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लखनऊ में आवास योजना में बड़ा घोटाला, सरकार की नाक के नीचे मकानों की बंदरबांट
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां मायावती सरकार में शुरू की गई कांशीराम आवास योजना में बड़ा गड़बड़झाला हुआ है. दरअसल इस योजना की शुरुआत करते ही यूपी से मायावती की सरकार चली गई थी, जिसके बाद साल 2012 में अखिलेश सरकार ने इस योजना पर रोक लगा दी थी.. लेकिन कॉलोनी के अधूरे काम को तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने पूरा करवा दिया था. फिर जब प्रदेश में योगी सरकार आई, तो कांशीराम आवास योजना में आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन 2011 से इंतजार कर रहे जरूरतमंद लोगों को अबतक मकान नहीं मिल सके, क्योंकि 2018 में पुरानी लिस्ट निरस्त कर नया विज्ञापन निकाला गया. जिसमें सीएम शिकायत पोर्टल पर शिकायत करने वाले लोगों को मकान आवंटित कर दिए गए, जबकि जरूरतमंद इससे महरूम रह गए. हैरानी की बात तो ये है कि बिना योजना में आवेदन किए गए कई लोगों को ये मकान दे दिया गया और उससे भी बड़ी बात ये है कि एक ही परिवार के 5 से 6 लोगों को ये मकान आवंटित कर दिए गए. अब जब पीड़ित परिवार शिकायत कर रहे हैं, तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जा रही है और लौलाई कांशीराम कॉलोनी में कई मकान अबतक ऐसे ही खाली पड़े हुए हैं. यहां कुल 1280 मकान कांशीराम आवासीय योजना के तहत बनाए गए थे.
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