एक्सप्लोरर

PM Fasal Bima Yojana: फसल में लग जाए आग तो सरकार देती है तगड़ा मुआवजा, इस योजना में आज ही जुड़वा लें अपना नाम

PM Fasal Bima Yojana: कभी फसल में आग लग जाना, कभी तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि या बाढ़ फसल को बर्बाद कर देती है. ऐसे में किसान के सामने सबसे बड़ी समस्या आर्थिक नुकसान की भरपाई करना होता है.

PM Fasal Bima Yojana: किसान पूरे साल बीज बोने से लेकर फसल तैयार होने तक दिन-रात खेत में पसीना बहाते और मेहनत करते हैं, लेकिन कई बार प्रकृति घटनाओं के कारण का एक बारी में सारी मेहनत खराब कर देती है. कभी फसल में आग लग जाना, कभी तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि या बाढ़ फसल को बर्बाद कर देती है. ऐसे में किसान के सामने सबसे बड़ी समस्या आर्थिक नुकसान की भरपाई करना होता है. इसी परेशानी को समझते हुए सरकार ने एक खास योजना शुरू की है. इस योजना के तहत सरकार तगड़ा मुआवजा देती है. यह योजना किसानों के लिए किसी सुरक्षा कवच मानी जाती है. अगर आपकी फसल खराब हो जाती है, तो सरकार आर्थिक मदद देकर आपको फिर से मौका देती है. तो आइए जानते हैं कि कौन सी योजना के तहत सरकार मुआवजा देती है और इस योजना में अपना नाम कैसे जुड़वाएं. 

किस योजना के तहत मुआवजा देती है सरकार?

फसल में आग लग जाए तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार अच्छा मुआवजा देती है. यह एक सरकारी बीमा योजना है, जिसमें किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की इनकम को सुरक्षित रखना, खेती को जोखिम से बचाना, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है. 

किन किसानों को मिलता है लाभ?

इस योजना का फायदा लगभग हर किसान उठा सकता है, जैसे अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसान, बटाई (शेयर क्रॉपिंग) पर खेती करने वाले, किराए पर जमीन लेकर खेती करने वाले, अगर आपने खेती के लिए बैंक से लोन लिया है, तो यह बीमा अपने आप लागू हो जाता है. वहीं बिना लोन वाले किसान भी अपनी इच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं. 

किन फसलों पर मिलता है बीमा?

सरकार ने इस योजना में कई तरह की फसलों को शामिल किया है, जैसे अनाज (गेहूं, चावल आदि), दलहन (चना, अरहर आदि), तिलहन (सरसों, सोयाबीन आदि), बागवानी फसलें (फल, सब्जियां) और व्यावसायिक फसलें (कपास, गन्ना आदि), लेकिन ध्यान रखें सरकार के तहत तय (नोटिफाइड) फसलें ही बीमा के दायरे में आती हैं. 

कितना देना होता है प्रीमियम?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है, जिससे यह योजना सभी के लिए सस्ती और आसान बन जाती है. खरीफ फसलों के लिए किसान को बीमा राशि का सिर्फ 2 प्रतिशत देना पड़ता है, जबकि रबी फसलों के लिए यह सिर्फ 1.5 प्रतिशत होता है. वहीं बागवानी और व्यावसायिक फसलों पर किसानों को 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है. वहीं बीमा की बाकी बड़ी रकम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं, जिससे किसानों पर ज्यादा आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और कम खर्च में अपनी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं. 

यह भी पढ़ें - पीएम कुसुम योजना से किसानों को डबल कमाई का मौका, जानें कैसे मिलेगा फायदा

कैसे करें आवेदन?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन करना अब काफी आसान हो गया है. किसान दो तरीकों से इसमें जुड़ सकते हैं. पहला ऑनलाइन तरीका है. जिसमें आप आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाकर घर बैठे फॉर्म भर सकते हैं और आवेदन पूरा कर सकते हैं और दूसरा ऑफलाइन तरीका है. इसके लिए आप अपने नजदीकी बैंक, को-ऑपरेटिव सोसायटी या CSC सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. ध्यान रखें कि बुवाई के 10 दिनों के अंदर ही आवेदन करना जरूरी होता है, तभी आपको योजना का पूरा लाभ मिल पाता है.

फसल खराब हो जाए तो क्या करें?

अगर किसी कारण से आपकी फसल खराब हो जाती है, तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है.सबसे पहले 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को नुकसान की सूचना दें. इसके बाद संबंधित अधिकारी आपके खेत पर आकर नुकसान का जायजा लेते हैं और रिपोर्ट तैयार करते हैं. जब जांच पूरी हो जाती है और नुकसान की पुष्टि हो जाती है, तब मुआवजे की राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है, जिससे आपको जल्दी आर्थिक राहत मिल सके. 

यह भी पढ़ें - अप्रैल में गार्डन को रखें हरा-भरा, गर्मी से बचाने के स्मार्ट तरीके

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Mango Farming: एक ही पेड़ पर कैसे लगाएं अलग-अलग वैरायटी के आम,जान लीजिए मुनाफे का तरीका
एक ही पेड़ पर कैसे लगाएं अलग-अलग वैरायटी के आम, जान लीजिए मुनाफे का तरीका
मूंगफली की बुवाई से पहले भूलकर भी न छोड़ें यह जरूरी काम, वरना कम हो सकती है आपकी पैदावार
मूंगफली की बुवाई से पहले भूलकर भी न छोड़ें यह जरूरी काम, वरना कम हो सकती है आपकी पैदावार
बारिश और जलभराव से नुकसान पर दिल्ली सरकार ने 50% बढ़ाया मुआवजा, किसान कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?
बारिश और जलभराव से नुकसान पर दिल्ली सरकार ने 50% बढ़ाया मुआवजा, किसान कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?
मानसून को कमजोर कर सकता है अल-नीनो, जानें कौन सी फसलों पर सबसे ज्यादा रहेगा असर?
मानसून को कमजोर कर सकता है अल-नीनो, जानें कौन सी फसलों पर सबसे ज्यादा रहेगा असर?
Advertisement

वीडियोज

Malviya Nagar Restaurant Fire: मालवीय नगर से LIVE दर्दनाक तस्वीरें | Delhi Breaking News
Salman Khan के स्टारडम से लेकर Nepotism विवाद तक, Nikhil Dwivedi ने की बेबाक बात; Bobby Deol की भी जमकर तारीफ
May 2026 Car Sales Report: Tata vs Mahindra में कौन बना No.2? Nissan ने किया बड़ा धमाका! #autolive
Bengal Political Crisis: Mamata Banerjee में पार्टी में टूट क्यों? | Ritabrata Banerjee | Sandipan
Firing On Khan Sir Coaching Center: खान सर के कोचिंग पर हमले का VIDEO आया सामने! | Breaking | Patna
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Kuwait Airport Attacked by Iran: कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से हमला, एक भारतीय की मौत, भारतीय विदेश मंत्रालय का आया रिएक्शन
कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से हमला, एक भारतीय की मौत, भारतीय विदेश मंत्रालय का आया रिएक्शन
पश्चिम बंगाल में TMC की टूट पर BJP की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ममता बनर्जी की निर्ममता से...
पश्चिम बंगाल में TMC की टूट पर BJP की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ममता बनर्जी की निर्ममता से...
टेस्ट, वनडे और टी20... न्यूजीलैंड दौरे पर तीनों फॉर्मेट खेलेगी टीम इंडिया; BCCI ने जीरा किया शेड्यूल 
टेस्ट, वनडे और टी20... न्यूजीलैंड दौरे पर तीनों फॉर्मेट खेलेगी टीम इंडिया; शेड्यूल जारी
Box Office Live: बुधवार को भी 'दृश्यम 3' दिखा रही पूरा दम, जानें- 'धुरंधर 2' से 'भूत बंगला' तक की 2 बजे तक की कमाई
Live: बुधवार को भी 'दृश्यम 3' दिखा रही पूरा दम, जानें-'धुरंधर 2' से 'भूत बंगला' तक की 2 बजे तक की कमाई
TMC Political Crisis Live: ममता के हाथ से गई TMC! ऋतब्रत बने नेता प्रतिपक्ष, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा
Live: ममता के हाथ से गई TMC! ऋतब्रत बने नेता प्रतिपक्ष, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा
Explained: 15 हजार करोड़ रुपए का कारोबार और 6 हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स! कैसे नया 'कोटा' बनता जा रहा बिहार?
15 हजार करोड़ रुपए का कारोबार और 6 हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स! कैसे नया 'कोटा' बन रहा बिहार?
बूंद-बूंद पानी के लिए पाकिस्तान कब हो जाएगा मोहताज? भारत के कदम पर जलमंत्री CR पाटिल ने खोला राज
बूंद-बूंद पानी के लिए पाकिस्तान कब हो जाएगा मोहताज? भारत के कदम पर जलमंत्री CR पाटिल ने खोला राज
Tulsi: दुनिया झुक रही है 'श्यामा' के आगे...आखिर क्यों मुस्लिम देशों में मच गई है भारतीय तुलसी की धूम?
मुस्लिम देशों में क्यों बढ़ रही भारतीय तुलसी की मांग?
Embed widget