100 Octane पेट्रोल से क्या गाड़ी की परफॉर्मेंस और माइलेज बढ़ जाता है? जानिए फ्यूल की खासियत
100 Octane Petrol: ऑक्टेन रेटिंग पेट्रोल की क्वालिटी को मापने का एक तरीका है, जिसके जरिये ये पता चलता है कि पेट्रोल इंजन के अंदर जलते समय कितने बेहतर ढंग से काम करेगा? आइए डिटेल्स जानते हैं.

दिल्ली में 100 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 1 अप्रैल 2026 से 11 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी गई है. अब इस प्रीमियम फ्यूल की कीमत 149 रुपये से 160 रुपये प्रति लीटर तक कर दी गई है. इससे पहले 95 ऑक्टेन पेट्रोल के दाम में भी 2.35 रुपये तक का इजाफा किया गया है. हालांकि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अब कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर यह किस तरह का पेट्रोल होता है और क्या गाड़ी में इस्तेमाल करने के बाद माइलेज बढ़ाया जा सकता है?
किन गाड़ियों में इस्तेमाल होता है 100 ऑक्टेन पेट्रोल?
पेट्रोल में हाई-ऑक्टेन और लॉ-ऑक्टेन दो तरह के टर्म्स देखने को मिलते हैं. ऑक्टेन रेटिंग पेट्रोल की क्वालिटी को मापने का एक तरीका है, जिसके जरिये ये पता चलता है कि पेट्रोल इंजन के अंदर जलते समय कितने बेहतर ढंग से काम करेगा और नॉकिंग की समस्या से कितना बचाएगा. पेट्रोल अगर स्मूद तरीके से न जले तो इंजन में हल्के धमाके जैसे होते हैं. ये नॉकिंग ही इंजन को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में ऑक्टेन रेटिंग के हिसाब से पेट्रोल की क्वालिटी को मापा जाता है. 95 या 100 ऑक्टेन पेट्रोल हाई परफॉर्मेंस गाड़ियों और स्पोर्ट्स बाइक के लिए बेहतर माना जाता है.
इंजन की पावर को बढ़ाता है ये फ्यूल
भारत में ऑक्टेन पेट्रोल को अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इंडियन ऑयल 100 ऑक्टेन पेट्रोल को XP 100 के नाम से बेचती और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इसको Power100 के नाम से बेचती है. इंडियन ऑयल की ओर से बेचे जाने वाले XP100 प्रीमियम पेट्रोल को लग्जरी कारों और हाई परफॉर्मेंस बाइक्स के लिए बनाया जाता है. यह फ्यूल इंजन की पावर बढ़ाता है और माइलेज भी बेहतर करता है.
नॉक क्वालिटी ज्यादा होने के चलते इसका इंजन स्मूद चलता है और इसकी लाइफ भी बढ़ती है. इसके साथ ही यह कम कार्बन उत्सर्जन करता है, जिससे पर्यावरण को भी कम नुकसान होता है. वहीं इंडियन ऑयल के मुताबिक, XP100 यूज करने से गाड़ियों को तेज स्पीड पकड़ने में मदद मिलती है, जिससे ड्राइविंग ज्यादा स्मूद होती है. यह इंजन में जमा गंदगी को कम करन के साथ मेंटेनेंस कॉस्ट को भी कम करता है. अगर आप नॉर्मल गाड़ियों में इस फ्यूल का इस्तेमाल करेंगे तो इंजन को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि गाड़ी को बेहतर माइलेज मिलेगा. हालांकि इसका फायदा हाई-परफॉर्मेंस इंजन में ही मिलता है.
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Source: IOCL


























