CJP के संसद मार्च से पहले केंद्र सरकार के लिए आई मायावती की सलाह, बताया कैसे ठीक होंगे हालात?
UP News: बसपा चीफ और पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि मेडिकल समेत अखिल भारतीय और राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण परीक्षाएं रद्द होने की नौबत आ रही है.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च और संसद के मानसून सत्र से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई है. बीएसपी चीफ ने कहा कि संसद से लेकर सड़कों और दिल्ली के जंतर-मंतर तक विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देश के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हालात को देखते हुए बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिए.
बसा चीफ मायावती ने कहा कि मेडिकल समेत अखिल भारतीय और राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण परीक्षाएं रद्द होने की नौबत आ रही है. इससे युवा और बेरोजगार वर्ग गहरे संकट और अनिश्चितता का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकारों को इस समस्या पर तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए और परीक्षा प्रणाली से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए.
युवा अपने भविष्य को लेकर गंभीर हैं- मायावती
बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में अच्छी सरकारी शिक्षा के अभाव में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि महंगाई के बावजूद परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, जिससे साफ है कि युवा अपने भविष्य को लेकर गंभीर हैं और स्थायी व सम्मानजनक रोजगार चाहते हैं.
कोचिंग संस्थान भ्रष्टाचार मुक्त होने चाहिए- मायावती
पूर्व सीएम मायावती ने सरकारों से मांग की कि कोचिंग संस्थानों पर भ्रष्टाचार मुक्त और प्रभावी निगरानी रखी जाए, लेकिन इसके साथ ही प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकारी शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाया जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की दिशा में ईमानदार प्रयास जरूरी हैं, क्योंकि शिक्षित युवा ही परिवार, समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं.
आंदोलनों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाए सरकार- मायावती
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश का विकास संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी और सभ्य भारत के विजन के अनुरूप होना चाहिए. मायावती ने यह भी कहा कि यदि सरकारें समय रहते इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दें और युवाओं की समस्याओं का समाधान करें, तो लोगों, खासकर युवाओं को आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा. उन्होंने सरकार से आंदोलनों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर समाधान निकालने की अपील की.
























