एक्सप्लोरर

दशहरे पर 2 योगों का संयोग, शुभ काम करने से पहले जानें कौन-सा नियम मानें

Dussehra 2026: दशहरे पर पूरे दिन रवि योग और शाम 6:02 बजे तक विडाल योग रहेगा. जानें विजय मुहूर्त में पूजा और शुभ काम करने के नियम.

Dussehra 2026 Shubh Yog: दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस दिन भगवान राम की पूजा, शस्त्र पूजन, अपराजिता पूजन और नए कार्यों की शुरुआत का विशेष महत्व माना जाता है.

लेकिन इस बार दशहरे पर बनने वाले दो योग लोगों के मन में सवाल खड़े कर रहे हैं. एक ओर रवि योग का संयोग बताया जा रहा है, जिसे ज्योतिष में शुभ माना जाता है. दूसरी ओर शाम तक विडाल योग की स्थिति भी बताई जा रही है, जिसका उल्लेख कुछ मुहूर्त परंपराओं में प्रतिकूल योग के रूप में मिलता है.

ऐसे में सवाल है कि दशहरे पर नया काम शुरू करना हो, वाहन खरीदना हो या कोई बड़ा फैसला लेना हो तो किस योग को प्राथमिकता दें?

रवि योग और विडाल योग एक साथ हों तो क्या करें?

ज्योतिष में रवि योग और विडाल योग की गणना अलग-अलग नियमों से की जाती है. रवि योग सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों की विशेष स्थिति से संबंधित है, जबकि विडाल योग वार और नक्षत्र के संयोग से बनने वाले आनंदादि योगों में गिना जाता है.

इसलिए एक ही दिन दोनों योगों का होना अपने आप में विरोधाभास नहीं है. लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं कि रवि योग बनने से उस दिन के सभी अशुभ संकेत समाप्त हो जाते हैं.

मुहूर्त ज्योतिष में किसी कार्य के लिए केवल एक शुभ योग देखना पर्याप्त नहीं माना जाता. तिथि, वार, नक्षत्र, करण, चंद्रमा की स्थिति और कार्य की प्रकृति का भी विचार किया जाता है.

दशहरे पर विडाल योग हो तो क्या शुभ काम नहीं कर सकते?

विडाल योग को पारंपरिक मुहूर्त विचार में सामान्यतः अनुकूल नहीं माना जाता. हालांकि इसका प्रभाव किस कार्य पर कितना माना जाएगा, यह संबंधित मुहूर्त पद्धति और दूसरे ग्रह-नक्षत्र संबंधी संकेतों पर निर्भर करता है.

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है. दशहरे की पारंपरिक पूजा और किसी बड़े नए कार्य की शुरुआत एक जैसी गतिविधियां नहीं हैं.

भगवान राम की पूजा, देवी अपराजिता की आराधना, शमी पूजन और विजयादशमी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान पर्व की परंपरा के अनुसार किए जा सकते हैं. केवल विडाल योग होने के आधार पर इन पूजाओं को रोक देना उचित नहीं होगा.

लेकिन नया व्यापार शुरू करने, संपत्ति की रजिस्ट्री कराने, गृह प्रवेश या किसी दूसरे बड़े मांगलिक कार्य के लिए स्वतंत्र मुहूर्त का विचार करना बेहतर माना जाता है.

क्या रवि योग में विडाल योग का दोष समाप्त हो जाता है?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है. रवि योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मानने की परंपरा जरूर है, लेकिन इससे प्रत्येक प्रतिकूल योग का दोष स्वतः समाप्त हो जाता है, ऐसा सार्वभौमिक नियम स्थापित नहीं है.

मुहूर्त शास्त्र में शुभ और अशुभ संकेतों का संयुक्त विचार किया जाता है. किसी एक योग को सभी दूसरे नियमों से ऊपर रखना सही नहीं होगा.

इसलिए यदि रवि योग और विडाल योग एक साथ हों तो केवल रवि योग देखकर बड़े कार्य का समय तय करने के बजाय उस कार्य के लिए निर्धारित मुहूर्त नियमों की जांच करनी चाहिए.

विजयादशमी पर क्या अभिजित मुहूर्त का नियम लागू होगा?

विजयादशमी को परंपरागत रूप से शुभ अवसर माना जाता है. कई मुहूर्त परंपराओं में इस दिन अपराह्न काल और विजय मुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है.

लेकिन विजय मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त अलग-अलग कालखंड हैं. इन्हें एक समझना सही नहीं है.

विजयादशमी के धार्मिक अनुष्ठानों में स्थानीय पंचांग के अनुसार अपराह्न काल का विचार महत्वपूर्ण है. वहीं वाहन खरीदने, व्यापार शुरू करने या गृह प्रवेश जैसे कार्यों के लिए अलग मुहूर्त नियम लागू हो सकते हैं.

दशहरे पर कौन-सा नियम मानना चाहिए?

दशहरे पर रवि योग और विडाल योग दोनों बताए जा रहे हों तो निर्णय इस आधार पर लेना चाहिए कि कौन-सा काम किया जा रहा है.

  • दशहरा पूजा और अपराजिता पूजन: स्थानीय पंचांग में निर्धारित विजयादशमी के पूजा काल को प्राथमिकता दें.
  • शस्त्र और शमी पूजन: पर्व से संबंधित परंपरागत पूजा समय का पालन करें.
  • नया व्यापार या बड़ा निवेश: केवल रवि योग के आधार पर निर्णय न लें. आर्थिक और व्यावहारिक पहलुओं के साथ उपयुक्त मुहूर्त भी देखें.
  • वाहन या संपत्ति की खरीद: खरीदारी और उसके धार्मिक पूजन के समय को अलग-अलग समझें. आवश्यक कानूनी या आर्थिक काम केवल योग के कारण टालना जरूरी नहीं है.
  • गृह प्रवेश और विवाह: इन संस्कारों के लिए विजयादशमी होने मात्र से सभी मुहूर्त संबंधी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं.

दशहरे पर रवि योग और विडाल योग साथ होने की स्थिति में किसी एक योग को अंतिम निर्णय का आधार नहीं बनाना चाहिए. विजयादशमी की पारंपरिक पूजा के लिए पर्व का निर्धारित पूजा काल महत्वपूर्ण है, जबकि दूसरे मांगलिक कार्यों के लिए अलग मुहूर्त देखना चाहिए. ज्योतिषीय योग धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा हैं; इनसे किसी कार्य की सफलता या असफलता वैज्ञानिक रूप से निर्धारित नहीं होती.

दशहरा 2026: रवि योग और विडाल योग का सही समय

20 अक्टूबर 2026, मंगलवार के लिए नई दिल्ली के पंचांग में दोनों योगों की पुष्टि होती है.

रवि योग- पूरे दिन                    
विडाल योग- सुबह 6:25 से शाम 6:02 बजे तक
नवमी तिथि समाप्त- दोपहर 12:50 बजे              
दशमी तिथि प्रारंभ- दोपहर 12:50 बजे              
श्रवण नक्षत्र समाप्त शाम 6:02 बजे                
विजय मुहूर्त- दोपहर 1:59 से 2:45 बजे      
राहुकाल- दोपहर 2:56 से 4:21 बजे      

दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक विजय मुहूर्त रहेगा, लेकिन इसी दौरान विडाल योग भी मौजूद होगा. ऐसे में पारंपरिक विजयादशमी पूजा के लिए विजय मुहूर्त को महत्व दिया जा सकता है. हालांकि किसी बड़े नए काम के लिए इसे सभी मुहूर्त दोषों से मुक्त समय बताना उचित नहीं होगा.

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि शाम 6:02 बजे विडाल योग समाप्त होने से उसके बाद का पूरा समय अपने आप शुभ नहीं हो जाता. इसलिए शुभ कार्य की प्रकृति के अनुसार अन्य मुहूर्त संबंधी नियम भी देखने चाहिए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

वोट बचाओ महारैली से क्या मजबूत होगी राहुल गांधी की सियासी पकड़?
रामलीला मैदान से शंखनाद: राहुल का सियासी कद बढ़ेगा या बढ़ेंगी मुश्किलें?
Kal Ka Rashifal 27 October 2026: मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग से मिथुन राशि को मिलेगा सरकारी टेंडर, धनु को पैतृक संपत्ति से लाभ
कल का राशिफल 27 अक्टूबर 2026: मंगलवार को लेन-देन में बरतें सावधानी, इन 3 राशि वालों को हो सकता है नुकसान
Gold vs Share Market November 2026: सोना खरीदें या शेयर बाजार में लगाएं पैसा? भारत की कुंडली में क्या संकेत
नवंबर में सोना खरीदें या शेयरों में पैसा लगाएं या फिर कुछ समय इंतजार करें? ज्योतिष से समझें
Weekly Horoscope 26 to 31 October 2026: करियर में पदोन्नति या पैसों का नुकसान? जानें 25 से 31 अक्टूबर तक क्या कहते हैं आपके सितारे
Weekly Horoscope 26 to 31 October 2026: करियर में पदोन्नति या पैसों का नुकसान? जानें 25 से 31 अक्टूबर तक क्या कहते हैं आपके सितारे
Advertisement

वीडियोज

AR Rahman का बड़ा खुलासा, 30 साल पहले Stage पर जाने से लगता था डर!
Sansani: दरिंदे पति ने हैवानियत की सारी हदें की पार!
Mallikarjun Kharge Statement: खरगे का विवादित बयान..सियासत में उबाल | Congress | Bihar | Patna
Mallikarjun Kharge Statement: कांग्रेस 'बाप' तक क्यों पहुंच गई? | Bihar News | Patna | Janhit
Anant Singh Inside Story: अनंत सिंह ने क्यों कहा JDU खत्म? | Nitish Kumar | Mokama | Bihar
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तमिलनाडु: पूर्व स्कूली शिक्षामंत्री अनबिल महेश अरेस्ट, 100 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप
तमिलनाडु: पूर्व स्कूली शिक्षामंत्री अनबिल महेश अरेस्ट, 100 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप
UP में ओवैसी ने बढ़ाई अखिलेश की टेंशन! 2027 में मुस्लिम वोटों पर होगा किसका कब्जा?
UP में ओवैसी ने बढ़ाई अखिलेश की टेंशन! 2027 में मुस्लिम वोटों पर होगा किसका कब्जा?
ब्राजील में जीते लूला तो नेहा बोरा बोलीं, 'भारत वसंत का इंतजार कर रहा है'
ब्राजील में जीते लूला तो नेहा बोरा बोलीं, 'भारत वसंत का इंतजार कर रहा है'
'फ्लॉप' भुवनेश्वर कुमार को कोच का संदेश, कहा- 'किसी चीज का पीछा मत करो'
'फ्लॉप' भुवनेश्वर कुमार को कोच का संदेश, कहा- 'किसी चीज का पीछा मत करो'
'जेलर 2' बनी रजनीकांत की दूसरी 700 करोड़ी फिल्म! बनाया एक्टर की नंबर 1 हाईएस्ट ग्रॉसर होने का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी रजनीकांत की दूसरी 700 करोड़ी फिल्म! बनाया एक्टर की नंबर 1 हाईएस्ट ग्रॉसर होने का रिकॉर्ड
बरी होने के बाद राहुल गांधी ने कोर्ट को कहा धन्यवाद, बोले- 'किसी को बदनाम...'
बरी होने के बाद राहुल गांधी ने कोर्ट को कहा धन्यवाद, बोले- 'किसी को बदनाम...'
'उम्मीद है कि भारत भी...', अरुणाचल बॉर्डर पर तनाव के बीच चीन ने क्या कहा
'उम्मीद है कि भारत भी...', अरुणाचल बॉर्डर पर तनाव के बीच चीन ने क्या कहा
दोहरे शतक से सिर्फ 1 रन दूर थे पडिक्कल, आउट होने पर उठाए सवाल
दोहरे शतक से सिर्फ 1 रन दूर थे पडिक्कल, आउट होने पर उठाए सवाल
Embed widget