एक्सप्लोरर

बेलदार सब्जियों के लिए जैकपॉट है Trellis System, किसानों को होगा बंपर मुनाफा

Trellis System: बेलदार फसलों के लिए ट्रेलिस सिस्टम एक गेम-चेंजर है. इसमें मचान बनाकर सब्जियों को ऊपर चढ़ाया जाता है. जिससे सड़न कम और पैदावार डबल होती है.

Trellis System: बेलदार फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए ट्रेलिस सिस्टम यानी मचान विधि किसी जैकपॉट से कम नहीं है. पारंपरिक तरीके से जमीन पर फैलने वाली बेलों में अक्सर बीमारियां और सड़न की समस्या रहती है, लेकिन यह मॉडर्न तकनीक इस पूरे प्रोसेस को ही बदल देती है. इस सिस्टम में लोहे के तारों, बांस या कंक्रीट के खंभों के सहारे एक ढांचा तैयार किया जाता है. 

जिस पर सब्जियां ऊपर की ओर बढ़ती हैं. यह तकनीक उन प्रोग्रेसिव किसानों के लिए परफेक्ट है जो कम जमीन से मैक्सिमम आउटपुट निकालना चाहते हैं. इसमें न केवल फसल की क्वालिटी सुधरती है, बल्कि लेबर कॉस्ट में भी बड़ी बचत होती है. अगर आप खेती को एक प्रॉफिटेबल बिजनेस बनाना चाहते हैं, तो ट्रेलिस सिस्टम को अपनाना एक स्मार्ट मूव साबित हो सकता है.

मचान विधि में आती है इतनी लागत 

ट्रेलिस सिस्टम को इंस्टॉल करना एक वन-टाइम इन्वेस्टमेंट जैसा है. जो लंबे समय तक बंपर रिटर्न देता है. इस सेटअप को बनाने के लिए खेत में निश्चित दूरी पर खंभे गाड़े जाते हैं और उनके बीच गैल्वनाइज्ड तारों का जाल बुना जाता है. किसान भाई अपनी सुविधा और बजट के अनुसार लकड़ी, बांस या लोहे के पाइप का चुनाव कर सकते हैं. 

हालांकि शुरुआती लागत पारंपरिक खेती से थोड़ी ज्यादा लग सकती है. लेकिन फसल की सुरक्षा और बेहतर मैनेजमेंट के कारण यह खर्च कुछ ही समय में रिकवर हो जाता है. इस ऊर्ध्वाधर यानी वर्टिकल ढांचे पर बेलें चढ़ने से उन्हें भरपूर हवा और धूप मिलती है, जो पौधों की हेल्दी ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है.

यह भी पढ़ें: केले खाकर छिलके गमले में दबा देते हो? ऐसे नहीं बनता फर्टीलाइजर, नोट कर लें तरीका

बीमारियों से सुरक्षा 

जमीन पर खेती करने का सबसे बड़ा रिस्क यह होता है कि मिट्टी के संपर्क में रहने से बेलों और फलों में फंगस या सड़न लग जाती है. ट्रेलिस सिस्टम इस रिस्क को पूरी तरह खत्म कर देता है क्योंकि फल हवा में लटके रहते हैं. इससे सब्जियों का आकार एक समान रहता है, रंग निखर कर आता है और उन पर दाग-धब्बे नहीं लगते. 

जब फल साफ-सुथरे और अट्रैक्टिव होते हैं. तो मार्केट में उनकी डिमांड और रेट दोनों ही काफी हाई मिलते हैं. इसके अलावा, हवा में होने के कारण कीटों का हमला भी कम होता है, जिससे किसानों को महंगे पेस्टिसाइड्स पर कम खर्च करना पड़ता है, जो मुनाफे को सीधा बूस्ट करता है.

उत्पादन में भारी इजाफा

इस मॉडर्न तकनीक का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका ईजी मैनेजमेंट है. मचान विधि में सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन का सेटअप करना बहुत आसान हो जाता है, जिससे पानी और खाद सीधे जड़ों तक पहुंचते हैं और बर्बादी रुकती है. फसल की तुड़ाई यानी हार्वेस्टिंग के समय भी लेबर को झुकना नहीं पड़ता, जिससे काम तेजी से होता है और लेबर चार्ज कम आता है. 

इस सिस्टम से एक ही जमीन पर पौधों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिससे टोटल प्रोडक्शन में 2 से 3 गुना तक का इजाफा देखा गया है. करेला, लौकी, तोरई और खीरा जैसी फसलों के लिए यह सिस्टम वाकई में एक गेम-चेंजर है जो किसानों की इनकम को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है.

यह भी पढ़ें: मिट्टी-पानी के बिना घर की बालकनी में ऐसे उगाएं सब्जियां, स्मार्ट लोगों के लिए है स्मार्ट फार्मिंग

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

खेत में फसल के दुश्मनों का हमला, लगाएं नीले और पीले कार्ड
खेत में फसल के दुश्मनों का हमला, लगाएं नीले और पीले कार्ड
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
ऊपर से हरी दिख रही गेहूं की फसल, फिर क्यों कम हो जाती है पैदावार?
ऊपर से हरी दिख रही गेहूं की फसल, फिर क्यों कम हो जाती है पैदावार?
खेत में ही मिलाएं पराली, अगली फसल की पैदावार बढ़ाने में मिलेगी मदद
खेत में ही मिलाएं पराली, अगली फसल की पैदावार बढ़ाने में मिलेगी मदद

वीडियोज

Mumbai News | Sansani: बॉलीवुड के सितारों पर गैंगस्टर की नजर... मुंबई में खौफ !
Tiger Shroff Firing News: टाइगर श्रॉफ के बिल्कुल सामने थे हमलावर, ताबड़तोड़ फायरिंग, सामने आया VIDEO
Tiger Shroff News: ब्लॉग बनाती रहीं अम्मा.. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के दौरान क्या हुआ? बड़ा खुलासा !
Tiger Shroff Firing News: लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने पोस्ट किया, जांच के लिए 15 टीमें बनाई गई
Sandeep Chaudhary : जनता परेशान...कारोबार का नुकसान...कब समाधान? | Rahul Gandhi | SIR | Neha Bora

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फ्रांस हिंसक प्रदर्शन: ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार- 'उनके दिलों में...'
फ्रांस हिंसक प्रदर्शन: ट्रंप ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार- 'उनके दिलों में...'
बुजुर्ग मुस्लिम महिला का हुआ निधन तो गांव वालों ने रोक दी रामलीला, बिजनौर में एकता की मिसाल
बुजुर्ग मुस्लिम महिला का हुआ निधन तो गांव वालों ने रोक दी रामलीला, बिजनौर में एकता की मिसाल
चेतेश्वर पुजारा ने चुनी NZ टेस्ट सीरीज के लिए बेस्ट प्लेइंग XI; कुलदीप को किया इग्नोर
चेतेश्वर पुजारा ने चुनी NZ टेस्ट सीरीज के लिए बेस्ट प्लेइंग XI; कुलदीप को किया इग्नोर
फायरिंग में टाइगर श्रॉफ को हाथ में लगी चोट, हॉस्पिटल से निकलने की वीडियो आई सामने
फायरिंग में टाइगर श्रॉफ को हाथ में लगी चोट, हॉस्पिटल से निकलने की वीडियो आई सामने
'भारत के लिए रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश', किरेन रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला
'भारत के लिए रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश', रिजिजू का विपक्ष पर बड़ा हमला
अमित शाह 20 अक्टूबर को जाएंगे पंजाब, नशाखोरी-कानून व्यवस्था पर AAP सरकार पर साधा निशाना
अमित शाह 20 अक्टूबर को जाएंगे पंजाब, नशाखोरी-कानून व्यवस्था पर AAP सरकार पर साधा निशाना
CJP के खिलाफ उतरी ‘लाल हिट जनता पार्टी’, चेतावनी देते हुए कहा- 'दशहरे से...'
CJP के खिलाफ उतरी ‘लाल हिट जनता पार्टी’, चेतावनी देते हुए कहा- 'दशहरे से...'
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
कैसे करें काले गुड़ के बिजनेस की शुरुआत, किस गन्ने से बनता है यह?
Embed widget