हेराफेरी का 'महाराष्ट्रनामा'...कितनी हकीकत, कितना फसाना? |
चुनाव में कथित गड़बड़ियों, विशेषकर वोटर टर्नआउट (voter turnout) डेटा पर चर्चा है। एक मुख्य बिंदु वोटर आंकड़ों में 8% के अंतर पर उठाया गया है, कि इतनी महत्वपूर्ण वृद्धि कैसे संभव है, और इस संदर्भ में कहा गया कि "डेमोक्रेसी हमारी तभी मजबूत है जब हर सवाल का जवाब दिया जाए।" बहस में Election Commission की विश्वसनीयता को महत्वपूर्ण बताते हुए, पिछले डेटा में देरी के उदाहरणों का उल्लेख किया गया और EC द्वारा संतोषजनक जवाब देकर जनता का विश्वास बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।चुनाव में कथित गड़बड़ियों, विशेषकर वोटर टर्नआउट (voter turnout) डेटा पर चर्चा है। एक मुख्य बिंदु वोटर आंकड़ों में 8% के अंतर पर उठाया गया है, कि इतनी महत्वपूर्ण वृद्धि कैसे संभव है, और इस संदर्भ में कहा गया कि "डेमोक्रेसी हमारी तभी मजबूत है जब हर सवाल का जवाब दिया जाए।" बहस में Election Commission की विश्वसनीयता को महत्वपूर्ण बताते हुए, पिछले डेटा में देरी के उदाहरणों का उल्लेख किया गया और EC द्वारा संतोषजनक जवाब देकर जनता का विश्वास बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
























