एक्सप्लोरर

एक बार की मेहनत और 5 साल तक नोटों की बारिश, इस खास सब्जी की खेती किसानों को बना देगी मालामाल

Parwal Farming Tips: परवल की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की तरह है. इसे एक बार लगाकर आप पांच साल तक लगातार मुनाफा कमा सकते हैं.

Parwal Farming Tips: खेती-किसानी में आजकल वही किसान आगे है जो स्मार्ट तरीके से ऐसी फसलों का चुनाव करते हैं. जिसमें लागत कम और मुनाफा लंबे समय तक मिले. ऐसी ही एक जादुई सब्जी है 'परवल', जिसे अगर आपने एक बार अपने खेत में सही तरीके से लगा दिया, तो यह अगले 5 सालों तक आपको लगातार कमाई करके देगी. परवल की डिमांड बाजार में साल भर बनी रहती है. 

और सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी खेती में आपको हर साल नए बीज या बुवाई का झंझट नहीं पालना पड़ता. यह उन किसानों के लिए एक परफेक्ट 'पेंशन प्लान' की तरह है जो कम मेहनत में हर सीजन मोटी रकम कमाना चाहते हैं. अगर आप भी पारंपरिक खेती से हटकर कुछ ऐसा करना चाहते हैं जो आपकी आर्थिक स्थिति बदल दे, तो परवल की खेती आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है.

परवल की खेती की शुरुआत और सही समय

परवल की खेती शुरू करने का सबसे सटीक समय अक्टूबर से नवंबर के बीच का होता है. इसे लगाने के लिए आपको बीज के बजाय इसकी लताओं का इस्तेमाल करना चाहिए. क्योंकि इससे फसल जल्दी तैयार होती है और पौधों के जीवित रहने की संभावना ज्यादा होती है. मिट्टी की बात करें तो दोमट और बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे बेस्ट मानी जाती है.

बस ध्यान रहे कि खेत में जलभराव की समस्या न हो. पौधों को लगाने के लिए करीब 1.5 से 2 मीटर की दूरी पर गड्ढे तैयार किए जाते हैं. जिसमें गोबर की खाद और जैविक उर्वरक डालकर लताओं को रोपा जाता है. यह शुरुआती सेटअप ही आपकी अगले 5 साल की कमाई की नींव रखता है.

यह भी पढ़ें: अपने खेत में ऐसे शुरू करें एवोकाडो की खेती, हो जाएंगे मालामाल

कम लागत में ज्यादा पैदावार का गणित

परवल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें मेंटेनेंस का खर्चा बहुत ही कम है. एक बार पौधे लग जाने के बाद आपको बस समय-समय पर सिंचाई और निराई-गुड़ाई का ध्यान रखना होता है. चूंकि यह एक बेल वाली फसल है. इसलिए अगर आप इसे मचान विधि से उगाते हैं. तो फलों की क्वालिटी और मात्रा दोनों बढ़ जाती है.

मचान पर फल जमीन के संपर्क में नहीं आते, जिससे वे सड़ते नहीं और बाजार में उनकी चमक की वजह से दाम भी ज्यादा मिलते हैं. इसके साथ ही परवल के साथ आप दूसरी छोटी फसलें भी उगा सकते हैं, जिससे आपकी जमीन का अधिकतम इस्तेमाल होता है और लागत लगभग ना के बराबर हो जाती है.

5 साल तक बंपर कमाई और मार्केट डिमांड

परवल की फसल एक बार लगाने के बाद करीब 5 सालों तक फल देती रहती है. सीजन शुरू होते ही हर हफ्ते इसकी तुड़ाई की जा सकती है, जिससे किसानों के पास रेगुलर कैश फ्लो बना रहता है. एक एकड़ में परवल की खेती करके आप लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि शादी-ब्याह के सीजन में और बड़े शहरों की मंडियों में इसकी कीमत काफी ऊंची रहती है. इसके अलावा परवल सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है इसलिए इसकी डिमांड कभी कम नहीं होती. 

यह भी पढ़ें: धान की बंपर पैदावार का सीक्रेट, बुवाई से पहले बस ये काम कर लें किसान, दोगुनी होगी कमाई.

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Subsidy On Coriander Cultivation: खेत में धनिया बोने पर 20 हजार रुपये दे रही सरकार, ऐसे फायदा उठा सकते हैं किसान
खेत में धनिया बोने पर 20 हजार रुपये दे रही सरकार, ऐसे फायदा उठा सकते हैं किसान
किसानों के लिए खुशखबरी, इन 4 मसालों की खेती पर सरकार दे रही है आर्थिक मदद, आज ही उठाएं फायदा
किसानों के लिए खुशखबरी, इन 4 मसालों की खेती पर सरकार दे रही है आर्थिक मदद, आज ही उठाएं फायदा
फसल खराब हुई तो दुकानदार पर गिरेगी गाज, नकली बीज-खाद बेचने वालों के खिलाफ किसान ऐसे दर्ज कराएं अपनी शिकायत
फसल खराब हुई तो दुकानदार पर गिरेगी गाज, नकली बीज-खाद बेचने वालों के खिलाफ किसान ऐसे दर्ज कराएं अपनी शिकायत
राष्ट्रपति भवन में किस-किस चीज की खेती होती है, कौन करता है यहां किसानी?
राष्ट्रपति भवन में किस-किस चीज की खेती होती है, कौन करता है यहां किसानी?
Advertisement

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
मानसून सत्र: ‘फिर वही करने जा रही सरकार’, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लेटर
‘फिर वही करने जा रही सरकार’, संसद में परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लिखा लेटर
JJD की वीणा मानवी ने बताया क्यों रद्द हुआ नामांकन, बोलीं- 'आज नीतीश कुमार CM होते तो…'
JJD की वीणा मानवी ने बताया क्यों रद्द हुआ नामांकन, बोलीं- 'आज नीतीश कुमार CM होते तो…'
22 छक्के, 18 चौके, कौन हैं Andries Gous, जिन्होंने 51 गेंद में बनाए 132; 18.4 ओवर में 267 रन चेज
22 छक्के, 18 चौके, कौन हैं Andries Gous, जिन्होंने 51 गेंद में बनाए 132; 18.4 ओवर में 267 रन चेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
ममता को झटके पर झटका! मदन मित्रा के बाद अब कोयल मलिक का इस्तीफा, भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात
ममता को झटके पर झटका! मदन मित्रा के बाद अब कोयल मलिक का इस्तीफा, भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात
ISRO के 100 साइंटिस्ट के नौकरी छोड़ने के बाद एक्शन में सरकार, अब सख्त किए नियम, जानें आदेश में क्या है
ISRO के 100 साइंटिस्ट के नौकरी छोड़ने के बाद एक्शन में सरकार, अब सख्त किए नियम, जानें आदेश में क्या है
Embed widget