Mango City Of India: लखनऊ या पटना नहीं, बल्कि ये है भारत का असली 'आमों का शहर'! गर्मियों में जरूर बनाएं यहां का प्लान
Mango Growing Regions India: यह खास पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले को मिली है, जिसे सही मायनों में "आमों का शहर" कहा जाता है. जैसे ही गर्मियों का मौसम आता है यह स्वर्ग बन जाता है.

Why Malda Is Called Mango City Of India: अगर आपको लगता है कि लखनऊ या पटना को "आमों का शहर" कहा जाता है, तो यह पूरी तरह सही नहीं है. यह खास पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले को मिली है, जिसे सही मायनों में "आमों का शहर" कहा जाता है. जैसे ही गर्मियों का मौसम आता है, खासकर मई के महीने में, मालदा एक तरह से आमों का स्वर्ग बन जाता है. यहां कदम रखते ही पकते हुए आमों की खुशबू माहौल में घुल जाती है, जो हर आने वाले को अपनी ओर खींच लेती है.
मालदा आम की खासियत
मालदा सिर्फ आम की मात्रा के लिए नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और विरासत के लिए भी जाना जाता हैय यहां फजली, हिमसागर और लक्ष्मणभोग जैसे मशहूर किस्म के आम पैदा होते हैं, जिनकी मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक रहती है. फजली आम अपने बड़े आकार और रसीले स्वाद के लिए खास पहचान रखता है.
यहां के आम इतने खास क्यों होते हैं
अब सवाल आता है कि आखिर मालदा के आम इतने खास क्यों होते हैं? इसका जवाब है यहां की उपजाऊ दोमट मिट्टी और नम जलवायु, जो आम की खेती के लिए बिल्कुल अनुकूल है. इसके साथ ही, पीढ़ियों से जुड़े किसान अपनी पारंपरिक तकनीकों से इन बागानों को और बेहतर बनाते आए हैं. यहां आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि लोगों की आजीविका और सांस्कृतिक पहचान भी है.
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मालदा घूमने का सीजन
अगर आप मालदा घूमने का सोच रहे हैं, तो मई का महीना सबसे अच्छा माना जाता है. इसी समय आम की फसल तैयार होती है और पूरा इलाका गतिविधियों से भर जाता है. खेतों में काम करते लोग, आम तोड़ते मजदूर और उन्हें छांटकर भेजने की तैयारी, ये सब देखने लायक होता है. यात्रियों के लिए यह अनुभव किसी सपने से कम नहीं होता. चारों तरफ आम की खुशबू और सड़कों पर लगे ताजे फलों के ढेर एक अलग ही माहौल बनाते हैं. यहां का सफर सामान्य घूमने-फिरने से अलग होता है, क्योंकि आपको यहां खेती और असली ग्रामीण जीवन को करीब से देखने का मौका मिलता है. कई लोग अपने सफर में यहां के बागानों को शामिल करते हैं, जहां पेड़ से आम तोड़कर सीधे चखने का अनुभव मिलता है.
कैसे पहुंच सकते हैं यहां?
मालदा पहुंचना भी आसान है। रेल मार्ग से यह कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है और कोलकाता से यहां पहुंचने में लगभग छह से सात घंटे लगते हैं. हवाई मार्ग के लिए नजदीकी हवाई अड्डा कोलकाता में है, जबकि सड़क मार्ग से भी यात्रा काफी सुगम है.
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