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Purnima 2026 May: मई में 2 पूर्णिमा का संयोग, आखिरी दिन ब्लू मून का दुर्लभ नजारा

Purnima 2026 May: खगोल प्रेमियों के लिए मई महीना खास रहने वाला है. मई में दो पूर्णिमा का संयोग बन रहा है. 1 मई को वैशाक पूर्णिमा पर माइक्रो मून और 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर ब्लू मून नजर आएगा.

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  • मई 2026 में एक महीने में दो पूर्णिमा देखी जाएंगी।
  • पहली पूर्णिमा 'फ्लावर मून' 1 मई को, दूसरी 'ब्लू मून' 31 मई को।
  • ये दुर्लभ खगोलीय घटना शुक्र, गुरु, शनि जैसे ग्रहों के साथ दिखेगी।
  • धार्मिक रूप से दो पूर्णिमा आध्यात्मिक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक हैं।

Purnima 2026 May: पूर्णिमा तिथि हर महीने पड़ती है. इसे Full Moon कहा जाता है. लेकिन मई में असाधारण खगोलीय घटना होने वाली है, जिसमें एक ही महीने में दो फुल मून देखा जा सकेगा. खगोली दृष्टि से इसे दुर्लभ माना जा रहा है. खास बात यह रहेगी कि, फुल मून को शुक्र, गुरु और शनि जैसे चमकीले ग्रहों के साथ देखा जा सकते हैं.

मई 2026 में दो फुल मून की दुर्लभ घटना

मई महीने में एक नहीं बल्कि दो फुल मून नजर आएंगे. मई की शुरुआत वैशाख पूर्णिमा से हुई है. 1 मई को तुला राशि में ‘माइक्रो मून’ या ‘फ्लावर मून’ नजर आया. यह चांद सुपर मून की अपेक्षा लगभग 12 से 14 प्रतिशत छोटा हो जाता है. वहीं अब मई के आखिर में 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर ब्लू मून नजर आएगा.

मई 2026 में दो पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता अनुसार, पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है. वहीं ज्योतिषीय दृष्टि से मई में दो पूर्णिमा का पड़ना विशेष संकेत माना जा रहा है. इस दौरान ध्यान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है. वहीं, ब्लू मून को कई जगह परिवर्तन और नई शुरुआत का संकेत भी माना जाता है.

कैसे और कब देखें मई का सुपरमून

मई में पड़ने वाले सुपर मून को देखने के लिए रात्रि का समय सबसे अच्छा रहेगा. खासकर बात यह रहेगी कि, इस महीने हमें दो पूर्णिमा देखने को मिलेगी. मई में दो पूर्णिमा की घटनाएं रात के समय साफ आसमान में आसानी से देखी जा सकती हैं, जिससे आम लोग भी इस अद्भुत खगोलीय घटना का आनंद ले सकते हैं.

Vaishakh Purnima 2026 Date: 30 अप्रैल या 1 मई कब है वैशाख पूर्णिमा, जानें सटीक तारीख और स्नान-दान का मुहूर्त

माइक्रो मून/फ्लावर मून- मई महीने की पहली पूर्णिमा का मून 1 मई को 17:23 (जीएमटी) पर अपने चरम पर होगा (जो वियतनाम के समयानुसार 2 मई को 00:23 बजे होगा). मई महीने की पूर्णिमा को फ्लावर मून का नाम दिया गया है यानी ‘फूलों का चंद्रमा’. यह नाम मूल अमेरिकी जनजातियों से आया है, जो वसंत ऋतु की गर्म जलवायु में जंगली फूलों के सबसे सुंदर खिलने के समय को संदर्भित करता है.

ब्लू मून- मई की दूसरी पूर्णिमा यानी ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर 31 मई को चांद सुबह 8:45 बजे (जीएमटी) दिखाई देगा (जो वियतनाम के समयानुसार 31 मई को दोपहर 3:45 बजे होगा). आधुनिक परंपरा के अनुसार, एक ही कैलेंडर महीने में आने वाली दूसरी पूर्णिमा को ‘ब्लू मून’ के नाम से जाना जाता है. ब्लू मून की घटना आमतौर पर हरेक दो से तीन साल में एक बार होती है. लेकिन इसमें चंद्रमा का रंग ब्लू नहीं होता.

कब होती है 13 सुपर मून की घटना

सामान्यत: वर्षभर में 12 महीने और 12 पूर्णिमा तिथि पड़ती है. लेकिन कई बार (2-3 वर्षों में) 13 पूर्णिमा भी पड़ती है. जब भी ऐसा होता है तो, एक माह में पड़ने वाली दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून का नाम दिया जाता है. यह घटना इसलिए होती है, क्योंकि चंद्र चक्र (29.5 दिन) ग्रेगोरियन कैलेंडर के महीनों (30 या 31 दिन) की तुलना में छोटा होता है.

लगभग हर ढाई से तीन साल में, अतिरिक्त दिनों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि साल का 13वां पूर्णिमा का चांद दिखाई देता है. 2026 की घटना के बाद अब 2028 में अतिरिक्त ब्लू मून देख जा सकेगा.

ये भी पढ़ें: Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर अपनाएं सात्विक डाइट, Mindful Eating से शरीर और मन होंगे शुद्ध
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

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Frequently Asked Questions

मई 2026 में पूर्णिमा देखने का सबसे अच्छा समय क्या है?

मई में पड़ने वाली दोनों पूर्णिमाओं को रात के समय साफ आसमान में आसानी से देखा जा सकता है।

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