MSP पर धान खरीद के लिए फार्मर आइडी जरूरी, इसे कैसे बनवा सकते हैं?
Farmer ID: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के लिए कई राज्यों में फार्मर आईडी की जरूरत पड़ रही है. किसान इसे ऑनलाइन या नजदीकी जन सेवा केंद्र की मदद से बनवा सकते हैं.

Farmer ID Kaise Banaye: धान की फसल तैयार होने के बाद हर किसान चाहता है कि उसे अपनी उपज का सही दाम मिले. इसके लिए कई किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी क्रय केंद्रों में धान बेचते हैं. लेकिन अब उत्तर प्रदेश समेत अब कई राज्यों में धान बेचने के लिए फार्मर आईडी यानी किसान रजिस्ट्री की जरूरत पड़ रही है. ऐसे में अगर आप भी एमएसपी पर धान बेचना चाहते हैं, तो समय रहते अपनी फार्मर आईडी बनवा लें.
फार्मर आईडी किसान की एक खास डिजिटल पहचान है. इसमें आधार से जुड़ी पहचान और जमीन के रिकॉर्ड को जोड़ा जाता है. आगे चलकर इसका इस्तेमाल पीएम-किसान, फसल बीमा, कृषि लोन और MSP पर फसल खरीद जैसी व्यवस्थाओं में किया जा सकता है.
घर बैठे कैसे बनवाएं फार्मर आईडी?
फार्मर आईडी बनवाने के लिए पूरे देश में एक ही ऑनलाइन फॉर्म नहीं है. केंद्र की एग्रीस्टैक पहल के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें अपने पोर्टल के जरिए किसान रजिस्ट्री तैयार कर रही हैं. ऐसे में सबसे पहले अपने राज्य के आधिकारिक फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाएं.
रजिस्ट्रेशन के लिए ये कदम अपनाएं
- अपने राज्य का आधिकारिक किसान रजिस्ट्री पोर्टल खोलें.
- किसान पंजीकरण या किसान के तौर पर लॉगिन करने का विकल्प चुनें.
- आधार नंबर और मोबाइल नंबर के जरिए पहचान का वेरिफिकेशन करें. जरूरत पड़ने पर ओटीपी भरें.
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी और खेती की जमीन का विवरण जांचें.
- जानकारी सही होने पर आवेदन जमा करें. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद फार्मर आईडी जारी की जाएगी.
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उत्तर प्रदेश के किसान कैसे बनवाएं फार्मर आईडी?
इस बार प्रदेश में धान की खरीद फॉर्मर आईडी के आधार पर ही की जाएगी, इसलिए किसान इसे पहले बनवा लें. आप फार्मर आईडी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के आधिकारिक किसान रजिस्ट्री पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in पर जा सकते हैं.
- पोर्टल खोलकर ‘साइन अप’ विकल्प चुनें और अपना आधार नंबर दर्ज करें.
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को भरकर सत्यापन करें.
- मोबाइल नंबर सत्यापित करने के बाद अपना खाता बनाएं और लॉगिन करें.
- लॉगिन करने के बाद ‘Register as Farmer’ विकल्प चुनें.
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, गांव और जमीन से जुड़ा ब्योरा जांचें. जरूरत पड़ने पर खसरा या सर्वे नंबर के जरिए जमीन की जानकारी जोड़ें.
- सभी विवरण सही होने पर सहमति और ई-साइन की प्रक्रिया पूरी करके आवेदन जमा करें.
ऑनलाइन नहीं बन रही तो क्या करें?
अगर घर बैठे रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), कृषि विभाग के कार्यालय या गांव में लगने वाले किसान रजिस्ट्री शिविर में मदद ले सकते हैं. वहां आधार और जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है.
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