एक्सप्लोरर

Bihar Politics: राज्यसभा का नामांकन और नीतीश कुमार का दिल्ली प्रस्थान, क्या अब बदल जाएगा बिहार का पूरा सत्ता समीकरण?

नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन! क्या कुंडली के ग्रहों ने उन्हें दिल्ली भेजा? अमित शाह ने की बेदाग कार्यकाल की सराहना. जानिए 'सुशासन बाबू' के इस महा-एग्जिट के पीछे छिपे ज्योतिषीय और राजनीतिक संकेत.

बिहार की राजनीति में पिछले कई दशकों से जिस एक नाम के इर्द-गिर्द पूरी सत्ता घूमती रही, आज उस अध्याय में एक नया और ऐतिहासिक मोड़ आ गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा अब केवल कयासों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आज 5 मार्च 2026 को उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.

इस घटना ने पटना के 1-अणे मार्ग से लेकर दिल्ली के लुटियंस जोन तक राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुँचा दिया है. यह परिवर्तन सिर्फ एक व्यक्ति के पद बदलने का नहीं है, बल्कि इसके पीछे बिहार की सत्ता संरचना, गठबंधन के भविष्य और आने वाले वर्षों की राजनीतिक दिशा से जुड़े वे गंभीर सवाल हैं, जो अब हकीकत बनकर सामने खड़े हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर नीतीश कुमार का स्वागत करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं. शाह ने उनके 'बेदाग' शासन और बिहार को 'जंगलराज' से बाहर निकालने के योगदान को सराहा. राजनीतिक विश्लेषक इसे गठबंधन की एक सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं, लेकिन यदि इन घटनाओं को ज्योतिषीय दृष्टि से गहराई से पढ़ा जाए, तो समझ आता है कि यह दौर बिहार के लिए एक बड़े 'संक्रमण काल' की शुरुआत है.

नीतीश कुमार की जन्म कुंडली: ग्रहों का अदृश्य संकेत

इंटरनेट पर उपलब्ध नीतीश कुमार की जन्म कुंडली, उनकी वर्तमान ग्रह दशा और आज के इस ताजा राजनीतिक घटनाक्रम को एक साथ रखकर देखें तो यह स्पष्ट होता है कि उनकी भूमिका अब राज्य की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रव्यापी होने वाली है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार नीतीश कुमार का जन्म विवरण:

  • जन्म तिथि: 1 मार्च 1951
  • जन्म समय: लगभग 1:30 PM
  • जन्म स्थान: बख्तियारपुर, पटना, बिहार

उनकी कुंडली में मिथुन लग्न बनता है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है. उनकी कुंडली का सबसे प्रभावशाली केंद्र 9वां भाव (भाग्य स्थान) है जहां कुंभ राशि है, यहां सूर्य, बुध, गुरु और राहु एक साथ विराजमान हैं. यही वह दुर्लभ ग्रह समूह है जो उन्हें एक असाधारण राजनेता बनाता है. यही वजह है कि स्वास्थ्य को लेकर होनी वाली चर्चाओं के बीच भी वे प्रभावी बने हुए, कारण साफ है कि उनका भाग्य बहुत प्रबल है.

भाग्य भाव में चतुर्ग्रही योग: 'सूर्यगुरुसम्बन्धे राज्यलाभः'

मिथुन लग्न की कुंडली में कुंभ राशि नवम भाव (भाग्य भाव) होती है. नवम भाव को भाग्य, उच्च नीति, धर्म और सर्वोच्च संस्थानों का स्थान माना जाता है.

जब सूर्य, गुरु और बुध जैसे शक्तिशाली ग्रह यहां एक साथ बैठते हैं, तो व्यक्ति का जीवन प्रशासन और सत्ता के शीर्ष सोपानों से जुड़ जाता है. बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में इस स्थिति को लेकर स्पष्ट उल्लेख है:

'सूर्यगुरुसम्बन्धे राज्यलाभः.'

अर्थात सूर्य और गुरु का यह संबंध व्यक्ति को निरंतर राजकीय पद और सत्ता के केंद्र में बनाए रखता है. यहां राहु की उपस्थिति इस योग को और भी गूढ़ बना देती है. राहु राजनीति में एक ऐसे व्यक्तित्व को गढ़ता है जो पारंपरिक लीक से हटकर चलता है और जटिल परिस्थितियों में भी सत्ता का मार्ग प्रशस्त कर लेता है. नीतीश कुमार के पिछले 20 वर्षों के राजनीतिक निर्णयों में यह 'राहु तत्व' साफ दिखाई देता है.

राहु महादशा (2011-2029): परिवर्तन का महादौर

नीतीश कुमार वर्तमान में राहु की महादशा के प्रभाव में हैं, जो 2029 तक चलने वाली है. ज्योतिष शास्त्र में राहु को अचानक होने वाले परिवर्तनों, रणनीतिक चालों और अप्रत्याशित मोड़ों का स्वामी माना गया है. फलदीपिका के अनुसार: 'राहुः जनसमूहे प्रतिष्ठां ददाति.'

राहु व्यक्ति को जनसमूह में अगाध प्रतिष्ठा देता है और कई बार असामान्य रास्तों से सफलता दिलाता है. राजनीति में राहु की यह अवधि अक्सर बड़े सत्ता परिवर्तन या भूमिका के बदलाव का समय होती है. आज उनका राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना इसी राहु के प्रभाव की परिणति है, जहां एक अनुभवी नेता प्रत्यक्ष सत्ता की बागडोर छोड़कर रणनीतिक और मार्गदर्शक की भूमिका में दिल्ली आ रहा है.

वृश्चिक चंद्र और 'नीच' का प्रभाव: अचानक निर्णयों की शक्ति

नीतीश कुमार की कुंडली में चंद्रमा वृश्चिक राशि में है, जिसे पाराशरी ज्योतिष में 'नीच चंद्र' कहा जाता है. बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में इसके स्वभाव को लेकर लिखा गया है: 'नीचस्थे चन्द्रे चित्तचंचलता.'

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह 'चंचलता' व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुसार अचानक और कठोर निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. बिहार की राजनीति में उनके फैसलों को अक्सर विश्लेषक समझ नहीं पाए, लेकिन वे निर्णय हमेशा सत्ता के समीकरणों को उनके पक्ष में मोड़ने वाले साबित हुए. आज का नामांकन भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है.

बिहार की सत्ता पर पड़ने वाले तात्कालिक प्रभाव

नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश के साथ ही बिहार में सत्ता के तीन नए आयाम खुलने वाले हैं:

  1. नेतृत्व का नया चेहरा: एनडीए के भीतर अब मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे पर सहमति बनेगी. वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शक की भूमिका में जाना गठबंधन की अगली पीढ़ी को रास्ता देने जैसा है.
  2. भाजपा का उदय: गृह मंत्री अमित शाह का खुले मन से स्वागत करना इस बात का संकेत है कि भाजपा अब बिहार में नेतृत्व की अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
  3. विपक्ष की चुनौती: नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से विपक्ष को अपनी पूरी रणनीति फिर से तैयार करनी होगी, क्योंकि अब उनके सामने एक बदली हुई राजनीतिक संरचना होगी.

शपथ मुहूर्त और 2027 का भविष्य

20 नवंबर 2025 को जब बिहार की वर्तमान सरकार का गठन हुआ था, तब मकर लग्न उदय हो रहा था. ज्योतिष में मकर लग्न प्रशासनिक स्थिरता तो देता है, लेकिन 11वें भाव में ग्रहों का जमावड़ा गठबंधन के भीतर निरंतर दबाव और खींचतान का संकेत देता रहा है.

ग्रहों की चाल बताती है कि 2027 का समय बिहार के लिए और भी अधिक निर्णायक होगा. राहु की महादशा में सूर्य और शनि का प्रभाव जब सक्रिय होगा, तब बिहार में एक नई और पूर्णतः भिन्न शक्ति संरचना का उदय होगा.

अंत नहीं, एक भव्य विस्तार

नीतीश कुमार की कुंडली और आज का नामांकन यह स्पष्ट करते हैं कि उनकी राजनीति का समापन नहीं हो रहा, बल्कि उनकी भूमिका का विस्तार हो रहा है. कुर्सी भले ही बदल जाए, लेकिन असली शक्ति वही रहती है जो समीकरणों को जन्म देती है. जैसा कि आज अमित शाह ने कहा, 'नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में आ रहे हैं, यह संकेत है कि दिल्ली के दरबार में बिहार की आवाज अब और अधिक मुखर होने वाली है.

बिहार की राजनीति आने वाले वर्षों में कई करवटें लेगी, लेकिन इस महा-परिवर्तन की धुरी वही रहेंगे जो अब राज्यसभा के रास्ते देश की नीति निर्माण में अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें- बिहार की सियासत बदली, सीएम से सांसद होने वाले हैं नीतीश कुमार, नाराजगी के बीच 24 घंटे में क्या-क्या हुआ?

यह भी पढ़ें- Bihar CM Nitish Kumar Live: बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम बोले- हमने आगाह किया था, इन लोगों ने खिलवाड़ किया

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह- वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य। मीडिया रणनीतिकार। डिजिटल कंटेंट विशेषज्ञ

हृदेश कुमार सिंह 25 वर्षों से वैदिक ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल पत्रकारिता पर कार्य कर रहे एक बहुआयामी विशेषज्ञ हैं. वर्तमान में वे ABPLive.com में Astro और Religion सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, जहां वे ग्रहों की चाल को आधुनिक जीवन की दिशा में बदलने वाले संकेतों के रूप में प्रस्तुत करते हैं. हृदेश कुमार सिंह एक सम्मानित और अनुभव ज्योतिषी हैं.

इन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC, New Delhi) से पत्रकारिता में शिक्षा प्राप्त की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी ज्योतिष सलाहकार के रूप में कार्य किया है. वे मीडिया रणनीति, कंटेंट लीडरशिप और धार्मिक ब्रांडिंग के विशेषज्ञ हैं.

प्रसिद्ध भविष्यवाणियां जो समय के साथ सच साबित हुईं- IPL 2025 के विजेता की पूर्व घोषणा. हनी सिंह की वापसी और संगीत सफलता. भारत में AI नीति बदलाव की अग्रिम भविष्यवाणी. डोनाल्ड ट्रंप की पुनः राष्ट्रपति पद पर वापसी और उसके बाद के निर्णय. पुष्पा 2: द रूल की बॉक्स ऑफिस सफलता और अल्लू अर्जुन के करियर ग्राफ.

शेयर बाजार क्रैश 2025 और दिल्ली की मुख्यमंत्री को लेकर भविष्यवाणी. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई का सटीक पूर्वानुमान. क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और लोकप्रियता का संकेत. ईरान-इजराइल जंग ये सभी भविष्यवाणियां शुद्ध वैदिक गणना, गोचर, दशा-अंतरदशा और मेदिनी ज्योतिषीय विश्लेषण पर आधारित थीं, जिन्हें समय ने सत्य सिद्ध किया और सच साबित हुईं.

विशेषज्ञता के क्षेत्र: वैदिक ज्योतिष, संहिता, होरा शास्त्र, अंक ज्योतिष और वास्तु. करियर, विवाह, शिक्षा, लव लाइफ, बिज़नेस, हेल्थ के लिए ग्रहों और मनोविज्ञान का समन्वित विश्लेषण. AI, कॉर्पोरेट नीति, ब्रांड रणनीति और मीडिया कंटेंट प्लानिंग में ज्योतिषीय हस्तक्षेप. डिजिटल धर्म पत्रकारिता और गूगल रैंकिंग के अनुकूल राशिफल, धार्मिक कंटेंट का निर्माण करने में ये निपुण हैं.

उद्देश्य: 'ज्योतिष को भय या भाग्य का उपकरण नहीं, बल्कि जीवन के लिए बौद्धिक और आध्यात्मिक सहारा बनाना' हृदेश कुमार सिंह का मानना है कि ज्योतिष केवल प्रश्नों का उत्तर नहीं देता, वह सही समय पर साहसिक निर्णय लेने की दिशा दिखाता है.

अन्य रुचियां: फिल्मों की संरचनात्मक समझ, संगीत की मनोवैज्ञानिक गहराई, साहित्यिक दर्शन, राजनीति की परख. बाजार की समझ और यात्राओं से अर्जित मानवीय अनुभव ये सभी उनके लेखन में एक बहुस्तरीय अंतर्दृष्टि जोड़ते हैं. उनकी रुचियां केवल विषयगत नहीं, बल्कि उनके हर लेख, भविष्यवाणी और रणनीति को संवेदनशीलता और संस्कृति से जोड़ने वाली ऊर्जा हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Bihar Politics: राज्यसभा का नामांकन और नीतीश कुमार का दिल्ली प्रस्थान, क्या अब बदल जाएगा बिहार का पूरा सत्ता समीकरण?
Bihar Politics: क्या बदलने वाला है बिहार का सत्ता समीकरण? नीतीश कुमार की कुंडली दे रही संकेत
Israel US Iran War: इजराइल, ईरान और अमेरिका में युद्ध का कारण कहीं ग्रहण तो नहीं, क्यों हो रही चर्चा?
Israel US Iran War: इजराइल, ईरान और अमेरिका में युद्ध का कारण कहीं ग्रहण तो नहीं, क्यों हो रही चर्चा?
बड़े भाई से पहले छोटे की शादी क्यों मानी जाती है अशुभ? श्रीराजेंद्र दास महाराज ने बताया धार्मिक रहस्य!
बड़े भाई से पहले छोटे की शादी क्यों मानी जाती है अशुभ? श्रीराजेंद्र दास महाराज ने बताया धार्मिक रहस्य!
Tarot Card Reading: 6 मार्च टैरो राशिफल लेन-देन में बरतें सावधानी, जानें आपकी राशि के लिए क्या कहते हैं कार्ड्स
कल का टैरो राशिफल: 6 मार्च को किन राशियों का खुलेगा भाग्य? कार्ड्स के संकेतों से जानें धुलेंडी पर अपना भविष्य
Advertisement

वीडियोज

Anil Kapoor ने Subedaar की Cast, Fitness और Discipline पर की खुलकर बात
Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
खामेनेई की मौत के 5 दिन बाद भारत ने जताया दुख, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी, लिखा शोक संदेश
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- भाजपा ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
नीतीश के राज्यसभा जाने पर अखिलेश की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- BJP ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया
Israel US Iran War: अमेरिका ने डुबोया IRIS DENA तो भड़का ईरान, फूंक डाला तेल का टैंकर, और खतरनाक हुई मिडिल ईस्ट की जंग
अमेरिका ने डुबोया IRIS DENA तो भड़का ईरान, फूंक डाला तेल का टैंकर, और खतरनाक हुई मिडिल ईस्ट की जंग
'यह ‘चोकर’ नहीं चारों खाने चित...', न्यूजीलैंड से हार के बाद दक्षिण अफ्रीकी कोच का बयान वायरल
'यह ‘चोकर’ नहीं चारों खाने चित...', न्यूजीलैंड से हार के बाद दक्षिण अफ्रीकी कोच का बयान वायरल
भव्य अंदाज में सेलीब्रेट हुई अर्जुन तेंदुलकर की मेहंदी सेरेमनी, जानिए मेहमानों से लेकर मेन्यू तक सारी जानकारी
भव्य अंदाज में सेलीब्रेट हुई अर्जुन तेंदुलकर की मेहंदी सेरेमनी, जानिए मेहमानों से लेकर मेन्यू तक सारी जानकारी
'तनु वेड्स मनु' से 'सिमरन' तक, 7 फिल्में जिनमें हीरोइन नहीं थी बेचारी या अबला नारी
'तनु वेड्स मनु' से 'सिमरन' तक, 7 फिल्में जिनमें हीरोइन नहीं थी बेचारी या अबला नारी
Prediabetes: कितनी खतरनाक कंडीशन है प्री-डायबिटिक होना, इससे बचने के क्या हैं तरीके?
कितनी खतरनाक कंडीशन है प्री-डायबिटिक होना, इससे बचने के क्या हैं तरीके?
QR कोड स्कैन करने से पहले कैसे जानें वह सही है या नहीं? काम आएंगे ये टिप्स
QR कोड स्कैन करने से पहले कैसे जानें वह सही है या नहीं? काम आएंगे ये टिप्स
Embed widget