Constitution Day: क्या संविधान पीछे छूट गया और सियासत आगे निकल गई है? | Special Report
आज 26 नवंबर है.. पिछले 6 साल से आज के दिन संविधान दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई है. आज भी पूरी मोदी सरकार संसद के सेंट्रल हॉल में जुटी थी लेकिन पूरे विपक्ष ने संविधान दिवस का बहिष्कार किया और इसी पर प्रधानमंत्री मोदी ने हमला किया. मोदी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अपने लोकतांत्रिक चरित्र खो रही हैं और जो लोकतंत्र के चरित्र को खो दे वो भला लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकता है.. जबकि पूरा विपक्ष मोदी सरकार पर संविधान की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगा रहा है. सवाल ये है कि संविधान के कर्तव्यों का पालन कौन कर रहा है? संविधान की शपथ को कौन निभा रहा है? क्या संविधान बहुत पीछे छूट गया है और सियासत आगे निकल गई है?




























