एक्सप्लोरर
Delhi Floods: Yamuna खतरे के निशान से ऊपर, राजधानी में 1978 के बाद तीसरी सबसे बड़ी बाढ़
पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे तबाही का मंजर है। दिल्ली-NCR में यमुना नदी खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर 207.47 मीटर पर बह रही है। राजधानी में 1978 के बाद यह तीसरी सबसे बड़ी बाढ़ की स्थिति है। यमुना का पानी कश्मीरी गेट, सिविल लाइन्स, वजीराबाद और रिंग रोड तक पहुंच गया है। यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, मजनू का टीला, गढ़ीमंडू और मयूर विहार जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अब तक 14,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दिल्ली में 75,000 से अधिक आबादी प्रभावित हुई है और 10,000 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 38 शेल्टर कैंप लगाए गए हैं और 15,000 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। लगभग 10,000 लोग बेघर हो चुके हैं। निगमबोध घाट पानी में डूबा होने के कारण दाह संस्कार पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली सचिवालय के पार्किंग एरिया तक पानी भर गया है। एक प्रभावित व्यक्ति ने कहा, "सरकार ने 3 दिन से कह रहे कोई मारी मदद नहीं कर रहा है। इतनी मैं परेशान हूँ शुगर की मरीज मते दिल में सब।" पंजाब में सतलज नदी और श्रीनगर में झेलम नदी भी उफान पर हैं, जिससे व्यापक बाढ़ के हालात हैं।
न्यूज़
Sansani: अतीक अहमद के बेटे की दर्दनाक मौत
और देखें
























