किसानों के बुढ़ापे का सहारा है ये स्कीम, जानें कैसे मिलेगा फायदा?
PM Kisan Mandhan Yojana: बुढ़ापे में किसानों को आर्थिक मदद देने वाली पीएम किसान मानधन स्कीम आखिर कैसे काम करती है? जानें योजना में पेंशन पाने के नियम, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया.

PM Kisan Mandhan Yojana: खेती-किसानी में जिंदगी भर पसीना बहाने के बाद जब उम्र ढलने लगती है. तब किसानों के सामने सबसे बड़ी सवाल होता है अब आगे की जिंदगी के लिए पैसों का इंतजाम कैसे किया जाए. बुढ़ापे में किस शारीरिक रूप से कमजोर हो जाते हैं. ऐसे में वह उतनी मेहनत नहीं कर पाते जितनी पहले कर पाते थे. इस वजह से कई किसानों को अपने जीवन यापन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है. लेकिन अब सरकार ने किसानों के लिए इस समस्या का हल निकाल दिया है.
अब बुढ़ापे में किसान को एक निश्चित पेंशन ले सकते हैं. इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना शुरू की है. जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर किसान को 3000 रुपये तक की पेंशन देने का प्रावधान है. सरकार की इस योजना में किसानों को प्रीमियम के तौर पर बेहद कम रुपये अदा करने होते हैं. चलिए आपको बताते हैं कौन ले सकता है इस योजना में लाभ और कितना देना होगा प्रीमियम तो क्या है आवेदन की प्रक्रिया.
जानिए कौन ले सकता है लाभ?
पीएम किसान मानधन योजना का फायदा देश के सभी छोटे और सीमांत किसान उठा सकते हैं. इस योजना में शामिल होने के लिए किसान की उम्र 18 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए. इसके साथ ही आवेदक किसान के नाम पर 2 हेक्टेयर यानी लगभग 5 एकड़ तक कृषि योग्य भूमि दर्ज होनी आवश्यक है. जो किसान पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे एनपीएस, ईपीएफओ या फिर ईएसआईसी के मेंबर हैं. वह पात्र नहीं माने जाते.
बड़े किसान और इनकम टैक्स भरने वाले लोग इसका लाभ नहीं ले सकते. योजना में जितना मंथली कंट्रीब्यूशन किसान जमा करता है ठीक उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी अपनी तरफ से किसान के पेंशन खाते में डालती है. इस तरह आपका जमा पैसा तेजी से बढ़ता है और 60 की उम्र पूरी होते ही पेंशन सीधे बैंक खाते में शुरू हो जाती है.

किसे कितना प्रीमियम देना होगा?
इस पेंशन स्कीम में मंथली प्रीमियम किसान किस उम्र में स्कीम के लिए अप्लाई कर रहा है उस पर निर्भर करता है. अगर कोई किसान 18 साल की उम्र में योजना से जुड़ता है तो उसे हर महीने सिर्फ 55 रुपये जमा करने होते हैं. 30 साल की उम्र में खाता खुलवाने पर 105 रुपये और 40 साल की उम्र में अधिकतम 200 रुपये हर महीने जमा करने होते हैं.
जो किसान पहले से पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं. ऐसे किसानों को अपनी जेब से अलग से प्रीमियम जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती. वह पीएम किसान की किस्त से ही सीधे पेंशन का कंट्रीब्यूशन कटवाने का ऑप्शन चुन सकते हैं. इससे बिना किसी भागदौड़ के आपका पेंशन खाता रेगुलर क्टिव बना रहता है और प्रीमियम अपने आप समय पर कटता रहता है.
यह भी पढ़ें: सोयाबीन के खेत में पत्तियां पीली पड़ें तो क्या करें, किसान जानें काम की बात
किस तरह किया जा सकता है आवेदन?
पिछले कुछ सालों से सरकारी योजनाओं में आवेदन की प्रक्रियाएं काफी सरल और डिजिटल कर दी गई हैं. पीएम किसान मानधन योजना में आवेदन करने के लिए किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के खसरा-खतौनी के कागजात साथ ले जाना जरूरी होता है. सीएससी संचालक की ओर से बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन के बाद किसान का किसान पेंशन कार्ड तुरंत जारी कर दिया जाता है.
किसान चाहें तो मानधन पोर्टल पर जाकर खुद भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में परिवार की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है. अगर पेंशन मिलने के दौरान किसान की मृत्यु हो जाती है तो उनकी पत्नी को 50 प्रतिशत यानी 1500 रुपये हर महीने फैमिली पेंशन के तौर पर मिलते रहेंगे. अगर कोई किसान बीच में योजना छोड़ना चाहे तो ब्याज सहित उसका जमा पैसा वापस मिल जाता है.

यह भी पढ़ें: फसल खराब हुई लेकिन बीमा का पैसा नहीं आया, कहां करें शिकायत?





















