बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के समय और प्रक्रिया पर उठे सवाल
बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी घमासान जारी है. विपक्षी दल RJD ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि यह BJP को फायदा पहुंचाने की साजिश है. RJD का कहना है कि '2003 में होने में 2 साल लगे थे, पूरे 2 साल भी हुए थे. 2003 के बाद अभी आलोक जी बोलेंगे. चार में लोकसभा इलेक्शन हुए थे लेकिन जो पहले से वोटर आइडी में जिनका नाम था उसके बेस पे 2004 में इलेक्शन हुआ था. उसका जो वेरिफिकेशन तीन में हुआ था, उसका उपयोग 2005 में हुआ था.' वहीं, BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सरकारी कामों की समीक्षा है और इससे वही डरते हैं जिन्होंने घोटाला किया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया की व्यवहार्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं

























