एक्सप्लोरर

Middle East Tensions: इजराइल, ईरान और अमेरिका में युद्ध का कारण कहीं ग्रहण तो नहीं, क्यों हो रही चर्चा?

Middle East Tensions: ईरान, अमेरिका, इजरायल के बीच जंग तेज है. मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग का कारण ज्योतिषी 15 दिनों के अंतराल में लगे 2 ग्रहण को बता रहे हैं. साथ ही कहा जा रहा है कि जंग अभी जारी रहेगा.

Middle East Tensions Israel US Iran War Attack: मध्य-पूर्व में युद्ध की स्थिति तेज है. ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जंग में अब यूएई और कतर भी कूद पड़े है. जबकि ईरान ने दुबई में अमेरिकी दूतावास और थाड सिस्टम पर अटैक कर उसे तबाह कर दिया. जंग चाहे किसी भी देश में हो राष्ट और मानवता के लिए कभी अच्छा नहीं होता.

मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग में आसमान में मिसाइल और ड्रोन्स की बारिश हो रही, जिससे जमीन पर भी हाहाकार मचा हुआ है. इस जंग का अंत कब और कैसे होगा, इसपर कुछ कहा नहीं जा सकता. इजरायल किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं तो वहीं अमेरिका का महा-एक्शन भी जारी है, जिसे देख कहा जा सकता है कि फिलहाल कूटनीति के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे हैं. हालिया स्थिति को देख तीसरे विश्व युद्ध का डर सता रहा है.

मिडिल ईस्ट युद्ध का कारण खगोलीय घटना तो नहीं!

युद्ध क्यों और कैसे शुरू हुआ इसके कई कारण और पहलू होते हैं. लेकिन एक ओर यह चर्चा भी तेज है कि, कहीं इस युद्ध का कारण खगोलीय घटनाएं तो नहीं. मिडिल ईस्ट में चल रहे जंग के बीच सोशल मीडिया के ज्योतिषीय मंचों पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि, 15 दिनों के अंतराल में लगे दो ग्रहण से युद्ध जैसे हालात बनते है. इसके कई एतिहासिक प्रमाण भी दिए जा रहे हैं.

ग्रहण को लेकर क्यों हो रही चर्चा?

हाल ही में 15 दिनों के अंतराल में दो ग्रहण लगे. 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण और 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगा. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि, 15 दिनों के अंतराल में जब दो ग्रहण लगते हैं तो इसका नकारात्मक प्रभाव राष्ट्रों की कुंडली पर पड़ भी सकता है.

17 फरवरी को साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगा था और इसके कुछ दिन बाद ही इजरायल, ईरान, अमेरिका और मिडिल ईस्ट के कई देशों में जंग छिड़ गई है. वहीं 3 मार्च को लगे चंद्र ग्रहण के बाद मिसाइल हमले, ड्रोन्स अटैक, सीमा पर झड़पें बढ़ गईं.

ज्योतिष मान्यता के अनुसार- दिनों के अंतराल में लगने वाले ग्रहण को अशुभ या उथल-पुथल का संकेत माना जाता है. यदि ग्रहण किसी देश की स्थापना कुंडली के संवेदनशील भाव पर पड़े, तो राजनीतिक अस्थिरता या संघर्ष की स्थिति बन सकती है.

क्या जंग की चपेट में आएगा भारत?

न्यूमरो एस्ट्रो क्वीन सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताती हैं कि, वेद व्यास जी ने भी शगुन पुराण में वर्णन किया है कि, जब दो ग्रहण एक साथ पड़ते हैं तो कोई बड़ा युद्ध होता है. ऐसी ही ग्रहण की ऐसी स्थिति बनी थी. वीडियो में न्यूमरो एस्ट्रो क्वीन दावा करती हैं कि, जंग की स्थिति 2 अप्रैल तक और भयावह रूप ले सकती है कि भारत में इस महायुद्ध में शामिल होगा. अमेरिका, पाकिस्तान, चाइना, ईरान, इजरायल और यूरोप जैसे देश भी इस युद्ध मे शामिल हो सकते हैं. विक्रम संवत 2082 जब शुरू होगा तो भारत भी इस महायुद्ध मे शामिल हो सकता है. क्योंकि यह साल काल भैरव और राहु का रहेगा.

ये भी पढ़ें: Surya Grahan 2027: 2027 में लगेगा सदी का सबसे लंबा ऐतिहासिक सूर्य ग्रहण, 5 से 10 डिग्री गिर सकता है तापमान

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

पल्लवी कुमारी ने देश के सबसे प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (नई दिल्ली) से पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त किया है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पल्लवी बीते पांच सालों से सक्रिय हैं. इन्हें धर्म, ज्योतिष व अध्यात्म के साथ-साथ लाइफस्टाइल और मनोरंजन जैसे विषयों की भी गहरी समझ व रुचि है, इसके साथ ही कई लोकप्रिय और प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में लेखन कार्य का अनुभव प्राप्त है.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Kharmas 2026: खरमास में भूलकर भी न करें ये 5 काम! जानें अशुभ समय और बचने के उपाय?
Kharmas 2026: खरमास में भूलकर भी न करें ये 5 काम! जानें अशुभ समय और बचने के उपाय?
मेष से मीन तक दादा माईराम की मजेदार ज्योतिष कविता में छिपा स्वभाव का रहस्य! जानें जीवन का सार?
मेष से मीन तक दादा माईराम की मजेदार ज्योतिष कविता में छिपा स्वभाव का रहस्य! जानें जीवन का सार?
Israel-Iran War: 20 मार्च क्यों बन सकता है युद्ध का सबसे खतरनाक मोड़? ज्योतिष दे रहा चौंकाने वाले संकेत
20 मार्च क्यों बन सकता है युद्ध का सबसे खतरनाक मोड़? ज्योतिष दे रहा चौंकाने वाले संकेत
Kal Ka Rashifal: शनिवार का राशिफल, 7 मार्च को मीन और धनु सहित इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, जानें अपना भविष्यफल
शनिवार का राशिफल 7 मार्च को मीन और धनु सहित इन राशियों की खुलेगी किस्मत, जानें अपना भविष्यफल
Advertisement

वीडियोज

UP News: Hathras में भयंकर सड़क हादसा Etah-Aligarh Highway पर स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी टक्कर
Chitra Tripathi: बेटे Nishant की लॉन्चिंग के लिए Nitish Kumar ने BJP को सौंपी सत्ता? | JDU | Bihar
Bharat Ki Baat: बिहार में BJP से CM की रेस में कौन आगे, क्या होगा फॉर्मूला? | Nitish Kumar | JDU
Sandeep Chaudhary: बिहार का CM कौन...BJP क्यों है मौन? | Nitish Kumar | Bihar | BJP | JDU
Bihar Politics: दिल्ली में Nitish Kumar..बिहार में BJP? निषाद या महिला कौन होगी मुख्यमंत्री? | JDU
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'...तो मैं उनकी उंगली काट देता', बंगाल में चुनाव से पहले ममता बनर्जी के सांसद की CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी!
'...तो मैं उनकी उंगली काट देता', बंगाल में चुनाव से पहले TMC सांसद की CEC ज्ञानेश कुमार को धमकी!
फांसी घर विवाद: विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए अरविंद केजरीवाल, 'मुझे खुशी होती अगर...'
फांसी घर विवाद: विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए अरविंद केजरीवाल, 'मुझे खुशी होती अगर...'
'अपने संस्कारों से जुड़े हुए हैं', शादी के बाद रश्मिका संग ननिहाल पहुंचे विजय देवरकोंडा, मामा ने शेयर की फोटोज
'अपने संस्कारों से जुड़े हुए हैं', शादी के बाद रश्मिका संग ननिहाल पहुंचे विजय देवरकोंडा, मामा ने शेयर की फोटोज
हिजबुल्लाह-हूती और हमास से बैलिस्टिक मिसाइल तक... सद्दाम हुसैन के बाद ईरान ने खुद को जंग के लिए कैसे किया था तैयार?
प्रॉक्सी नेटवर्क से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तक... सद्दाम हुसैन के बाद ईरान ने खुद को कैसे किया था तैयार?
IND vs NZ: क्या फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा सकता है भारत? आंकड़ों से समझिए टीम इंडिया की जीत के कितने प्रतिशत चांस
क्या फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा सकता है भारत? आंकड़ों से समझिए टीम इंडिया की जीत के कितने प्रतिशत चांस
'भारत क्या किसी का गुलाम है, उनकी हिम्मत...' अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने की दी छूट तो भड़के ओवैसी
'भारत क्या किसी का गुलाम, उनकी हिम्मत...' अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने की दी छूट तो भड़के ओवैसी
क्या US-इजरायल के हमले का कानूनन विरोध जता सकता है ईरान? यूएन चार्टर के हिसाब से जानें अधिकार
क्या US-इजरायल के हमले का कानूनन विरोध जता सकता है ईरान? यूएन चार्टर के हिसाब से जानें अधिकार
कितनी मुश्किल है IAS बनने वाले कैंडिडेट्स को मिलने वाली LBSNAA ट्रेनिंग? इसके बारे में जानें सबकुछ
कितनी मुश्किल है IAS बनने वाले कैंडिडेट्स को मिलने वाली LBSNAA ट्रेनिंग? इसके बारे में जानें सबकुछ
Embed widget