CAFE-III का असर! क्या महंगी होंगी पेट्रोल-डीजल कारें? जानें क्यों कही जा रही ये बात
CAFE-III नियम का असर सीधे कार बाजार और ग्राहकों पर पड़ेगा. जहां एक तरफ कारें महंगी हो सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ यह नियम भविष्य के लिए बेहतर और साफ पर्यावरण बनाने में मदद करेगा.

भारत सरकार अब कार कंपनियों के लिए नए और सख्त नियम लाने जा रही है, जिसे CAFE-III कहा जाता है. CAFE का मतलब है Corporate Average Fuel Efficiency यानी कंपनियों को अपनी सभी गाड़ियों का एक औसत माइलेज बनाए रखना होगा. सरकार हर कंपनी के लिए एक तय माइलेज लक्ष्य देती है. अगर कोई कंपनी इस लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाती, तो उसे जुर्माना देना पड़ता है. अब 2027 से CAFE-III लागू करने की तैयारी है, जो पहले से ज्यादा सख्त होगा. इसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों को ज्यादा माइलेज देने वाला बनाना होगा.
कारों की कीमत क्यों बढ़ सकती है?
CAFE-III लागू होने के बाद कंपनियों को अपनी कारों में बड़े बदलाव करने पड़ेंगे. उन्हें इंजन को ज्यादा बेहतर बनाना होगा, गाड़ी का वजन कम करना होगा और नई टेक्नोलॉजी जोड़नी होगी. इन सब बदलावों में कंपनियों का खर्च बढ़ेगा. जब खर्च बढ़ेगा, तो उसका असर कार की कीमत पर भी पड़ेगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई गाड़ियां करीब 5% से 10% तक महंगी हो सकती हैं. यानी अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आने वाले समय में आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.
हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को मिलेगा बढ़ावा
CAFE-III का एक बड़ा असर यह भी होगा कि कंपनियां अब पारंपरिक पेट्रोल-डीजल इंजन से हटकर नई टेक्नोलॉजी पर ज्यादा ध्यान देंगी. खासकर हाइब्रिड गाड़ियों की डिमांड बढ़ सकती है, क्योंकि इनमें इंजन और बैटरी दोनों होते हैं और ये ज्यादा माइलेज देती हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि वे प्रदूषण कम करते हैं और फ्यूल की जरूरत नहीं होती. आने वाले समय में बाजार में हाइब्रिड और EV गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है.
क्या छोटी कंपनियों पर पड़ेगा असर?
ये नियम बड़ी कंपनियों के लिए तो संभालना आसान हो सकता है, लेकिन छोटी कंपनियों के लिए यह चुनौती बन सकता है. नई टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए ज्यादा निवेश की जरूरत होती है, जो छोटी कंपनियों के लिए मुश्किल हो सकता है. इसी वजह से कुछ कंपनियां सरकार से मांग कर रही हैं कि इस नियम को धीरे-धीरे लागू किया जाए, ताकि उन्हें समय मिल सके.
क्या आपको चिंता करनी चाहिए?
अगर आप एक आम ग्राहक हैं, तो शुरुआत में आपको कीमत बढ़ने की वजह से थोड़ा असर जरूर महसूस हो सकता है. लेकिन लंबे समय में यह नियम फायदेमंद साबित होगा. ज्यादा माइलेज वाली गाड़ियां आपके फ्यूल खर्च को कम करेंगी और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा. फिलहाल, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से हाइब्रिड गाड़ियां एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आ रही हैं.
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Source: IOCL























