शैक्षणिक योग्यता है. आरजेडी के नेता मुकेश रोशन ने सवाल उठाया है कि नीरज कुमार सिन्हा ने मैट्रिक के बाद सीधे ग्रेजुएशन कैसे कर लिया? इस नॉमिनेशन के खिलाफ उन्होंने कोर्ट जाने की बात कही है.
मुकेश रोशन के इस बयान के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या हलफनामा में इंटर की जानकारी नहीं देने से बीजेपी प्रत्याशी नीरज सिन्हा का नामांकन रद्द हो सकता है? मुकेश रोशन ने कहा कि पहले हम लोग पकड़ौआ विवाह सुनते थे, अब पकड़ौआ उम्मीदवार भी हम लोगों के सामने है. आप बीजेपी में हैं तो मैट्रिक के बाद सीधे ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाएगी.
नामांकन रद्द होना चाहिए: मुकेश रोशन
मुकेश रोशन ने आगे कहा कि ये उम्मीदवार जिसे बीजेपी ने पकड़कर लाया है कहीं न कहीं फर्जी डिग्रीधारी है. इसकी जांच होनी चाहिए. इसका नामांकन रद्द होना चाहिए. मेरा सवाल है कि अगर 2012 में आपने मैट्रिक की परीक्षा दी तो आगे इंटर 2015, 16, 18, आखिर कब किया? इसका जवाब देना चाहिए. हम लोग न्यायालय की तरफ रुख करेंगे.
बीजेपी प्रत्याशी को घेरते हुए मुकेश रोशन ने कहा, "हद तो तब हो गई जब नीरज सिन्हा ने ये कहा कि उन्होंने नितिन नवीन को जिताया. ठीक है आप उनसे (नितिन नवीन) भी बड़े हैं..."
जानकारी हो कि नीरज कुमार ने अपने नामांकन में जो जानकारी दी है उसके अनुसार उन्होंने यह बताया है कि 2012 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा दी है. 2024 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी हुई है. उन्होंने प्लस टू यानी इंटर के बारे में कोई जिक्र ही नहीं किया है.
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वीणा मानवी का रद्द हो चुका है नामांकन
बता दें कि एक लापरवाही के चलते तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो चुका है. वीणा मानवी के नामांकन पत्र में 10 प्रस्तावकों (प्रपोजर) का हस्ताक्षर होना चाहिए था जबकि नामांकन पत्र में केवल 9 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर पाए गए. इसलिए नामांकन अवैध घोषित हो गया था.
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