Vijay Yadav Champaran: 800 की नौकरी छोड़ शुरू की खेती, अब सालाना कमाई 20 लाख
Vijay Yadav Champaran: बिहार के विजय यादव ने सब्जियों और फलों की खेती कर अपनी आमदानी से सबको चौंका दिया. बिजय अब इस नए आइडिया से साल के 20 लाख तक की कमाई कर रहे है.

Vijay Yadav Champaran: बिहार के किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक और नई-नई फसलों की खेती कर रहे हैं. ताकी खेती से होने वाली कमाई को बढ़ाया जा सके. ऐसे में बिहार के चंपारण के विजय यादव ने अपने खेती करने के तरिके से सबको हैरान कर दिया है. विजय यादव ने एक ही प्लॉट में एक साथ तीन फसलों की सफल खेती की है. वे इसे ट्रिपल क्रॉस खेती कहते हैं. आज वह अपनी सूझबूझ और आधुनिक खेती के दम पर हर साल 20 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि चंपारण के इस किसान ने यह कमाल कैसे किया?
800 की नौकरी से 20 लाख तक का टर्नओवर
विजय यादव बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले हैं. शुरुआती दिनों में आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने एक प्राइवेट जगह पर सिर्फ 800 रुपये महीने की सैलरी पर नौकरी शुरू की थी. इतनी कम कमाई में परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं, जिससे वह काफी परेशान रहते थे. फिर उन्होंने तय किया कि वह नौकरी करने के बजाय अपनी जमीन पर खुद का कोई काम शुरू करेंगे. विजय के अपने पुरखों की जमीन थी, जहां उनके परिवार के लोग पारंपरिक रूप से धान और गेहूं की खेती करते थे.
अपनाया आधुनिक तरीका
किसान विजय यादव ने अपने खेत में एक बेहद शानदार प्रयोग किया. उन्होनें अपनी जमीन पर नींबू, ओल और मिर्च तीनों के पौधे एक साथ लगाए. विजय का कहना है कि उन्होनें सबसे पहले नींबू का बागान लगाया. इसमें हर पौधे को 10×8 फीट की दूरी के हिसाब से 100 पौधे लगाए. जब यह पौधे लग गए तो इनके बीच में काफी जमीन खाली बची हुई थी. विजय ने उस खाली जमीन का सही उपयोग करने के लिए वहां मिर्च और औल के पौधे लगा दिए. ऐसा करने से खाली जमीन का दो फसलें और बढ़ गई और खाली जमीन का सही इस्तेमाल भी हो गया.
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सही किस्म का चुनाव
विजय ने नींबू के लिए बनारसी कागजी नींबू की किस्म चुनी. नींबू के बगीचे के पूरी तरह तैयार होने और फल देने में लगभग डेढ़ साल का लंबा समय लगता है. इसमें वे खाली नहीं बैठे और उन्होनें इस खाली समय में ओल और मिर्च उगाने का सोचा. क्योंकि नवंबर महीने तक ओल की फसल पूरी तरह तैयार हो जाएगी और उसे निकालकर मंडी में बेच दिया जाएगा. इसके बाद जनवरी महीने तक मिर्च की तुड़ाई का काम पूरा हो जाएगा. इससे नींबू के तैयार होने से पहले ही उन्हें इन दो फसलों का अच्छा मुनाफा मिल जाएगा. विजय यादव साल 2005 से सब्जियों की खेती कर रहे हैं. वे अपने खेतों में नीम की खली और केंचुआ से तैयार वर्मी कंपोस्ट का ही उपयोग करते हैं. उनके इस सफल प्रयोग को देखने के लिए आसपास के कई किसान भी पहुंच रहे हैं.
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