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Digital Land Records: आपकी खेती कहां-कहां... मोबाइल पर कैसे देख सकते हैं, जान लें पूरा तरीका

Digital Land Records: भूमि रिकॉर्ड वह सरकारी डॉक्यूमेंट होता है, जिसमें जमीन के मालिक का नाम, खाता संख्या, खसरा या गाटा संख्या, रकबा नामांतरण और राजस्व राज्य से संबंधी जानकारी दर्ज होती है

Digital Land Records: कई बार गांव में किसानों को अपनी जमीन और खेती के बारे में जानकारी निकालने के लिए बार-बार तहसील या राजस्व कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. लेकिन अब अपनी जमीन, खेत और खेती से जुड़ी जानकारी के लिए किसानों को बार-बार तहसील में या फिर राजस्व कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. दरअसल, देश के कई राज्यों में भूमि अभिलेख को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे किसान घर बैठे मोबाइल फोन पर अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख सकते हैं. चलिए तो अब आपको बताते हैं कि आपकी खेती कहां-कहां है मोबाइल पर आप कैसे देख सकते हैं और इसका तरीका क्या है. 

क्या होता है भूमि रिकॉर्ड?

भूमि रिकॉर्ड वह सरकारी डॉक्यूमेंट होता है, जिसमें जमीन के मालिक का नाम, खाता संख्या, खसरा या गाटा संख्या, रकबा नामांतरण और राजस्व राज्य से संबंधी जानकारी दर्ज होती है. यही डॉक्यूमेंट किसी जमीन के स्वामित्व का आधार माना जाता है. पहले इन रिकॉर्ड को देखने के लिए लोगों को राजस्व विभाग या तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश राज्यों ने इसे ऑनलाइन कर दिया है. इससे किसान और जमीन मालिक के मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपनी जमीन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. 

मोबाइल पर ऐसे देख सकते हैं जमीन की जानकारी 

किसी भी राज्य में भूमि रिकॉर्ड देखने के लिए सबसे पहले संबंधित राज्य की ऑफिशियल भूलेख वेबसाइट पर जाना होता है. वहां जिला, तहसील, गांव, खाता संख्या, गाटा संख्या या जमीन मालिक का नाम दर्ज कर रिकार्ड देखा जा सकता है. कई राज्यों के नाम के आधार पर भी सर्च की सुविधा उपलब्ध है. जबकि कुछ राज्यों में खसरा, गाटा या सर्वे नंबर दर्ज करना जरूरी होता है. रिकॉर्ड देखने के बाद किसान जमीन से जुड़ी जानकारी डाउनलोड या प्रिंट भी करवा सकते हैं. 

कई राज्यों में उपलब्ध है यह ऑनलाइन सुविधा 

देश के लगभग सभी बड़े राज्यों ने भूमि रिकॉर्ड देखने के लिए अलग-अलग पोर्टल शुरू किए हैं. बिहार में भूमि जानकारी, राजस्थान में अपना खाता, मध्य प्रदेश में एमपी भूलेख, महाराष्ट्र में महाभूलेख, हरियाणा में जमाबंदी और झारखंड में जार भूमि जैसे पोर्टल किसानों को ऑनलाइन सुविधा प्रदान कर रहे हैं. इन पोर्टल पर जाकर किसान अपनी जमीन से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. इससे डॉक्यूमेंट निकालने और वेरिफिकेशन करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है. 

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उत्तर प्रदेश में किसान कैसे देखें अपनी जमीन?

उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि रिकॉर्ड देखने के लिए यूपी भूलेख पोर्टल उपलब्ध कराया है. इस पोर्टल पर किसान अलग-अलग तरीकों से जमीन की जानकारी देख सकते हैं. गाटा संख्या के आधार पर, खाता संख्या के आधार पर, खातेदार के नाम पर और नामांतरण की तिथि के आधार पर इन ऑप्शंस की मदद से किसान अपनी जमीन का रिकॉर्ड, खतौनी और दूसरे राज्य से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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