Shani Sadesati: शनि की साढ़ेसाती क्या होती है, आखिर क्यों नाम सुनते ही डर जाते हैं लोग
Shani Ki Sadesati: ‘शनि की साढ़ेसाती’ का नाम सुनते ही लोग डर जाते है. लेकिन क्या सच में शनि की साढ़ेसाती से डरने की जरूरत है. आइए जानते हैं आखिर क्या है शनि साढ़ेसाती और क्यों इससे भय रखते हैं लोग.

Shani Ki Sadesati: शनि ग्रह को ज्योतिष में महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है, जो दंड भी देते हैं और कल्याण भी करते हैं. इसलिए इन्हें कर्मफलदाता कहा जाता है. यानी जैसा कर्म वैसा फल देने वाले देवता. बात करें अगर साढ़ेसाती की तो, इसका नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं. खासकर जिनकी राशि में साढ़ेसाती चलती है, वह यह सोचकर चितिंत भी रहते हैं कि, जब तक साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा, तब तक उनके जीवन में समस्याएं, परेशानियां और असफलताएं बनी रहेंगी, लेकिन ऐसा नहीं है.
साढ़ेसाती के चरण से हर व्यक्ति को जीवन में एक ना एक बार जरूर गुजरना पड़ता है. कोई भी व्यक्ति इससे बच नहीं सकता. साढ़ेसाती डरने नहीं बल्कि सीखने, संभलने और सुधरने का अवसर प्रदान करती है. आइए जानते हैं विस्तार से कि आखिर शनि की साढ़ेसाती क्या होती है, किन राशियों पर चल रही साढ़ेसाती और इसके अशुभ प्रभाव से कैसे बचें.
शनि की साढ़ेसाती क्या है? (What is Shani Sadesati)
शनि की साढ़ेसाती एक ऐसा समय होता है जब शनि ग्रह किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली के चंद्र राशि (Moon Sign) से एक राशि पहले, उसी राशि में और एक राशि बाद तक घूमते हैं. शनि की साढ़ेसाती की कुल अवधि साढ़े सात वर्षों होती है, जोकि ढाई-ढाई साल के तीन चरणों में होती है. इसे ही साढ़ेसाती कहा जाता है.
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, जब कुंडली में शनि 12वें, पहले और दूसरे भाव में हो या फिर जन्म के समय शनि चंद्र के ऊपर होते हुए निकले तो उसे शनि की साढ़ेसाती कहते हैं.
किन राशियों पर चल रही है साढ़ेसाती
वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है. कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है, मीन राशि पर दूसरा और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण है.
शनि की साढ़ेसाती से किन्हें डरने की जरूरत
जब किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही हो तो उन्हें इससे डरने की जरूरत नहीं है. क्योंकि यह जरूरी नहीं कि साढ़ेसाती से हमेशा की अशुभ फल मिले. यह व्यक्ति के कर्म और कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करता है कि, साढ़ेसाती आपके लिए शुभ फलदायी रहेगी या अशुभ. लेकिन जब साढ़ेसाती चल रही हो तो व्यक्ति को काफी सतर्क रहने की जरूरत रहती है, क्योंकि यह ऐसा समय होता है, जब शनि देव आपके कर्मों का हिसाब करते हैं और उसी अनुरूप फल देते हैं.
साढ़ेसाती के दौरान शनि व्यक्ति की परीक्षा लेते हैं. लेकिन मेहनती और ईमानदार लोगों को ऊंचाई तक पहुंचा देते हैं. अगर कर्म सही नहीं हैं, तो कठिनाइयां आ सकती हैं. लेकिन इसके बावजूद व्यक्ति को सुधार का अवसर भी मिलता है.
साढ़ेसाती के उपाय
- शनिवार के दिन शनि देव, शिव भगवान, हनुमान जी और पीपल वृक्ष की पूजा करें.
- शनिवार को काले तिल का दान करे और सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
- हनुमान चालीसा और शनि स्तोत्र पढ़ें,
- गरीबों की सेवा करें, पशु-पक्षियों को भोजन कराएं और कर्मों में सत्य व निष्ठा रखें.
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