एक्सप्लोरर

दो एकड़ में पाइनएप्पल से कितनी कमाई होगी, जानें गणित

पारंपरिक खेती छोड़ क्या पाइनएप्पल की बागवानी से बन सकते हैं लखपति? जान लीजिए दो एकड़ जमीन में पाइनएप्पल की खेती करने पर कुल कितनी लागत आती है और इससे कितनी कमाई की जा सकती है.

किसानों के लिए अब पारंपरिक खेती में पहले जितना मुनाफा नहीं रहा है. गेहूं, धान और गन्ने जैसी फसलों में भारी भरकम लागत लगाने के बाद भी उतना मुनाफा नहीं मिलता. अब मौसम की मार, पानी की कमी और लगातार गिरते मंडी भावों के चलते आज देश भर के किसान काफी परेशान नजर आते हैं. ऐसे में फलों की बागवानी कमाई का एक बेहतरीन जरिया बनकर उभरी है. फलों की खेती की बात करें तो अनानास यानी पाइनएप्पल एक ऐसी बढ़िया फसल है. 

जिसकी मांग बाजार में साल भर बनी रहती है. शहरों के बड़े सुपरमार्केट्स से लेकर लोकल जूस कॉर्नर्स, शादी-समारोहों के फ्रूट स्टॉल्स, जैम-जेली और जूस बनाने वाली प्रोसेसिंग कंपनियों में पाइनएप्पल ऊंचे दामों पर बिकता है. कई किसान जानना चाहते हैं कि अगर वे दो एकड़ में पाइनएप्पल की खेती शुरू करें तो इसमें कुल कितनी लागत आएगी और कितना मुनाफा होगा? चलिए समझते हैं दो एकड़ में पाइनएप्पल की खेती से होने वाली कमाई का पूरा गणित.

कैसे करें इसकी खेती की शुरूआत?

पाइनएप्पल की खेती को शुरू करने के लिए सबसे पहले मिट्टी को चेक करवा कर खेत की दो से तीन बार गहरी जुताई करना जरूरी होता है. अच्छी जल निकासी वाली हल्की बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे सही मानी जाती है. खेत तैयार करते वक्त प्रति एकड़ सही मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद और वर्मीकम्पोस्ट मिलाना चाहिए. दो एकड़ जमीन में हाई-डेंसिटी प्लांटिंग यानी सघन बागवानी तकनीक के माध्यम से लगभग 40000 से 45000 पौधे आसानी से रोपे जा सकते हैं. इसके लिए आमतौर पर उन्नत किस्मों के स्वस्थ सकर्स का इस्तेमाल किया जाता है. 

पौधों को लाइन्स में तरीके से 30 सेंटीमीटर की दूरी पर बेड बनाकर लगाया जाता है. खर्च की बात करें तो दो एकड़ के लिए 40000 सकर्स खरीदने पर लगभग 1.20 लाख से 1.50 लाख रुपये खर्च होते हैं. खेत की तैयारी, खाद, बेड बनाने के लिए, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, प्लास्टिक मल्चिंग शीट और मजदूरों की मजदूरी मिलाकर कुल शुरुआती लागत करीब 2.80 लाख से 3.20 लाख रुपये के आसपास बैठती है. इसमें अच्छी बात यह है कि केंद्र और राज्य सरकारें ड्रिप और मल्चिंग पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी देती हैं.


दो एकड़ में पाइनएप्पल से कितनी कमाई होगी, जानें गणित

दो एकड़ से कितनी पैदावार मिलेगी?

पाइनएप्पल कोई ऐसी फसल नहीं है जो दो-तीन महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाए इसे पूरी तरह तैयार होने में 15 से 18 महीने का समय लगता है. इस दौरान खेत में खरपतवार रोकने के लिए मल्चिंग बहुत काम आती है जिससे निराई-गुड़ाई का लेबर खर्च काफी कम हो जाता है. ड्रिप से समय-समय पर हल्की सिंचाई और पौधों को जरूरी जैविक पोषण देना पड़ता है. जब फल का रंग गहरे हरे से बदलकर हल्का पीला-सुनहरा होने लगे और हल्की खुशबू आने लगे तब समझें कि फल पूरी तरह से तोड़ने के लिए तैयार है. 

दो एकड़ खेत में रोपे गए 40000 पौधों में से अगर कुछ पौधों को मौसम के असर के चलते कम भी कर दें तो भी कम से कम 35000 से 38000 पूरी तरह ग्रोथ और स्वस्थ फल मिल सकते हैं. आमतौर पर एक पाइनएप्पल का औसत वजन 1.2 किलो से लेकर 2 किलो तक होता है. इस हिसाब से दो एकड़ जमीन से एक सीजन में लगभग 45 से 55 टन तक पाइनएप्पल का उत्पादन मिल जाता है.

यह भी पढ़ें: किसान उगाएं लाइचा-महाराजी जैसी धान की किस्में, मेडिकल सेक्टर में भारी है डिमांड

कितनी हो सकती है कमाई?

अब आते हैं इससे होने वाली कमाई के गणित पर. देश की बड़ी फल मंडियों में पाइनएप्पल का थोक भाव सामान्य दिनों में 25 से 35 रुपये प्रति किलो या पीस के हिसाब से 35 से 45 रुपये प्रति फल बहुत आसानी से मिल जाता है. अगर किसान अपनी फसल को सीधे बड़े शहरों के फल व्यापारियों, फ्रूट जूस चेन्स या फिर होटल इंडस्ट्री को सप्लाई करते हैं. तो उन्हें 45 से 50 रुपये प्रति फल तक का रेट भी मिल सकता है. लेकिन मान लीजिए आपको प्रति फल एवरेज 35 रुपये का भी भाव मिलता है. 

तो 36000 फलों की कुल बिक्री से लगभग 12.60 लाख रुपये का ग्रॉस टर्नओवर बन जाता है. इसमें से अगर 3 लाख रुपये की कुल लागत, देखरेख और ट्रांसपोर्ट का खर्च निकाल भी दें तो आपके पास पहले ही सीजन में करीब 9.50 लाख से 10 लाख रुपये का नेट प्रॉफिट बचता है. 


दो एकड़ में पाइनएप्पल से कितनी कमाई होगी, जानें गणित

यह भी पढ़ें: मानसून में मुर्गी फार्मिंग में ये आती है चुनौतियां, इन बातों का रखें ख्याल

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

दो एकड़ में पाइनएप्पल से कितनी कमाई होगी, जानें गणित
दो एकड़ में पाइनएप्पल से कितनी कमाई होगी, जानें गणित
किसान उगाएं लाइचा-महाराजी जैसी धान की किस्में, मेडिकल सेक्टर में भारी है डिमांड
किसान उगाएं लाइचा-महाराजी जैसी धान की किस्में, मेडिकल सेक्टर में भारी है डिमांड
क्या किसानों को रक्षाबंधन पर मिलेंगे 4000 रुपये? जानें पीएम किसान योजना का सच
क्या किसानों को रक्षाबंधन पर मिलेंगे 4000 रुपये? जानें पीएम किसान योजना का सच
1 क्विंटल गन्ने से कितनी चीनी बनती है, क्या है इसका प्रोसेस?
1 क्विंटल गन्ने से कितनी चीनी बनती है, क्या है इसका प्रोसेस?
Advertisement

वीडियोज

Janhit With Chitra Tripathi: Nripendra Mishra...Champat Rai के टारगेट पर क्यों आए? | Donation Scam
Chirag Paswan Exclusive: CM Samrat को लिखी चिट्ठी का क्या राज? EXCLUSIVE बातचीत में खुला राज!
Sandeep Chadhary: राष्ट्रगीत बहाना...मुस्लिम वोटबैंक पर निशाना? | Vande Mataram Row| BJP | Congress
Sugar Price Hike: चीनी के दाम बढ़े तो सरकार ने कसी लगाम, स्टॉक पर रोक | Breaking | New Price
Chitra Tripathi: 2 छंद Vs 6 छंद, राष्ट्रगीत पर जंग क्योंं? विश्लेषकों का विश्लेषण| Vande Mataram Row
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कौन हैं साहिल लोचब, जिसे लेकर FIR दर्ज कराने थाना पहुंचे राहुल गांधी
कौन हैं साहिल लोचब, जिसे लेकर FIR दर्ज कराने थाना पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी के धरना पर गिरिराज सिंह, 'एक पागल होता है और एक…'
राहुल गांधी के धरना पर गिरिराज सिंह, 'एक पागल होता है और एक…'
Irumudi X Review: रवि तेजा का दमदार कमबैक, 'इरुमुडी' देख क्रेजी हुए फैंस, बताया- 'ब्लॉकबस्टर'
रवि तेजा का दमदार कमबैक, 'इरुमुडी' देख क्रेजी हुए फैंस, बताया- 'ब्लॉकबस्टर'
वैभव-ईशान से पाटीदार तक, दिलीप ट्रॉफी में करेंगे धमाल; जानें टूर्नामेंट की सारी डिटेल
वैभव-ईशान से पाटीदार तक, दिलीप ट्रॉफी में करेंगे धमाल; जानें टूर्नामेंट की सारी डिटेल
पाक हाई कमीशन के बाहर बुलडोजर एक्शन पर MEA की प्रतिक्रिया, कहा- उचित जवाब..
पाक हाई कमीशन के बाहर बुलडोजर एक्शन पर MEA की प्रतिक्रिया, कहा- उचित जवाब..
कश्मीर पर गोर का बयान, बिलबिलाया पाकिस्तान, अब आया भारत का जवाब
कश्मीर पर गोर का बयान, बिलबिलाया पाकिस्तान, अब आया भारत का जवाब
क्रिकेट फैंस के लिए परफेक्ट वीकेंड, शनिवार-रविवार टेस्ट क्रिकेट का डबल धमाल
क्रिकेट फैंस के लिए परफेक्ट वीकेंड, शनिवार-रविवार टेस्ट क्रिकेट का डबल धमाल
क्या किसानों को रक्षाबंधन पर मिलेंगे 4000 रुपये? जानें पीएम किसान योजना का सच
क्या किसानों को रक्षाबंधन पर मिलेंगे 4000 रुपये? जानें पीएम किसान योजना का सच
Embed widget