गाड़ी के सस्पेंशन को कर रहे नजरअंदाज तो जेब ढीली करने के लिए हो जाएं तैयार, ऐसे कर सकते हैं जांच
Car Suspension System: सस्पेंशन से जुड़ी आवाजें कभी भी मामूली नहीं होतीं. ये आने वाली बड़ी खराबी का संकेत हो सकती हैं. ऐसे में बड़े खर्च से बचने के लिए आपको इन चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

अगर आपकी गाड़ी खराब सड़क, स्पीड ब्रेकर या गड्ढों से गुजरने के बाद अजीब आवाजें करती है तो यह एक छोटी समस्या नहीं बल्कि बड़े खर्च का संकेत हो सकती है. अक्सर लोग इन आवाजों को नजरअंदाज कर देते हैं या बिना सही जांच किए अंदाजे से पार्ट बदलवा लेते हैं. इससे पैसे ज्यादा खर्च होने के साथ ही समस्या भी पूरी तरह ठीक नहीं होती है. इसलिए जरूरी है कि सस्पेंशन सिस्टम को समझकर सही तरीके से उसकी जांच की जाए. ऐसे में आपको इससे जुड़े कुछ जरूरी टिप्स के बारे जानना चाहिए.
स्टेबलाइजर लिंक रोड
स्टेबलाइजर लिंक रॉड सस्पेंशन का वह हिस्सा होता है जो गाड़ी को बैलेंस करने में मदद करता है, खासकर जब गाड़ी खराब रास्तों पर चलती है. अगर गड्ढों से गुजरते समय ‘खट-खट’ की आवाज आती है, तो ज्यादातर मामलों में यही पार्ट खराब होता है. इसे चेक करने के लिए गाड़ी को जैक पर उठाना जरूरी है. इसके बाद लिंक रॉड को हाथ से पकड़कर हिलाएं. अगर इसमें हल्का सा भी ढीलापन महसूस हो तो समझ लीजिए यह खराब हो चुका है। आमतौर पर इसका कारण इसका रबर बूट फटना होता है, जिससे अंदर ग्रीस निकल जाती है और पार्ट जल्दी घिस जाता है. अच्छी बात यह है कि इसका विजुअल चेक आप घर पर भी आसानी से कर सकते हैं.
लोअर आर्म बुश
इसके बाद लोअर आर्म बुश सस्पेंशन सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है. यह रबर का बना होता है और गाड़ी के झटकों को सोखने का काम करता है. खराब सड़क पर ज्यादा चलने से यह बुश फट सकता है या अपनी जगह से ढीला हो सकता है. इसे जांचने के लिए किसी मजबूत लोहे की रॉड का इस्तेमाल करें और बुश को हल्का दबाकर या हिलाकर देखें. अगर रबर में क्रैक है या वह अपनी जगह से ज्यादा हिल रहा है तो यह खराब हो चुका है. खराब लोअर आर्म बुश होने पर गाड़ी का व्हील एलाइनमेंट कभी सही नहीं रहेगा, जिससे टायर आसान तरीके से घिसने लगते हैं और ड्राइविंग भी अस्थिर हो जाती है.
शॉक एब्जॉर्बर
तीसरा जरूरी पार्ट शॉक एब्जॉर्बर है. यह गाड़ी के झटकों को कंट्रोल करता है और सवारी को स्मूद बनाता है. इसकी जांच करना भी बहुत जरूरी है. सबसे पहले इसके ऊपर ध्यान से देखें कि कहीं ऑयल लीकेज तो नहीं हो रहा. अगर शॉक एब्जॉर्बर की बॉडी पर तेल नजर आता है तो यह साफ संकेत है कि यह खराब हो चुका है और इसे बदलना पड़ेगा. लेकिन कई बार बाहर से सब ठीक दिखता है, फिर भी गाड़ी गड्ढों पर ज्यादा उछलती है या एक-दो बार की बजाय बार-बार उछलती रहती है. इसका मतलब है कि अंदर का वाल्व या डैम्पिंग सिस्टम कमजोर हो गया है. ऐसे में भी इसे बदलना ही सही ऑप्शन होता है.
स्ट्रट माउंट और बेयरिंग की जांच
इसके बाद स्ट्रट माउंट और बेयरिंग की जांच करनी चाहिए. यह हिस्सा सस्पेंशन के ऊपरी हिस्से में होता है और गाड़ी को मोड़ते समय बड़ी भूमिका निभाता है. अगर स्टीयरिंग घुमाते समय ‘चर-चर’ की आवाज आती है, तो यह संकेत है कि स्ट्रट माउंट की बेयरिंग जाम हो रही है या खराब हो चुकी है. इसे चेक करने के लिए कार का बोनट खोलें और ऊपर लगे माउंट रबर को ध्यान से देखें. अगर उसमें दरारें हैं, रबर सख्त हो गई है तो इसे बदलना जरूरी है. यह पार्ट गाड़ी के ऊपरी झटकों को संभालता है.
स्टेयरिंग टाई-रॉड एंड्स की जांच
स्टेयरिंग टाई-रॉड एंड्स की जांच भी बेहद जरूरी होती है, क्योंकि यह सीधे स्टीयरिंग कंट्रोल से जुड़ा होता है. अगर खराब सड़क के बाद स्टीयरिंग में कंपन महसूस होता है, गाड़ी सीधी नहीं चलती या तो यह टाई-रॉड के खराब होने का संकेत है. इसे चेक करने के लिए गाड़ी को जैक पर उठाएं और टायर को दोनों तरफ से पकड़कर हिलाएं.
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Source: IOCL


























