टमाटर की ये 5 किस्में कराएगी बंपर कमाई, हर सीजन में मिलेगी रिकॉर्ड तोड़ पैदावार
Tomato Farming Tips: टमाटर की इन 5 किस्मों को अपनाकर किसान हर मौसम में रिकॉर्ड तोड़ पैदावार ले सकते हैं. बीमारियों से लड़ने वाली यह वैरायटी कम लागत में सबसे ज्यादा मुनाफा देती हैं.

Tomato Farming Tips: भारतीय रसोई में टमाटर एक ऐसी चीज है जिसके बिना हर सब्जी अधूरी है. बाजार में इसकी डिमांड कभी कम नहीं होती और यही वजह है कि किसानों के लिए यह हमेशा से एक बढ़िया फसल रही है. लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए सबसे जरूरी है सही वैरायटी का चुनाव करना. पारंपरिक किस्मों के मुकाबले आज के समय में हाइब्रिड किस्में न सिर्फ अच्छी पैदावार देती हैं.
बल्कि इनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी ज्यादा होती है. कृषि वैज्ञानिकों ने तैयार की यह कुछ खास किस्में इन दिनों देश भर के किसानों की पहली पसंद बनी हुई हैं. अगर आप भी अपने खेत से अच्छा उत्पादन चाहते हैं. तो फिर आप इन 5 किस्मों के बारे में जान लीजिए.
पूसा वैरायटी और अविनाश-2 की मार्केट में डिमांड
टमाटर की सबसे अच्छी किस्मों में पूसा शीतल का नाम सबसे ऊपर आता है. इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत ठंडे मौसम को भी आसानी से सह लेती है और कम तापमान में भी इसके फल अच्छे से सेट होते हैं. इसके बाद आती है पूसा हाइब्रिड-1 जो अपने बड़े साइज और लाल रंग के लिए मंडियों में हाथों-हाथ बिकती है.
इसके पौधे काफी मजबूत होते हैं और प्रति हेक्टेयर बहुत शानदार उपज देते हैं. प्राइवेट सेक्टर में अविनाश-2 वैरायटी किसान खूब ले रहे हैं. यह किस्म लीफ कर्ल वायरस जैसी खतरनाक बीमारियों के खिलाफ काफी प्रतिरोधी है. इसके फल तोड़ने के बाद काफी दिनों तक खराब नहीं होते जिससे इन्हें दूर की मंडियों में भेजना आसान हो जाता है.
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अर्का रक्षक और अर्का सम्राट से रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन
बंपर पैदावार के मामले में बेंगलुरु के आईआईएचआर की ओर से विकसित की गई अर्का रक्षक और अर्का सम्राट का कोई मुकाबला नहीं है. अर्का रक्षक एक ऐसी चमत्कारी किस्म है जो तीन अलग-अलग तरह के खतरनाक वायरस और फंगस से एक साथ लड़ सकती है. इसके फल काफी ठोस होते हैं जिससे ट्रांसपोर्टेशन के दौरान यह दबके खराब नहीं हैं.
वहीं दूसरी तरफ अर्का सम्राट भी अपने बड़े आकार और गहरे लाल रंग के लिए जानी जाती है. इस किस्म से प्रति हेक्टेयर अस्सी से सौ टन तक का बंपर उत्पादन लिया जा सकता है. इन दोनों किस्मों की सबसे खास बात यह है कि इनके फल लंबे समय तक फ्रेश रहते हैं. अगर किसान इन दोनों में से किसी भी वैरायटी को चुनते हैं. तो उनको मोटा मुनाफा मिलना तय है.
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