इस साल वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा।
वरुथिनी एकादशी 2026 पर मूलांक अनुसार करें खास उपाय, श्रीविष्णु-लक्ष्मी कृपा से मिलेगा दुगना लाभ?
Varuthini Ekadashi 2026: 13 अप्रैल 2026 को वरुथिनी एकादशी का व्रत जो पापों का नाश कर जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है. मूलांक अनुसार जानें जरूरी उपाय जो असरदार हैं!

- उपायों से जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ेगा।
Varuthini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में वरुथिनी एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है और इस दिन किए गए व्रत व उपाय व्यक्ति के पापों का नाश कर जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
ज्योतिषाचार्य सुरेश श्रीमाली के अनुसार, इस साल वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा. अंकशास्त्र के अनुसार, अगर इस दिन मूलांक (Birth Number) के मुताबिक उपाय किए जाएं, तो उनका प्रभाव कई गुना बढ़कर मिलता है. आइए जानत हैं 1 से 9 तक सभी मूलांकों के लिए खास उपायों के बारे में.
अपना मूलांक कैसे निकालें?
आप जिस भी तारीख को जन्में हैं, वही आपका मूलांक होता है. उदाहरण के लिए- 5, 14 या 23 तारीख को जन्मे लोग का मूलांक 5 ही होगा.
मूलांक 1 (सूर्य का अंक)
मूलांक 1 वाले लोगों को वरुथिनी एकादशी के मौके पर भगवान विष्णु को लाल फूल अर्पित करना चाहिए. गुड़ और गेहूं का दान करना चाहिए. आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर में तरक्की मिलेगी.
मूलांक 2 (चंद्रमा का अंक)
मूलांक 2 वाले लोगों वरुथिनी एकादशी के मौके पर चावल और दूध का दान करना चाहिए और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का विशेष जाप करना चाहिए. ऐसा करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है. ऐसा करने से तनाव कम होने मके साथ रिश्तों में मधुरता आएगी.
मूलांक 3 (गुरु का अंक)
मूलांक 3 के स्वामी गुरु हैं, जो ज्ञान और भाग्य से संबंध रखते हैं. वरुथिनी एकादशी के दिन मूलांक 3 वाले जातकों को पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए और हल्दी का दान करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से भाग्य का साथ मिलने के साथ शिक्षा-करियर में सफलता मिलेगी.
मूलांक 4 (राहु का अंक)
मूलांक 4 वाले जातकों को वरुथिनी एकादशी के मौके पर सरसों के तेल का दीपक जलाने के साथ काले तिल का दान करना चाहिए. इस उपाय को करने से बाधाएं दूर होने के साथ स्थिरता आएगी.
मूलांक 5 (बुध का अंक)
मूलांक 5 वालों को वरुथिनी एकादशी के दिन हरे फल और हरी सब्जियों का दान करना चाहिए. ऐसा करने से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. साथ ही मानसिक अस्थिरता दूर होती है.
मूलांक 6 (शुक्र का अंक)
मूलांक 6 वालों को वरुथिनी एकादशी के दिन सफेद मिठाई का दान करना चाहिए. इसके अलावा लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से भी लाभ मिलता है. ऐसा करने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और रिश्तों में सुधार आएगा.
मूलांक 7 (केतु का अंक)
मूलांक 7 वाले जातकों को वरुथिनी एकादशी के दिन गरीबों का कंबल या कपड़े का दान करना चाहिए. ऐसा करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है.
मूलांक 8 (शनि का अंक)
मूलांक 8 वाले जातकों को वरुथिनी एकादशी के दिन काले कपड़े या उड़द की दाल का दान करना चाहिए. इसके अलावा शनि से जुड़े मंत्रों का जाप करना भी सही माना जाता है. ऐसा करने से जीवन में बाधाएं कम होने के साथ मेहनत का फल मिलता है.
मूलांक 9 (मंगल का अंक)
मूलांक 9 के जातकों को वरुथिनी एकादशी के मौके पर लाल मसूर दाल का दान करना चाहिए. इसके अलावा हनुमान जी की पूजा करने से भी लाभ मिलता है. इस उपाय को करने से साहस बढ़ने के साथ कार्यों में सफलता मिलेगी.
वरुथिनी एकादशी का महत्व
मान्यता है कि, इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होने के साथ जीवन में सुख-समृद्धि आती है. यह एकादशी खासतौर पर दुर्भाग्य दूर करने और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना जाती है.
अगर आप भी वरुथिनी एकादशी के मौके पर अपने मूलांक के हिसाब से उपाय करते हैं, तो इसका प्रभाव ज्यादा गहरा और जल्दी दिखाई देने वाला हो सकता है. यह न केवल धार्मिक नजरिए से बल्कि मानसिक और जीवन संतुलन के लिए लाभदायक साबित हो सकता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Frequently Asked Questions
वरुथिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
अपना मूलांक कैसे निकालें?
आप जिस भी तारीख को जन्में हैं, वही आपका मूलांक होता है। उदाहरण के लिए, 5, 14 या 23 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 5 होगा।
मूलांक 2 वालों के लिए वरुथिनी एकादशी पर क्या उपाय हैं?
मूलांक 2 वाले जातकों को चावल और दूध का दान करना चाहिए और
वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने का क्या महत्व है?
मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा से पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह एकादशी दुर्भाग्य दूर कर सौभाग्य बढ़ाती है।
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