कारों में किन जानवरों का चमड़ा किया जाता है इस्तेमाल? जानें सबकुछ
Leather Is Used In Cars: अक्सर आपने भी सुना होगा कि कार की सीट और लक्जरी दिखाने के लिए जानवरों के चमड़े का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन आखिर किन जानवरों के चमड़े का इस्तेमाल होता है.

Leather Is Used In Cars: लग्जरी कारों की सीटें हों या स्टीयरिंग व्हील, चमड़े की फिनिशिंग देखते ही प्रीमियम फील आ जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गाड़ियों में लगने वाला यह चमड़ा आखिर आता कहां से है. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ एक फैंसी मटीरियल है, लेकिन असल में यह जानवरों की खाल से बनकर आता है. आइए जानते हैं कि कार इंडस्ट्री में किन जानवरों का चमड़ा इस्तेमाल होता है और इसका पूरा प्रोसेस क्या है.
गाय और बैल का चमड़ा है सबसे आम
कार सीटों में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर चमड़ा गाय और बैल से आता है. यह मीट इंडस्ट्री का बाय-प्रोडक्ट होता है, यानी जानवरों को मांस के लिए काटा जाता है और बचने वाली खाल को टैनिंग प्रोसेस से गुजारकर चमड़े में बदल दिया जाता है. ऑटो इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली खाल आम चमड़े से अलग होती है, क्योंकि इसे कई सालों तक टिकने वाला, दाग-धब्बों और धूप से खराब न होने वाला और बार-बार इस्तेमाल के बावजूद खराब न होने वाला बनाया जाता है.
दिलचस्प बात यह है कि कार कंपनियां आमतौर पर उन गायों की खाल पसंद करती हैं जो ठंडे और उत्तरी इलाकों में पाली जाती हैं. इसकी वजह यह है कि वहां की गायों की त्वचा मोटी होती है और कीड़े-मकौड़ों के काटने से होने वाले निशान भी कम होते हैं, जिससे चमड़े की क्वालिटी बेहतर रहती है.
भेड़ और बकरी का चमड़ा भी होता है इस्तेमाल
गाय के अलावा कुछ कारों में भेड़ और बकरी की खाल से बना चमड़ा भी इस्तेमाल होता है. भेड़ की खाल से बनने वाला लैम्ब नापा लेदर काफी सॉफ्ट और मुलायम होता है, इसलिए इसे कई बार प्रीमियम कारों के इंटीरियर में इस्तेमाल किया जाता है. भैंस की खाल का इस्तेमाल सस्ते या मीडियम रेंज के लेदर प्रोडक्ट्स बनाने में भी होता है.
असली चमड़े की जगह अब बढ़ रहा है सिंथेटिक लेदर
पिछले कुछ सालों में कई कार कंपनियां असली चमड़े की जगह सिंथेटिक लेदर का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं. यह मटीरियल पॉलीयूरेथेन या पीवीसी से बनाया जाता है और देखने में बिल्कुल असली चमड़े जैसा लगता है. मर्सिडीज-बेंज का एमबी-टेक्स इसका जाना पहचाना उदाहरण है, क्योंकि सिंथेटिक लेदर सस्ता होता है, इसे साफ करना आसान होता है और पर्यावरण के लिहाज से भी इसे बेहतर माना जाता है. यही वजह है कि आजकल कई कारों की सीटें, स्टीयरिंग व्हील और गियर नॉब में असली की बजाय नकली लेदर लगाया जा रहा है.
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लग्जरी कारों में अलग तरह का चमड़ा
आम कारों में ज्यादातर करेक्टेड ग्रेन लेदर इस्तेमाल होता है, जिसे क्रोम टैनिंग के बाद पॉलिश किया जाता है ताकि उस पर मौजूद निशान छिप जाएं. वहीं लग्जरी सेगमेंट की गाड़ियों में फुल-ग्रेन या नुबक लेदर पसंद किया जाता है, जो ज्यादा नेचुरल दिखता है और महंगा भी होता है. स्टीयरिंग व्हील जैसी जगहों पर, जहां बार-बार हाथ लगता है, वहां आमतौर पर बोविन नापा यानी गाय के चमड़े की खास किस्म इस्तेमाल की जाती है.
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