घर के किचन गार्डन में उगाएं अंगूर, अपनाएं ये तरीका
अब बाजार के महंगे और केमिकल वाले फलों से दूरी बनाइए. अपने घर के किचन गार्डन में ही रसीले अंगूर उगाने का यह तरीका अपनाएं. अंगूर उगाने के लिए किन बातों का रखना होगा ध्यान जान लीजिए पूरी खबर.

- घर पर अंगूर के लिए बड़ा गमला और उपजाऊ मिट्टी चाहिए.
- बीज नहीं, ग्राफ्टेड पौधा लगाएं, मीठे फल को सीधी धूप दें.
- नियमित पानी, खाद, सहारा और छंटाई से बेल की देखभाल करें.
आजकल बाजार में मिलने वाले फल कितने केमिकल और जहरीले विटामिन्स से रंगे होते हैं. यह बात किसी से छिपी नहीं है. फल खरीदने जाओ तो दाम आसमान छू रहे होते हैं और सेहत के नाम पर सिर्फ मिलावट हाथ लगती है. ऐसे में अगर आप अपने घर के किचन गार्डन में ही मीठे और ताजे अंगूर उगाने लगें तो सोचिए कितना मजा आ जाए. बहुत से लोगों को लगता है कि अंगूर जैसी बेल वाली फसल सिर्फ बड़े-बड़े खेतों या अंगूर के बागों में ही उग सकती है.
और इसे घर में नहीं उगाया जा सकता है. तो आपको बता दें ऐसा बिल्कुल नहीं है. थोड़ी सी सही जानकारी के साथ आप अपने घर के किचन गार्डन में ही आराम से अंगूर उगा सकते हैं. बाजार के महंगे और केमिकल वाले फलों से छुटकारा पाने का यह सबसे बढ़िया तरीका है. जान लें कैसे ऑर्गेनिक तरीके से आप अपने घर उगा सकते हैं अंगूर.
इस तरह करें शुरुआत
घर पर अंगूर उगाने की शुरुआत सबसे पहले एक सही और बड़े साइज के गमले से होती है. हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि अंगूर की जड़ें फैलती हैं. इसलिए कम से कम पंद्रह से बीस इंच या उससे बड़ा गमला लेकर आएं. ध्यान रहे कि गमले के नीचे में छेद यानी ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए जिससे एक्सट्रा पानी आसानी से निकल जाए और जड़ें खराब नहीं हो.
अब बात आती है मिट्टी तैयार करने की क्योंकि यहीं काफी अहम पड़ाव होता है. सामान्य मिट्टी में थोड़ी सी गोबर की खाद, बालू रेत और थोड़ी नीम की खली मिलाकर एकदम भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी तैयार कर लें. ऐसी मिट्टी में पानी रुकता नहीं है और बेल को भरपूर पोषण मिलता है. जिससे उसकी ग्रोथ शुरुआती दिनों से ही बहुत तेज और शानदार होने लगती है.

पौधे लगाने का सही तरीका
गमले में अंगूर उगाने के लिए आपको बीज बोने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. क्योंकि बीज से पौधे को फल देने में कई साल लग जाते हैं. हमेशा किसी अच्छी नर्सरी से ग्राफ्टेड पौधा लाकर लगाना चाहिए. अगर आप कटिंग लगा रहे हैं. तो उसे लगभग छह से आठ इंच लंबी पेंसिल जैसी मोटी टहनी काटकर तिरछी डायरेक्शन में मिट्टी के अंदर दबा दें.
पौधे को गमले के बीचों-बीच लगाएं और लगाने के तुरंत बाद उसमें भरपूर पानी डाल दें. जिससे मिट्टी जड़ों के चारों तरफ अच्छी तरह से बैठ जाए. गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां दिनभर में कम से कम पांच से छह घंटे की तेज और सीधी धूप मिलती रहे. क्योंकि अंगूर के मीठे फल पकने के लिए धूप बहुत जरूरी होती है. धूप की कमी होने पर पौधे का ग्रोथ रुक सकती है और फल खट्टे रह सकते हैं.

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अंगूर के पौधे की देखरेख के टिप्स
एक बार जब आपकी अंगूर की बेल गमले में पनपने लगे तो उसकी समय पर सिंचाई और खाद-पानी का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है. गर्मियों के दिनों में मिट्टी सूखने न दें और डेली बेसिस पर पानी डालते रहें. लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि गमले में जलभराव न होने पाए. हर महीने थोड़ी सी नीम खली की गुड़ाई करके देने से बेल को काफी ताकत मिलती है.
इसके अलावा बेल को ऊपर चढ़ाने के लिए एक मजबूत बांस या फिर सहारा के लिए मचान जरूर बनाएं. जिससे वह फैल सके. समय-समय पर सूखी पत्तियों और बेकार टहनियों की हल्की छटाई करते रहें. जिससे नई शाखाएं निकलें और आपके घर के गार्डन में लगे अंगूरों का आप स्वाद ले सकें.
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