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देवघर के देवदूतों की जांबाजी का सम्मान । Deoghar Ropeway
रविवार की शाम चार बजे देवघर में त्रिकूट पर्वत पर रोपवे की ट्रालियां आपस में नहीं टकरायी थीं बल्कि कई जिंदगियां मौत से टकरा रही थीं। जिंदगी अपनी हिफाजत के लिए तड़प रही थीं, मौत अपनी जीत के लिए दम लगा रही थी। लेकिन जिंदगी बचाने के लिए हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी, हमारी एनडीआरएफ, आईटीबीपी के जवानों ने अपनी जिंदगी जोखिम में झोंक दी। उनमें रोपवे के लिए काम करने वाले स्टाफ भी शामिल हैं। वो जांबाज वीर देवदूत की तरह त्रिकूट पर्वत के बीच की खाई के ऊपर आसमान में ट्रालियों के पास पहुंचे। लोगों को बचाना शुरु किया। आज इन्हीं देवदूतों को सम्मानित किया जाएगा.
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Hirdesh Kumar Singh
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