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ढाबे में काम करने वाला लड़का आज कैसे बना इलेक्ट्रिकल इंजीनियर? | Kailash Satyarthi | Bachpan Bachao
साल 2009 में मंदसौर के ढाबे में काम करने वाला 12-13 साल का एक लड़का आज एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है और जॉर्डन में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है. मिलिए शुभम राठौड़ से जिन्हें नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बचपन बचाओ आंदोलन के तहत एक नया जीवन मिला.
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