एक्सप्लोरर

उत्तर प्रदेश में सुपरफूड की एंट्री, पैशन फ्रूट की खेती शुरू कर कमाएं लाखों रुपये

Passion Fruit Cultivation Tips: पारंपरिक खेती से हटकर यूपी के किसान अब विदेशी पैशन फ्रूट की खेती कर रहे हैं. इसकी डिमांड मार्केट में खूब से जिससे लाखों को मुनाफा कमाया जा सकता है.

Passion Fruit Cultivation Tips: उत्तर प्रदेश के पारंपरिक खेतों में अब कुछ ऐसा उग रहा है. जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में पाया जाने वाला पैशन फ्रूट अब यूपी की मिट्टी में अपनी जड़ें जमा चुका है. यह फल न केवल स्वाद में लाजवाब है. बल्कि इसका इस्तेमाल जूस और जेली बनाने में भी खूब होता है. यूपी में इसकी शुरुआत एक ऐसे समय में हुई है जब किसान पारंपरिक फसलों के नुकसान से तंग आकर कुछ नया और हटके करने की तलाश में हैं. जान लीजिए कैसे आप भी कर सकते हैं पैशन फ्रूट की खेती.

बड़े शहरों रहती है डिमांड

फिलहाल उत्तर प्रदेश के लोकल बाजारों के लिए पैशन फ्रूट एक नई चीज है. लेकिन दिल्ली जैसे महानगरों में इसकी डिमांड और कीमत दोनों आसमान छू रहे हैं. बड़े शहरों के सुपरमार्केट में यह फल 170 रुपये से लेकर 220 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. जो किसानों के लिए बंपर मुनाफे का संकेत है. जैसे-जैसे लोगों को इस सुपरफूड के फायदों का पता चलेगा. यूपी के बाजारों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ेगी.

  • दिल्ली और बड़े शहरों में पैशन फ्रूट ₹200 प्रति किलो के आसपास बिकता है, जिससे यह एक हाई-वैल्यू कैश क्रॉप बन जाती है.
  • इसकी डिमांड केवल फल के रूप में ही नहीं, बल्कि जूस और जेली बनाने वाली कंपनियों में भी बहुत ज्यादा है.

एक बार मार्केट सेट हो जाए. तो यह विदेशी फल छोटे किसानों को भी घर बैठे लखपति बनाने की ताकत रखता है.

यह भी पढ़ें: खेत में उगाएं 'लाल-पीली' शिमला मिर्च और कमाएं मोटा मुनाफा, मार्केट में डिमांड देख किसान हुए गदगद

कैसे करें इसकी खेती?

पैशन फ्रूट की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे किसी बहुत खास या बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. यह एक बेल वाली फसल है. जिसे चढ़ाने के लिए खेत में एक मजबूत ढांचा या स्ट्रक्चर बनाना पड़ता है. इसके 100 पौधों के लिए करीब सात क्विंटल लोहे के एंगल और दो क्विंटल तार का इस्तेमाल कर एक जाल तैयार कर सकते है. सितंबर के आखिर से इसमें फूल आने लगते हैं और फरवरी से लेकर जून तक फलों की तुड़ाई का सिलसिला चलता रहता है.

  • फसल साल में एक बार मुख्य रूप से आती है. लेकिन इसकी हार्वेस्टिंग का सीजन लगभग तीन महीने तक चलता है.
  • बेलों के नीचे की खाली जगह का इस्तेमाल किसान शिमला मिर्च, मक्का या पत्तागोभी उगाने के लिए कर सकते हैं, जिसे मल्टीलेयर फार्मिंग कहते हैं.

बिना किसी बड़ी बीमारी या कीड़ों के डर के यह फसल कम मेहनत में तैयार होने वाला एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो रही है.

यह भी पढ़ें: लीची की पैदावार को बर्बाद कर सकते हैं ये खतरनाक कीट, जानिए कृषि विशेषज्ञों के बचाव के तरीके

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Goat Farming Subsidy: बकरी पालन के लिए सरकार देती है 90% सब्सिडी, सिर्फ 6000 लगाकर ऐसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस 
बकरी पालन के लिए सरकार देती है 90% सब्सिडी, सिर्फ 6000 लगाकर ऐसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस 
किसानों को कैसे मिलता है एग्रीकल्चर गोल्ड लोन, क्या है इसके लिए अप्लाई करने का तरीका?
किसानों को कैसे मिलता है एग्रीकल्चर गोल्ड लोन, क्या है इसके लिए अप्लाई करने का तरीका?
Low Water Farming: कितना भी पड़े सूखा ये फसलें नहीं होंगी टस से मस, कम पानी में देती हैं खूब पैदावार
कितना भी पड़े सूखा ये फसलें नहीं होंगी टस से मस, कम पानी में देती हैं खूब पैदावार
बैंगन की फसल में सूखने का संकट? इस आसान और देसी नुस्खे से फिर हरा-भरा हो जाएगा आपका खेत
बैंगन की फसल में सूखने का संकट? इस आसान और देसी नुस्खे से फिर हरा-भरा हो जाएगा आपका खेत
Advertisement

वीडियोज

Bhopal High Profile Suicide: IPS की बेटी का सुसाइड नोट, 'पापा-मम्मी, मैं अच्छी बेटी नहीं बन सकी'
Sansani | Patiala Drum Murder: नीले ड्रम में मिली नेहा की लाश! हाथों पर बने 'टैटू' ने खोला राज!
Bakrid Controversy | Janhit: दिल्ली से पटना तक फ्लैग मार्च, क्या कल थम जाएगा बकरे पर बवाल?
Bakrid Controversy | Bharat Ki Baat: बकरे पर बंटेंगे तो एकजुट कैसे रह सकेंगे? | Maharashtra News
Supreme Court on SIR | Sandeep Chaudhary: SIR पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दी 'क्लीन चिट'!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जन सुराज के चीफ प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, 'नीतीश कुमार जब कमजोर पड़े तो...'
जन सुराज के चीफ प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, 'नीतीश कुमार जब कमजोर पड़े तो...'
सिद्धरमैया के इस्तीफ से पहले बढ़ा बवाल, समर्थकों की नारेबाजी, आलाकमान पर उतारा गुस्सा
सिद्धरमैया के इस्तीफ से पहले बढ़ा बवाल, समर्थकों की नारेबाजी, आलाकमान पर उतारा गुस्सा
नीट पेपर लीक विवाद पर कमेंट की वजह से विशाल ददलानी को इंडियन आइडल से निकाला गया? कंपोजर ने किया रिएक्ट
नीट पेपर लीक विवाद पर कमेंट की वजह से विशाल ददलानी को इंडियन आइडल से निकाला गया?
अब मार्च से मई के बीच नहीं खेला जाएगा IPL? BCCI इन महीनों में शिफ्ट करने का बना रही प्लान
अब मार्च से मई के बीच नहीं खेला जाएगा IPL? BCCI इन महीनों में शिफ्ट करने का बना रही प्लान
मोदी कैबिनेट का राशन को लेकर बड़ा फैसला, 80 करोड़ लोगों पर पड़ेगा सीधा असर  
मोदी कैबिनेट का राशन को लेकर बड़ा फैसला, 80 करोड़ लोगों पर पड़ेगा सीधा असर  
UCC पर हिमंत का कांग्रेस पर बड़ा हमला, ओवैसी बोले- मुसलमानों पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश; असम विधानसभा से बिल पास
असम में UCC बिल पास: बहुविवाह पर रोक, लिव-इन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, ओवैसी बोले मुसलमानों पर...
Heatwave Health Risks: हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर
हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर
पीएम मोदी के साथ विजय की 20 मिनट बैठक, सीएम बनने के बाद पहली मुलाकात में की ये 2 अपील
पीएम मोदी के साथ विजय की 20 मिनट बैठक, सीएम बनने के बाद पहली मुलाकात में की ये 2 अपील
Embed widget