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प्रयागराज की ये अनोखी शादी क्यों बनी चर्चा का विषय? @ABPGanga
प्रयागराज में हुई दो युवा जोड़ों की शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।इस अनूठी शादी में दूल्हा -दुल्हन के साथ उनके परिवार के लोग और चंद मेहमान भी थे, लेकिन न मंडप था न ढोल -नगाड़े। न नाच गाना हुआ और न ही शहनाइयां गूंजी। इतना ही नहीं इस ख़ास शादी में न तो फेरे हुए और न ही जयमाल। दूल्हों ने न तो सिर पर सेहरा बांध रखा था और न ही दूल्हनों ने लाल जोड़ा पहना था। मांग भराई और मुंह दिखाई की रस्में भी नहीं हुईं। शादी की पूरी रस्म भी महज़ दो से ढाई मिनट में ही अदा हो गई और इसके बाद शुरू हो गया, ज़िंदगी भर एक -दूसरे का साथ निभाने का सिलसिला।
दरअसल दोनों दूल्हे अविनाश व अमित और दूल्हनें अंजलि व शिवा प्रयागराज में ही रहकर पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे हैं। चारों छात्र संगठन दिशा के सक्रिय सदस्य हैं। यह संगठन छात्रों को कुरीतियों और फिजूलखर्ची से बचने के लिए प्रेरित व जागरूक करता है। इन चारों ने जब परिवार वालों की सहमति से शादी का फैसला किया, तभी यह तय कर लिया था कि शादी के नाम पर न तो एक पैसे खर्च करेंगे और न ही कोई धार्मिक व पारम्परिक रस्में अदा करेंगे।
दरअसल दोनों दूल्हे अविनाश व अमित और दूल्हनें अंजलि व शिवा प्रयागराज में ही रहकर पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे हैं। चारों छात्र संगठन दिशा के सक्रिय सदस्य हैं। यह संगठन छात्रों को कुरीतियों और फिजूलखर्ची से बचने के लिए प्रेरित व जागरूक करता है। इन चारों ने जब परिवार वालों की सहमति से शादी का फैसला किया, तभी यह तय कर लिया था कि शादी के नाम पर न तो एक पैसे खर्च करेंगे और न ही कोई धार्मिक व पारम्परिक रस्में अदा करेंगे।
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