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UP के 'लाठियों वाले कस्बे' की कहानी| Satte Pe Satta| ABP Ganga
बेशक लाठी आज पारंपरिक हथियार से ज्यादा कुछ भी नहीं है, लेकिन कौशांबी का एक गांव ऐसा भी है. जिसके परिवारों की जिंदगियां लाठी के व्यापार पर टिकी हुई हैं और इनकी वजह से आज भी लाठी का व्यापार फल फूल रहा है.
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मेघा प्रसादसीनियर एडिटर (पॉलिटिकल अफेयर्स)
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