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नीतीश की किस्मत या प्रशांत किशोर की प्लानिंग? सितारों ने बताया किसकी होगी बिहार की गद्दी

बिहार चुनाव 2025 में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से नीतीश कुमार की कुंडली मजबूत दिख रही है, लेकिन पूर्ण बहुमत पर संशय है. तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर की पार्टियां सत्ता के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं.

Bihar Prediction 2025: बिहार में किसकी सरकार बनेगी? इन दिनों यही चर्चा है. सभी राजनीतिक पार्टियां जनता के सामने अपने कार्य-योजना और वादों के साथ मैदान थी. पहले और अंतिम चरण के मतदान के बाद अब सभी दल सरकार बनाने के गुणा-गणित में जुट गई हैं. उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में मिले वोटों का आकलन कर रहे हैं और जीत की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं.

तीन प्रमुख शक्तियां तय करेंगी बिहार का भाग्य!

  1. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में, जिनके साथ भाजपा, लोजपा, हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी शामिल हैं.
  2. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) – तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष की सबसे बड़ी ताकत.
  3. जन सुराज पार्टी – प्रशांत किशोर की नई पार्टी, जो युवाओं और बुद्धिजीवियों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

बिहार की राजनीति में 2025-26 में कौन आगे रहेगा? क्या नीतीश कुमार फिर से सत्ता में लौटेंगे?

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार नीतीश कुमार की कुंडली वर्तमान में राहु-शुक्र दशा से लाभकारी स्थिति में है. राहु कुम्भ राशि से भाग्य भाव में स्थित हैं और शनि कर्म स्थान को बल दे रहे हैं. इससे सत्ता वापसी के योग बनते हैं. पूर्ण बहुमत न मिलने की संभावना है, पर गठबंधन सहयोग से सत्ता बरकरार रहेगी. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी नई राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकती है और वोट-बैंक विभाजन में मुख्य भूमिका निभाएगी.

नीतीश कुमार की जन्मकुंडली और भविष्यफल

नीतिश कुमार की जन्म कुंडली 1 मार्च 1951, दोपहर 1:20 बजे, बख्तियारपुर (बिहार) की है. नीतिश कुमार की कुंडली मिथुन लग्न की है, यानी बुध की राशि. इस कुंडली में लग्नेश बुध नवम भाव में सूर्य, गुरु और राहु के साथ स्थित हैं. मंगल-शुक्र दशम भाव में, शनि चतुर्थ भाव में और चंद्रमा षष्ठ भाव में हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि वर्तमान में नीतीश कुमार की कुंडली में राहु महादशा और शुक्र अंतर्दशा चल रही है. राहु कुंभ राशि में नवम भाव में स्थित हैं, जबकि कर्मस्थान दशम भाव में शनि मजबूत स्थिति में हैं. यह योग बताता है कि कभी-कभी भ्रम और निर्णय-संकट के बावजूद राजनीतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता बरकरार रहेगी. गुरु की दृष्टि दशम भाव पर पड़ने से उन्हें पुनः सत्ता का अवसर मिल सकता है.

वर्तमान को देखें तो नीतीश कुमार का भाग्य का सितारा फिलहाल मजबूत है. गठबंधन का सहयोग मिलेगा और संभावना है कि वे एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे.

प्रशांत किशोर और जन सुराज का भविष्य

जन सुराज पार्टी की घोषणा 2 अक्टूबर 2024, शाम 4:05 बजे, पटना में हुई थी. पार्टी की कुंडली कुंभ लग्न की है. जिसका स्वामी शनि होता है.  शनि केंद्र में स्थित होकर तीसरे, सातवें और दशम भाव को दृष्टि दे रहे हैं. आठवें भाव में ग्रहण योग, और राहु-केतु अक्ष सत्ता प्राप्ति में बाधा का संकेत देते हैं.

वर्तमान में चंद्रमा महादशा में राहु अंतर्दशा चल रही है, जिससे पार्टी को जनता में चर्चा तो मिलेगी पर सत्ता में स्थान कठिन रहेगा. फिर भी, जन सुराज पार्टी राजग और राजद दोनों के वोट-बैंक में सेंध लगा सकती है. बिहार की राजनीति में यह किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है.

क्या नीतीश कुमार मिल सकता है पूर्ण बहुमत?

2026 के जून से राहु-सूर्य की अंतर्दशा नीतीश कुमार की कुंडली में प्रारंभ होगी. यह काल राजयोगकारी कहा जा सकता है सत्ता में मजबूती और प्रशासनिक नियंत्रण का संकेत देता है. हालांकि, इस अवधि में सरकारी कार्यों में अल्पकालिक रुकावटें और विरोध भी देखने को मिल सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा का कहना है कि पूर्ण बहुमत की स्थिति की यदि बात करें तो वर्तमान ग्रह-स्थिति के अनुसार गुरु कर्क में उच्चस्थ हैं और शनि वक्री हैं. सूर्य तुला में नीचस्थ हैं और शुक्रादित्य योग बना रहे हैं. मंगल और बुध वृश्चिक में युति बना रहे हैं. केतु सिंह में है, जो राजयोग का संकेत देता है. यह योग दर्शाता है कि सत्ता वापसी संभव है, पर पूर्ण बहुमत की स्थिति अनिश्चित रहेगी. गठबंधन की भूमिका निर्णायक होगी.

ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो नीतीश कुमार की कुंडली मजबूत और शुभ योगों से परिपूर्ण है. सत्ता की राह में कुछ बाधाएं अवश्य हैं, पर 2025-27 का काल उनके लिए राजनीतिक पुनर्जन्म का दौर साबित हो सकता है. वहीं प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी राज्य की राजनीति में नया संतुलन ला सकती है और भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा विगत 15 वर्षों से वैदिक ज्योतिष, पारिवारिक समस्याओं और वैवाहिक जीवन की जटिलताओं पर गहन कार्य कर रहे हैं. इस लंबे अनुभवकाल में आपने हजारों लोगों को जीवन के निर्णायक मोड़ों पर ज्योतिषीय और मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान किया है. आपकी ख्याति एक ऐसे विद्वान के रूप में है जो केवल ग्रहों की गणना नहीं करते, बल्कि व्यक्ति की मानसिकता, सामाजिक परिस्थिति और पारिवारिक पृष्ठभूमि को भी कुंडली के साथ जोड़कर समाधान प्रस्तुत करते हैं. आपने M.A. (आचार्य) की उपाधि ज्योतिष शास्त्र में प्राप्त की, और वर्तमान में आप "A Study on Philandery and Problems in Marriage" विषय पर पीएच.डी. कर रहे हैं. यह शोध विषय आधुनिक समाज की उस गहरी समस्या को केंद्र में रखता है, जो विवाहों के विघटन, चरित्र दोष (Philandery), और मानसिक-सामाजिक तनाव से जुड़ी है. संजीत कुमार मिश्रा विवाह, संतान, प्रेम संबंध, पारिवारिक कलह, तथा करियर से जुड़े जटिल मामलों का समाधान वैदिक और व्यवहारिक दोनों दृष्टियों से करते हैं. लेखन, शोध और व्याख्यान के माध्यम से आप ज्योतिष को जन-जागरूकता और आत्मनिर्माण का माध्यम बना रहे हैं.    

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