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पानी की कैद में शहर कब थमेगा कहर । FLOOD IN INDIA
अगर आप बाढ़ की विभीषिका को नियति मानकर स्वीकार कर लेना चाहते हैं.. तो इससे ज्यादा गलत कुछ नहीं हो सकता। बाढ़ नियति नहीं है.. क्योंकि वो आएगी.. बार-बार आएगी लेकिन बाढ़ से बचना कैसे है.. काम इस पर करना है। अगर हम बाढ़ से बचने के इंतजाम करेंगे तो जान और माल के नुकसान को कम कर पाएंगे। बाढ़ की हर तस्वीर हमारे लिए चेतावनी है.. चेतावनी हर दिन हमारी तरफ बढ़ते हुए संकट की। वो संकट जो जल जमीन और अनाज के लिए पैदा होने वाला है। हमारे स्मार्ट शहर डूब रहे हैं और बाढ़ की तस्वीर के तौर पर हमारे सिर पर मंडराते संकट की सबसे ताजा गवाही मध्य प्रदेश के शहर इंदौर से आई है।
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Hirdesh Kumar Singh
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