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ये है शाहबेरी का पूरा सच, खुल रहे हैं गुनहगारों के पत्ते Shaberi
एक साल पहले जिस घर की छत के नीचे खुशियां गूंज रही थीं। वो छत ही कफन बनकर लोगों से लिपट गई।जिस बुलंद इमारत में अपना पता दर्ज कराने की खुशी थी, वो अब कब्र पर मलबा बनकर चढ़ी हुई है। यही सच है शाहबेरी का।ये बताता है की कैसे रुपयों के पुजारियों ने लालच में आकर अपने मनसूबों को पूरा किया।देखिए...
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