एक्सप्लोरर

Weather Prediction: सितंबर में फिर बिगड़ेगा मौसम? मंगल-शनि दे रहे भारी बारिश के संकेत

Weather Prediction September 2026: सितंबर में कहां भारी बारिश हो सकती है? जानिए IMD के ताजा अनुमान और भारत की कुंडली में मंगल, शनि, गुरु व राहु के ज्योतिषीय संकेत.

Weather: सितंबर आते ही मानसून विदा नहीं होता. यह महीना बारिश के आखिरी दौर, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम और अचानक बदलते मौसम के लिए जाना जाता है. इस बार भी तस्वीर सीधी नहीं दिख रही. कहीं बारिश कमजोर पड़ सकती है तो कहीं कुछ ही घंटों में भारी पानी मुश्किल बढ़ा सकता है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD का ताजा अनुमान भी पूरे देश में एक जैसी बारिश की बात नहीं कहता. 27 अगस्त से 9 सितंबर तक के पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जताई गई है.

वहीं प्रायद्वीपीय भारत में सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश कमजोर रह सकती है. यानी खतरा लगातार देशव्यापी बारिश का नहीं, बल्कि कुछ इलाकों में अचानक तेज बारिश का है.

ज्योतिषीय गणना भी सितंबर में मौसम के इसी असमान मिजाज की ओर इशारा कर रही है.

यह भी पढ़ें- Nepal Flood 2026: सितंबर में फिर उफन सकती हैं हिमालयी नदियां?

सितंबर की शुरुआत में क्या होगा?

1 सितंबर को मंगल मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में रहेगा, जबकि शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में होगा. मौसम ज्योतिष में आर्द्रा नक्षत्र को तेज हवा, गरज, बिजली और अचानक बनने वाले बादलों से जोड़कर देखा जाता है. मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है. आर्द्रा जैसे तीखे नक्षत्र में उसका गोचर मौसम को अस्थिर बना सकता है.

दूसरी ओर शनि जल तत्व की मीन राशि में वक्री चल रहा है. शनि की गति धीमी है. इसलिए इसका प्रभाव किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहता. मीन राशि समुद्र, नमी, बादल और जल के फैलाव की प्रतीक मानी जाती है.

जब अग्नि प्रधान मंगल और जल राशि में बैठा वक्री शनि तनावपूर्ण संबंध बनाते हैं, तब तेज हवा के साथ बारिश, बादलों का लंबे समय तक टिकना और कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा जैसी स्थितियां देखी जाती हैं. इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरे सितंबर लगातार बारिश होगी. संकेत रुक-रुककर बनने वाले तेज दौर के हैं.

यह भी पढ़ें- सितंबर में दाल-तेल से दूध तक क्या होगा महंगा? कमजोर मानसून के बीच कुंडली ने बढ़ाई चिंता

पहले सप्ताह में इन क्षेत्रों पर नजर

IMD के ताजा विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर की शुरुआत में पूर्व और पूर्वोत्तर भारत अधिक संवेदनशील रह सकते हैं. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी स्थानीय स्तर पर तेज बारिश का दौर दिखाई दे सकता है.

उत्तर-पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए बारिश केवल राहत का विषय नहीं है. पहाड़ी इलाकों में कम समय में ज्यादा पानी गिरने पर भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा रहता है.

हालांकि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में शुरुआती सप्ताह के दौरान बारिश कमजोर रह सकती है. इसलिए सितंबर में पूरे देश में भारी बारिश कहना सही नहीं होगा.

यह भी पढ़ें- सोना छुएगा नया आसमान या आएगी भारी गिरावट? ग्रह दे रहे बड़े संकेत!

भारत की कुंडली क्या कहती है?

15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि वाली भारत की कुंडली में वृषभ लग्न और कर्क राशि है. चंद्रमा, सूर्य, बुध, शुक्र और शनि सहित कई ग्रह कर्क राशि से जुड़े हैं. कर्क जल तत्व की राशि है. इसलिए जल, मानसून, नदियां, समुद्री हलचल और कृषि भारत की कुंडली में विशेष महत्व रखते हैं.

15 अगस्त 2026 से शुरू वर्षफल में सिंह लग्न है. वर्षफल के समय मंगल मिथुन और शनि मीन राशि में थे. मंगल और शनि केंद्र संबंध में आए हैं. ताजिक पद्धति में दो कठोर ग्रहों का ऐसा संबंध अचानक दबाव, रुकावट और प्रकृति के असंतुलित व्यवहार का संकेत माना जाता है.

इसी वर्षफल में गुरु कर्क राशि में है. गुरु का जल राशि में होना नमी और वर्षा की क्षमता बढ़ाता है. लेकिन मंगल-शनि का तनाव बता रहा है कि बारिश बराबर नहीं बंटेगी. कुछ इलाकों में लंबे सूखे अंतराल के बाद अचानक तेज बारिश हो सकती है.

भारत के वर्षफल में 15 अगस्त से 9 अक्टूबर तक राहु की मुद्दा दशा भी चल रही है. मौसम ज्योतिष में राहु को धुंध, भ्रमित करने वाले अनुमान, अचानक दिशा बदलने वाले सिस्टम और असामान्य घटनाओं से जोड़ा जाता है. यही कारण है कि सितंबर का मौसम पूर्वानुमान से कुछ अलग व्यवहार भी दिखा सकता है.

महीने के दूसरे हिस्से में बढ़ सकती है हलचल

सितंबर के पहले हिस्से में मंगल मिथुन में रहेगा. इसके बाद उसका कर्क राशि में प्रवेश मौसम के लिहाज से अधिक महत्वपूर्ण होगा. मंगल का जल तत्व की राशि में जाना वर्षा तंत्र को आक्रामक बना सकता है. कर्क में पहले से मौजूद गुरु नमी और बादलों को विस्तार देने वाला प्रभाव पैदा करेगा.

यदि इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है और मानसून ट्रफ अनुकूल स्थिति में आती है, तो मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का नया दौर बन सकता है. ज्योतिषीय संकेत सितंबर के दूसरे पखवाड़े को पहले पखवाड़े के मुकाबले अधिक संवेदनशील बताते हैं.

यह भी पढ़ें- 'Toxic' 1000 करोड़ कमाएगी या दूसरे हफ्ते लगेगा ब्रेक? कुंडली में मिला बड़ा संकेत

किसानों और यात्रियों के लिए क्या संकेत?

धान और दूसरी खरीफ फसलों के लिए बारिश उपयोगी हो सकती है, लेकिन कटाई के करीब पहुंच चुकी फसलों पर लगातार पानी नुकसान पहुंचा सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को स्थानीय चेतावनी देखकर ही निकलना चाहिए. शहरों में कुछ घंटों की भारी बारिश जलभराव और ट्रैफिक की समस्या खड़ी कर सकती है.

कुल मिलाकर सितंबर में मौसम पूरे देश में एक साथ नहीं बिगड़ेगा. असली खतरा बारिश के असमान वितरण का है. कुछ हिस्से पानी का इंतजार करेंगे, जबकि कुछ इलाकों में थोड़े समय की मूसलाधार बारिश परेशानी बढ़ा सकती है.

मंगल, वक्री शनि, गुरु और राहु के संकेत इसी उतार-चढ़ाव को मजबूत करते हैं. हालांकि किसी भी स्थानीय चेतावनी और यात्रा संबंधी निर्णय के लिए IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान को ही प्राथमिकता देना जरूरी है.

FAQ

1. क्या सितंबर 2026 में पूरे भारत में भारी बारिश होगी?
नहीं. बारिश का वितरण असमान रह सकता है. कुछ इलाकों में कमजोर मानसून के बीच अचानक भारी बारिश हो सकती है.

2. सितंबर में किन राज्यों में बारिश का खतरा अधिक है?
पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत, मध्य भारत और हिमालयी राज्यों के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की स्थिति बन सकती है. स्थानीय पूर्वानुमान के लिए IMD की चेतावनी देखें.

3. मंगल और शनि का मौसम पर क्या ज्योतिषीय प्रभाव माना जाता है?
मेदिनी ज्योतिष में मंगल तेज हवा और अचानक बदलाव, जबकि जल राशि में वक्री शनि नमी तथा लंबे समय तक टिकने वाले बादलों से जोड़ा जाता है.

4. सितंबर का कौन-सा हिस्सा अधिक संवेदनशील हो सकता है?
ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार महीने का दूसरा हिस्सा अधिक संवेदनशील रह सकता है, खासकर मंगल के कर्क राशि में आने के बाद.

5. क्या ज्योतिष से मौसम की सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है?
ज्योतिष केवल पारंपरिक संकेत देता है. बारिश की वैज्ञानिक और स्थानीय जानकारी के लिए IMD के पूर्वानुमान को ही प्राथमिकता देनी चाहिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University, Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है. इसके साथ ही उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush’ सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है, जिसमें Keyword Research, Topic Clusters, E-E-A-T आधारित कंटेंट और AI Search Optimization शामिल हैं. वे Astrosage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

वर्तमान में Youth Protest, CJP आंदोलन और एक्टर शाहरुख खान को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कृष्ण छठी पर कान्हा को पालने में रखें या सिंहासन पर बैठाएं? जन्म के छठे दिन क्या बदलता है
कृष्ण छठी पर कान्हा को पालने में रखें या सिंहासन पर बैठाएं? जन्म के छठे दिन क्या बदलता है
iPhone 18 और लॉन्च डेट दोनों में 9 नंबर, Apple के लिए शुभ या खतरे की घंटी?
iPhone 18 और लॉन्च डेट दोनों में 9 नंबर, Apple के लिए शुभ या खतरे की घंटी?
Kal Ka Rashifal 10 September 2026: मेष, कर्क, तुला और मकर राशि वालों पर मालव्य योग की कृपा, 10 सितंबर को करियर में मिलेगी नई उड़ान
कल चतुर्दशी और अमावस्या पर दुर्लभ ग्रह स्थिति, इन 8 राशियों के खुलेंगे भाग्य; जानें किसे मिलेगा प्रमोशन और किसे रहना होगा सावधान
Aaj Ka Rashifal 9 September 2026: सुबह दिल की सुनेंगे, शाम को हावी होगा आत्मसम्मान, आपकी राशि क्या कहती है?
आज का राशिफल 9 सितंबर 2026: सुबह दिल की सुनेंगे, शाम को हावी होगा आत्मसम्मान, आपकी राशि क्या कहती है?
Advertisement

वीडियोज

गरबा विवाद पर अमृता फडणीस का बयान
BAPS संतों पर फ्रांस में विवाद क्यों हुआ?
बांकीपुर में PK की जीत, स्टूडेंट प्रोटेस्ट में AK 47, सुपर सीएम Nitish
Akshay Kumar के घर Amitabh Bachchan के कुर्ते पर गिरा 4 गिलास पानी, फिर हुआ ये कांड
Salman Khan की Monster में Ali Fazal की एंट्री का दावा, टीजर में दिखेगा भाईजान का रॉ लुक?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केजरीवाल पर पवन खेड़ा का पलटवार, बोले- पंजाब ड्रग्स तस्करी में सबसे आगे
केजरीवाल पर पवन खेड़ा का पलटवार, बोले- पंजाब ड्रग्स तस्करी में सबसे आगे
बिहार के इस शहर का नाम 'नीतीशपुर' होगा? CM सम्राट को सुझाव
बिहार के इस शहर का नाम 'नीतीशपुर' होगा? CM सम्राट को सुझाव
भारत न्यूजीलैंड दौरा: दर्शकों में जबरदस्त उत्साह, अब तक बिक चुके हैं 50000 से अधिक टिकट
दर्शकों में जबरदस्त उत्साह, अब तक बिक चुके हैं 50000 से अधिक टिकट
'हनुमान अंश' के लिए पहली च्वॉइस नहीं थे शोभिनव सत्या, बताया कैसे बने नीम करौली बाबा
'हनुमान अंश' के लिए पहली च्वॉइस नहीं थे शोभिनव सत्या, बताया कैसे बने नीम करौली बाबा
विधानसभा चुनावों के लिए BJP को 1400 करोड़ का चंदा! कांग्रेस को कितना मिला?
विधानसभा चुनावों के लिए BJP को 1400 करोड़ का चंदा! कांग्रेस को कितना मिला?
US नागरिक से UAPA चार्ज हटाने के दावों को NIA ने किया खारिज, कहा- जांच जारी
US नागरिक से UAPA चार्ज हटाने के दावों को NIA ने किया खारिज, कहा- जांच जारी
BRICS समिट: दिल्ली एयरपोर्ट का बड़ा अपग्रेड, टर्मिनल-3 का पियर C शुरू
BRICS समिट: दिल्ली एयरपोर्ट का बड़ा अपग्रेड, टर्मिनल-3 का पियर C शुरू
DU के 91 में से 71 कॉलेजों में हॉस्टल नहीं, हजारों छात्रों को होती है परेशानी
DU के 91 में से 71 कॉलेजों में हॉस्टल नहीं, हजारों छात्रों को होती है परेशानी
Embed widget