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Purnima Chandra Grahan 2026: वैशाख पूर्णिमा पर आज चंद्र ग्रहण लगा है क्या, क्यों हो रही ग्रहण की चर्चा

Purnima Chandra Grahan 2026: 1 मई को वैशाख पूर्णिमा पर बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाएगी. इस दिन ग्रहण लगने की चर्चा हो रही है. आइए जानते हैं क्या सच में बुद्ध जयंती पर चंद्र ग्रहण का साया रहने वाला है?

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  • स्नान, दान और सभी धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।

Purnima Chandra Grahan 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही शुभ माना गया है. इस दिन स्नान, दान और पूजन का महत्व होता है. वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. मान्यता है कि, इसी तिथि पर भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था. इसलिए इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है. इन्हीं कारणों से वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि न सिर्फ हिंदू धर्म बल्कि बौद्ध धर्म के लिए भी खास महत्व रखती है.

इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा शुक्रवार 1 मई 2026 को मनाई जा रही है. लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर यह चर्चाएं भी तेज हैं कि, वैशाख पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया रहने वाला है. आइए जानते हैं इस वायरल चर्चा में कितनी सच्चाई है और क्या सच में वैशाख पूर्णिमा पर ग्रहण लग रहा है.

क्या वैशाख पूर्णिमा पर रहेगा चंद्र ग्रहण का साया

नहीं, वैशाख पूर्मिणा पर चंद्र ग्रहण लगने की चर्चा केवल भ्रमित करने वाली है. ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से वैशाख पूर्णिमा पर ग्रहण का साया नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन पूर्ण चंद्रमा आसमान में नजर आएगा, जिसे खगोल विज्ञान में फ्लावर मून का नाम दिया गया है. इसलिए यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि, 1 मई को वैशाख पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं लगेगा.

वैशाख पूर्णिमा हिंदू और बौद्ध धर्म के खास दिन होता है. वहीं धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को एक संवेदनशील समय माना जाता है, जिसमें पूजा-पाठ समेत कई तरह के कार्य वर्जित होता है. ग्रहण की चर्चा होने पर लोगों में असमंजस की स्थिति रहती है कि, ग्रहण काल की अवधि में धार्मिक अनुष्ठा कैसे किए जाएंगे?

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पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक और देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास ने अपनी ज्योतिषीय गणना के आधार पर बताया कि, 1 मई को वैशाख पूर्णिमा पर कोई ग्रहण नहीं लग रहा है. इसलिए इस दिन स्नान, दान, पूजा और सभी तरह के धार्मिक कार्य किए जा सकेंगे. वैशाख पूर्णिमा पर स्नान-दान के लिए सुबह 05:33 से 07:30 तक का समय शुभ रहेगा. 

वैशाख पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की चर्चा क्यों?

पूर्णिमा तिथि आने पर हमेशा ही चंद्र ग्रहण और अमावस्या पर सूर्य ग्रहण की चर्चा होने लगती है. इसका कारण यह है कि, चंद्र ग्रहण पूर्णिमा और सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही लगते हैं. लेकिन प्रत्येक अमावस्या या पूर्णिमा को ग्रहण लगे, ऐसा संभव नहीं है. बात करें चंद्र ग्रहण की तो, चंद्र ग्रहण तभी संभव होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करे, जो साल में 2 या फिर 3 बार ही संभव है.

ये भी पढ़ें: Vaishakh Purnima 2026 Date: 30 अप्रैल या 1 मई कब है वैशाख पूर्णिमा, जानें सटीक तारीख और स्नान-दान का मुहूर्त
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

वर्तमान में ABP News के साथ एक कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ीं पल्लवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विश्वसनीय और मूल्यवान सामग्री तैयार करने के लिए जानी जाती हैं.

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मेरा उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवन के बीच एक पुल बनना है, ताकि पाठक प्रामाणिक जानकारी को सरलता से अपने जीवन में उतार सकें."

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Frequently Asked Questions

चंद्र ग्रहण और पूर्णिमा पर ग्रहण की चर्चा का क्या कारण है?

चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन ही लगता है, इसलिए पूर्णिमा आने पर ग्रहण की चर्चा स्वाभाविक है। हालांकि, हर पूर्णिमा पर ग्रहण नहीं लगता है।

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