एक साल से रुकी है किसान योजना की किस्त, जानें कैसे मिलेगी?
क्या आपकी भी पीएम किसान योजना की किस्त एक साल से रुकी है? खाते में पैसे न आने के पीछे कौन सी बड़ी गलती है और कैसे मिलेंगी पिछली सारी रुकी हुई किस्तें एक साथ? जानें इन सभी बातों का पूरा समाधान.

देश में करोड़ों की संख्या में किसान रहते हैं लेकिन बहुत से किसान ऐसे हैं जो खेती करके बहुत ज्यादा कमाई नहीं कर पाते हैं. ऐसे किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं. जिनमें पीएम किसान सम्मान निधि योजना सबसे प्रमुख योजना है. इसके तहत साल भर में 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों के जरिए कुल 6 हजार रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं.
अब तक इस योजना में कुल 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं. जिनका फायदा देश के कई करोड़ किसान उठा चुके हैं. लेकिन कई ऐसे भी जरूरतमंद किसान हैं जिनके खाते में लंबे अरसे से किस्त के पैसे नहीं आए हैं. अगर आपका नाम भी उन किसानों में शुमार है जिन्हें पिछले एक साल से पैसे नहीं मिल पाए हैं. तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. इन जरूरी कामों को करते ही आपको फिर से पीएम किसान योजना की किस्त मिलने लगेगी. चलिए आपको बताते हैं इसके लिए आपको क्या करना होगा.
किस वजह से अटकी हो सकती है किस्त?
अगर पीएम किसान योजना में किसी किसान की किस्त लंबे समय से अटकी हुई है. तो फिर इसके पीछे सामान्य तौर पर कुछ गलतियां जिम्मेदार हो सकती हैं. आपको बता दें सरकार ने योजना में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए नियमों को काफी कड़ा कर दिया है, जिसके चलते कई किसानों की किस्तें भी बीच में रुक गई हैं. किस्त रुकने के पीछे जो सबसे बड़ी वजह है वह ई-केवाईसी का अधूरा होना है.
अगर किसान ने ओटीपी या फिर बायोमेट्रिक आधारित वेरिफिकेशन पूरा नहीं कराया है. तो सिस्टम किस्त रोक देता है. वहीं इसमें दूसरी सबसे बड़ी वजह है लैंड सीडिंग यानी जमीन का वेरिफिकेशन न होना है. सरकारी रिकॉर्ड में जमीन की डिटेल मैच न होने पर पैसा अटक जाता है. तो इसके अलावा कई किसानों का आधार कार्ड उनके बैंक खाते से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जरिए लिंक नहीं होता. जिससे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का फीचर बंद हो जाता है.

घर बैठे चेक करें स्टेटस
अगर आपके खाते में पिछले एक साल से किस्त का पैसा नहीं आया है. तो सबसे पहले आपको अपने एप्लीकेशन का करंट स्टेटस चेक करना होगा. इसके लिए ऑफिशियल पीएम किसान पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाना होगा और Know Your Status वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर डालते ही स्क्रीन पर पूरी डिटेल आ जाएगी कि आपकी किस्त किस कमी की वजह से रुकी हुई है.
अगर वहां ई-केवाईसी का स्टेटस No दिख रहा है. तो आप पोर्टल पर आधार ओटीपी के जरिए इसे खुद पूरा कर सकते हैं. जिन किसानों के आधार में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर फिंगरप्रिंट यानी बायोमेट्रिक के जरिए भी तुरंत ई-केवाईसी करवा सकते हैं. ऐसा करते ही आपका रुका हुआ स्टेटस फिर से एक्टिव हो जाएगा.
यह भी पढ़ें: बाढ़ के पानी में डूब गई फसल, जानें कैसे ले सकते हैं मुआवजा?
ऐसे मिलेगा पिछला पैसा
अगर पोर्टल पर लैंड सीडिंग No दिखाई दे रही है. तो आपको अपने ब्लॉक के कृषि विभाग दफ्तर या नजदीकी तहसील में जाकर पटवारी से मिलना होगा. वहां अपनी जमीन की खतौनी और आधार की फोटोकॉपी देकर जमीन का फिजिकल वेरिफिकेशन करवाएं. बैंक खाते में डीबीटी शुरू कराने के लिए अपनी बैंक ब्रांच जाकर एनपीसीआई मैपिंग फॉर्म भरें. जैसे ही आपकी लैंड सीडिंग, ई-केवाईसी और बैंक खाता वेरीफाई हो जाएंगे.
सरकार की ओर से अगली किस्त जारी करते समय पिछली सभी रुकी हुई किस्तें एक साथ आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएंगी. अगर सारे डॉक्यूमेंट्स सही होने के बाद भी पैसा नहीं आ रहा है तो किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर सीधे कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल भेजकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या किसानों को रक्षाबंधन पर मिलेंगे 4000 रुपये? जानें पीएम किसान योजना का सच























