Summer Farming Tips: भयानक गर्मी और बगैर पानी के भी खूब मुनाफा देती हैं ये फसलें
Summer Farming Tips: गर्मियों में मूंग, बाजरा, तिल, मक्का, लोबिया और तरबूज-खरबूजा जैसी फसलें कम पानी में भी बंपर पैदावार देकर किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा दिला सकती हैं.

Summer Farming Tips: भीषण गर्मी और घटता भूजल स्तर अक्सर किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है, लेकिन सही फसल का चुनाव इसी मौसम को कमाई के बड़े मौके में बदल सकता है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ खास फसलें ऐसी हैं जो कम पानी और तेज गर्मी में भी शानदार पैदावार देती हैं, और वो भी बेहद कम लागत में.
मूंग बनी किसानों की पहली पसंद, वजह भी है खास
गर्मी के मौसम की सबसे भरोसेमंद फसलों में मूंग सबसे ऊपर आती है. यह करीब 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाती है और बेहद कम सिंचाई में भी अच्छी पैदावार देती है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह मिट्टी से नाइट्रोजन सोखने की बजाय वातावरण से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में जमा करती है, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है और अगली फसल को भी फायदा मिलता है.
बाजरा और तिल भी देते हैं कम पानी में बंपर उत्पादन
मूंग के अलावा बाजरा, तिल और मक्का जैसी फसलें भी गर्मी के मौसम के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती हैं. ये फसलें कम पानी में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम हैं, जिससे किसानों की सिंचाई लागत काफी कम हो जाती है. खास बात यह है कि बाजरा और मूंग की मिश्रित खेती करने से भूमि का बेहतर इस्तेमाल होता है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और सूखे का जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाता है.
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लोबिया और तरबूज खरबूजा भी बन सकते हैं मुनाफे का जरिया
गर्मी सहन करने वाली फसलों में लोबिया यानी काऊपी का नाम भी अहम है, इसे कम देखभाल में ही आसानी से उगाया जा सकता है. वहीं तरबूज और खरबूजा जैसी फसलें भी गर्मियों में बाजार में अच्छी कीमत दिलाती हैं, क्योंकि इस मौसम में इनकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. यही वजह है कि यह फसलें किसानों को कम समय में जल्दी मुनाफा दिलाने में मदद करती हैं.
बुवाई के समय का रखें खास ध्यान
कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि इन फसलों की बुवाई तभी करनी चाहिए, जब कम से कम 75 से 100 मिलीमीटर बारिश हो चुकी हो और मिट्टी में पर्याप्त नमी बन गई हो. समय से पहले बुवाई करने पर बीज सही तरीके से अंकुरित नहीं हो पाते, जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ सकता है.
बाजार की मांग समझना भी है जरूरी
सिर्फ फसल चुनना ही काफी नहीं, बल्कि बाजार में उसकी मांग और सही समय पर बिक्री पर भी ध्यान देना जरूरी है. मौसम से लड़ने के बजाय अगर खेती को मौसम के अनुसार ढाला जाए, तो गर्मी का यह मौसम भी किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
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