एक्सप्लोरर

हर खेत को मिलेगा पानी! पीएम कृषि सिंचाई योजना से सस्ते में होगी खेती, जानें कैसे उठाएं लाभ?

PM Agricultural Irrigation Scheme: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाना और सिंचाई के खर्च को कम करना बेहद आसान हो गया है. सरकार की तरफ से योजना में मिलती है मदद.

PM Agricultural Irrigation Scheme: भारतीय खेती में पानी की कमी और सिंचाई का बढ़ता खर्च हमेशा से किसानों के लिए एक बहुत बड़ा सिरदर्द रहा है. मानसून की बेरुखी और डीजल-बिजली के महंगे होते दामों के बीच फसलों को सही समय पर पानी देना किसी चुनौती से कम नहीं है. इसी समस्या का परमानेंट इलाज करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत एक बेहद शानदार कंपोनेंट प्रति बूंद अधिक फसल चला रही है.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर खेत तक पानी की पहुंच बनाना और पानी की बर्बादी को रोकना है. अगर आप भी पारंपरिक तरीके से सिंचाई करके थक चुके हैं और पानी के साथ-साथ अपने पैसे भी बचाना चाहते हैं, तो यह सरकारी योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिसमें सरकार आधुनिक सिंचाई सिस्टम लगाने पर भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है.

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर मिल रही है बंपर सब्सिडी

इस योजना के तहत सरकार किसानों को अपने खेतों में ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) और स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) जैसी आधुनिक तकनीकें लगाने के लिए बंपर फाइनेंशियल हेल्प दे रही है. अगर आप छोटे या सीमांत किसान हैं. तो सरकार आपको इन डिवाइसेज को खरीदने और इंस्टॉल करने पर लागत का 55% तक की भारी सब्सिडी देती है. 

यह भी पढ़ें: धान की फसल बोने से पहले सावधान हो जाएं किसान, पैदावार को आधा कर सकता है ये रोग

वहीं दूसरी तरफ जो अन्य या बड़े किसान हैं. उन्हें भी सरकार की तरफ से 45% तक की तगड़ी छूट मिल जाती है. इस योजना का फायदा उठाकर किसान बहुत ही कम खर्च में अपने पूरे खेत में माइक्रो इरिगेशन का सेटअप तैयार करवा सकते हैं. इस सिस्टम को लगाने के बाद आपको पानी की किल्लत से जूझना नहीं पड़ेगा और आपकी मेहनत भी आधी हो जाएगी.

पानी की भारी बचत 

इस आधुनिक सिंचाई मॉडल को अपनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे खेतों में पानी की लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक की सीधी बचत होती है. ड्रिप सिस्टम से पानी सीधा पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पहुंचता है, जिससे खेतों में फालतू पानी जमा नहीं होता और न ही खरपतवार (घास-फूस) पनपती है. 

लागत में कमी से बढ़ेगा मुनाफा

इस स्कीम से पानी की बचत होने के साथ-साथ खाद और कीटनाशकों का खर्च भी काफी कम हो जाता है. क्योंकि इन्हें पानी के साथ मिलाकर सीधे जड़ों तक भेजा जा सकता है. इससे फसल की क्वालिटी तो लाजवाब होती ही है, साथ ही पैदावार में भी 20 से 30 फीसदी तक की बंपर बढ़ोतरी दर्ज की जाती है. कम लागत में ज्यादा और बेहतरीन उत्पादन मिलने की वजह से किसानों का मुनाफा सीधे तौर पर डबल हो जाता है.

यह भी पढ़ें: गाय के चारे में मिला दें ये चीज, बढ़ जाएगा दूध का उत्पादन

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

गन्ना किसानों को इन मशीनों पर मिलेगी 80% सब्सिडी
गन्ना किसानों को इन मशीनों पर मिलेगी 80% सब्सिडी
मुर्रा भैंस खरीदने पर 75% पैसा देगी सरकार, शुरू कीजिए डेयरी का बिजनेस
मुर्रा भैंस खरीदने पर 75% पैसा देगी सरकार, शुरू कीजिए डेयरी का बिजनेस
बरसात में पशुओं में बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा, इन्हें कैसे बचाएं?
बरसात में पशुओं में बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा, इन्हें कैसे बचाएं?
कार्बोसल्फान पर रोक लगा सकती है सरकार, धान-कपास जैसी फसलों में होता है इस्तेमाल
कार्बोसल्फान पर रोक लगा सकती है सरकार, धान-कपास जैसी फसलों में होता है इस्तेमाल
Advertisement

वीडियोज

Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी
Govinda ने मां Nirmala Devi को खोने का दर्द किया बयां, बोले- लगा सब कुछ खत्म हो गया
Salman Khan की Superhero Film को Greenlight, Raj & DK करेंगे Direct, नवंबर में शुरू होगी Shooting
Ravi Kishan के वायरल Memes पर बोले- Gen Z ने मुझे अपनाया, कहा- यह तो पागलपन है
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
वंदे मातरम बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, शशि थरूर बोले- राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत...
वंदे मातरम बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, शशि थरूर बोले- राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत...
रांची आंदोलन: स्वाति मालीवाल का हमला, 'CJP का एक भी नेता...'
रांची आंदोलन: स्वाति मालीवाल का हमला, 'CJP का एक भी नेता...'
दक्षिण अफ्रीका का बदला कप्तान, पहली बार इस खिलाड़ी को मिली कमान 
दक्षिण अफ्रीका का बदला कप्तान, पहली बार इस खिलाड़ी को मिली कमान 
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
Gen-Z का क्या है चुनावी मुद्दा? आंदोलनों के बीच सर्वे के जवाब ने चौंकाया
Gen-Z का क्या है चुनावी मुद्दा? आंदोलनों के बीच सर्वे के जवाब ने चौंकाया
लोकसभा में कल छात्रों पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल-खरगे की संसद में बैठक
लोकसभा में कल छात्रों पर बयान दे सकते हैं अमित शाह, राहुल-खरगे की संसद में बैठक
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
आरोप से बेदाग बरी होने तक: कैसे अडानी शेयर्स और मार्केट कैप ने की वापसी?
Embed widget