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Nisarga तूफान का काउंटडाउन शुरू, महाराष्ट्र-गुजरात के तटों पर अलर्ट जारी
कोरोना काल में देश पर एक और चक्रवाती तूफ़ान का ख़तरा मंडरा रहा है.दो हफ़्ते में दूसरी बार देश पर तूफ़ान का साया है. पिछली बार उम्पुन तूफ़ान ने देश के पूर्वी तट यानी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाई थी.इस बार ख़तरा पश्चिमी तट यानी महाराष्ट्र और गुजरात पर है.
मौसम विभाग के मुताबिक़ कल शाम या रात के दौरान चक्रवाती तूफ़ान निसर्ग उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तट से टकरा सकता है.तूफ़ान के टकराने के साथ ही उत्तर महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है.इस दौरान 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल सकती हैं.तूफ़ान का असर अगले दिन तक रह सकता है हालांकि तूफ़ान के ख़तरे से निपटने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाक़ों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. NDRF के अलावा नौसेना और कोस्ट गार्ड के जवान भी तैयार हैं. चार जून तक एहतियातन मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है. आम लोगों को भी तटीय इलाक़ों से दूर रहने को कहा गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक़ कल शाम या रात के दौरान चक्रवाती तूफ़ान निसर्ग उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तट से टकरा सकता है.तूफ़ान के टकराने के साथ ही उत्तर महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है.इस दौरान 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चल सकती हैं.तूफ़ान का असर अगले दिन तक रह सकता है हालांकि तूफ़ान के ख़तरे से निपटने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाक़ों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. NDRF के अलावा नौसेना और कोस्ट गार्ड के जवान भी तैयार हैं. चार जून तक एहतियातन मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है. आम लोगों को भी तटीय इलाक़ों से दूर रहने को कहा गया है.
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श्रीप्रकाश सिंह, प्रोफेसरकुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल उत्तराखंड
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