Solar Pump Savings: एक घंटे सोलर पंप की सिंचाई से कितना पैसा बचा सकते हैं किसान, डीजल पंप के मुकाबले कितना सस्ता?
Solar Pump Savings: कई राज्यों में छोटे और मध्यवर्गीय किसानों को हर महीने हजारों रुपये डीजल पर खर्च करने पड़ते हैं. एक नॉर्मल एचपी डीजल पंप 1 घंटे में करीब एक से डेढ़ लीटर डीजल खपत करता है.

Solar Pump Savings: खेती में सिंचाई का खर्च किसानों के लिए लगातार बड़ी समस्या बनता जा रहा है. खासकर डीजल पंप पर निर्भर रहने रहने वाले किसानों को हर साल मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ती जाती है. ऐसे में अब सोलर पंप किसानों के लिए सस्ता और टिकाऊ ऑप्शन बनकर सामने आ रहा है. इससे न सिर्फ खर्च कम हो रहा है, बल्कि आय बढ़ाने के रास्ते भी खुल रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 1 घंटे तक सोलर पंप से सिंचाई कर कितना पैसा बचा सकते हैं और डीजल पंप के मुकाबले इसका कितना हिसाब-किताब बैठता है.
डीजल पंप से सिंचाई पर कितना पड़ता है खर्चा?
कई राज्यों में छोटे और मध्यवर्गीय किसानों को हर महीने हजारों रुपये डीजल पर खर्च करने पड़ते हैं. एक नॉर्मल एचपी डीजल पंप 1 घंटे में करीब एक से डेढ़ लीटर डीजल खपत करता है. मौजूदा कीमतों के हिसाब से यह खर्च 100 से 150 रुपये के बीच पहुंच जाता है. यही वजह है कि एक सीजन में सिंचाई पर बड़ा खर्च होता है, जो सीधे तौर पर किसानों की कमाई को प्रभावित करता है.
सोलर पंप से कितनी होती है बचत?
वहीं डीजल पंप की जगह सोलर पंप का इस्तेमाल करने पर किसानों को डीजल और बिजली पर कोई खर्च नहीं करना पड़ता है. एक बार सिस्टम लगाने के बाद सूरज की रोशनी से ही सिंचाई होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर, किसान सोलर पंप से 1 घंटे सिंचाई करता है तो वह लगभग 100 से 200 रुपये तक की बचत कर सकता है. यह बचत डीजल पंप और बिजली के मुकाबले होती है. इस तरह पूरे सीजन का हिसाब लगाया जाए तो किसान हजारों रुपये की बचत कर सकता है.
ये भी पढ़ें-Farmer ID Registration: इस चीज के बिना रुक जाएगा सरकार योजनाओं से मिलने वाला पैसा, किसान भाई जरूर बनवा लें यह आईडी
पीएम कुसुम योजना से भी मिल रहा सहारा
किसानों को सोलर पंप अपनाने के लिए सरकार की ओर से पीएम कुसुम योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने पर भारी सब्सिडी दी जाती है. कई राज्यों में 60 से 75 फीसदी तक अनुदान मिलता है, जबकि कई जगह पर यह अनुदान 70 से 80 फीसदी तक भी पहुंच जाता है. इससे किसानों को कम लागत में सोलर पंप लगाने का मौका मिल रहा है और वह धीरे-धीरे डीजल पर निर्भरता कम कर रहे हैं.
सोलर पंप खेती के साथ कमाई का नया जरिया भी
सोलर पंप का फायदा सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है. अगर किसान सोलर सिस्टम से एक्स्ट्रा बिजली बनाते हैं तो उस ग्रीड को बेचकर भी कमाई कर सकते हैं. जानकारी के अनुसार, अगर किसान सोलर प्लांट लगाते हैं तो सालभर में बड़ी मात्रा में बिजली तैयार कर उन्हें एक्स्ट्रा आय का मौका भी मिलता है. वहीं, डीजल पंप जहां प्रदूषण बढ़ाते हैं, वहीं सोलर पंप पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल होते हैं. इससे न धुंआ निकलता है और न ही शोर होता है. साथ ही इसका रखरखाव भी आसान होता है.
ये भी पढ़ें-PM Kusum Yojana: खेत की सिंचाई के लिए कैसे मिलता है सोलर पंप, किसान कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























