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जान से ज्यादा जाम की फिक्र है। ABP Ganga
सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए सशर्त शराब की दुकान खोलने का फैसला तो लिया...लेकिन लगता है कि शराब शौकीनों ने सरकार की शर्त को नजरअंदाज करते हुए बस यही कि...ठेके खुल गए...शायद यही वजह है कि दूसरे दिन भी शराब की दुकानों पर लंबी लंबी लाइने नजर आईं...दिल्ली में तो 70 फीसदी महंगी शराब खरीदने के लिए लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया...वहीं एक बार फिर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाईं गईं...
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श्रीप्रकाश सिंह, प्रोफेसरकुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल उत्तराखंड
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