बत्तीसी और तोतापुरी बकरी में क्या अंतर है? खरीदने से पहले जान लें
Goat Farming: क्या आप भी बत्तीसी और तोतापुरी बकरी के बीच अतंर नहीं कर पाते? अगर हां, तो यहां जानें दोनों नस्लों की पहचान, वजन और खासियत. साथ ही समझें दूध और मांस के लिए कौन सी बकरी बेहतर हो सकती है.

Battisi vs Totapuri Goat: बकरी पालन गांवों में कमाई का एक अच्छा जरिया बनता जा रहा है. कई किसान खेती के साथ बकरियां पालकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. लेकिन जब बकरी खरीदने की बात आती है, तो अक्सर लोग उसके रंग, कद और कीमत को देखकर फैसला कर लेते हैं. बाजार में बत्तीसी और तोतापुरी जैसे नाम भी सुनने को मिलते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन दोनों में क्या अंतर है और कौन सी बकरी पालना ज्यादा फायदेमंद रहेगा?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बत्तीसी और तोतापुरी हर जगह अलग-अलग मान्यता प्राप्त बकरी की नस्लों के नाम नहीं हैं. कई पशु बाजारों में ये नाम बकरी की पहचान, बनावट या स्थानीय बोलचाल के हिसाब से इस्तेमाल किए जाते हैं. अब दोनों को अलग-अलग नस्लों के रूप में आधिकारिक पहचान भी मिल चुकी है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो की सूची में बत्तीसी को राजस्थान और उत्तर प्रदेश, जबकि तोतापुरी को राजस्थान की नस्ल के रूप में दर्ज किया गया है.
बत्तीसी बकरी की पहचान कैसे करें?
- बत्तीसी बकरी उत्तर प्रदेश के मथुरा और राजस्थान के आसपास के इलाकों में पाई जाती है.
- इसका शरीर आमतौर पर सफेद होता है.
- इसके चेहरे, पेट और पैरों पर काले या भूरे धब्बे दिखाई दे सकते हैं. इ
- सकी नाक थोड़ी उभरी हुई और कान मध्यम से लंबे होते हैं.
एक वैज्ञानिक रिसर्च में बत्तीसी के वयस्क नर का औसत वजन करीब 46 किलो और मादा का करीब 36 किलो पाया गया. इसका पालन दूध और मांस, दोनों के लिए किया जाता है.
तोतापुरी बकरी क्यों है खास?
- तोतापुरी बकरी की सबसे बड़ी पहचान उसका चेहरा है.
- इसकी नाक और मुंह की बनावट कुछ हद तक तोते जैसी दिखाई देती है.
- इसके कान काफी लंबे और नीचे की ओर लटके रहते हैं.
- तोतापुरी आकार में बड़ी और भारी बकरी मानी जाती है.
राजस्थान में किए गए एक रिसर्च में 18 महीने की उम्र तक नर का औसत वजन करीब 89 किलो और मादा का करीब 65 किलो दर्ज किया गया. हालांकि, हर बकरी का वजन इतना होना जरूरी नहीं है.
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दूध और मांस के लिए कौन सी बेहतर?
बत्तीसी और तोतापुरी, दोनों का पालन दूध और मांस के लिए किया जा सकता है. बत्तीसी की खासियत यह है कि इसे चराई के सहारे भी पाला जाता है. वहीं, तोतापुरी का बड़ा शरीर मांस उत्पादन के लिहाज से आकर्षक हो सकता है. हालांकि, ज्यादा वजन वाली बकरी को पर्याप्त चारे और देखभाल की जरूरत भी होती है. इसलिए केवल बड़ी नस्ल देखकर ज्यादा मुनाफे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
बकरी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
बकरी खरीदने से पहले उसकी उम्र, वजन, दांत, चाल और सेहत जरूर जांचें. देखें कि बकरी ठीक से चारा खा रही है या नहीं. अगर दूध के लिए बकरी खरीद रहे हैं, तो उसका दूध निकलवाकर देखें. साथ ही टीकाकरण और पिछली बार बच्चे देने की जानकारी भी लें.
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